23/10/2025
आप सभी को मेरा नमस्कार।
एक कहावत है नाम बड़े और दर्शन छोटे ये बिल्कुल सही बैठ रहा है थामा फिल्म के लिये।
बॉलीवुड वालों का कुछ समझ नहीं आता की वो करना क्या चाहते है?
नकल भी कर रहे है तो पूरी तरह से नहीं कर पा रहे है। थामा फिल्म जो एक तरह से देखा जाये तो हॉलिवुड वालों के ड्रैकूला से प्रेरित तो है पर हमारे बॉलीवुड वालों ने उसमें भारतीय पौराणिक कथाओं को जोड़ कर बेताल बना दिया है।
वो एक मशीन है ना जिसमे इधर से आलू डालो तो उधर से सोना निकलता है कुछ उसी के माफिक बॉलीवुड वालों ने इधर से ड्रैकूला डाला और उधर से निकला बेताल।
थामा एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है जिसमे ना ही ढंग से हॉरर है और ना ही कॉमेडी।
फिर भी ये फिल्म इसलिये भी चल सकती है क्योंकि इसके निर्माता के सर पर "स्त्री " का हाथ है। मतलब इस फिल्म के निर्माता ने ही स्त्री,स्त्री 2,मुंजया,भेड़िया जैसे हॉरर कॉमेडी फिल्म बनाई है।
अब फिल्म तो मैंने देख ली और मेरे हिसाब से फिल्म का विएफएक्स जबरदस्त है पर कहानी औसत।
मतलब नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे मंझे हुये कलाकार, आयुष्मान खुराना जैसे बेहतरीन अभिनेता भी इस कमजोर कहानी में अपना बेहतरीन अभिनय तो दिखा सकते है पर फिल्म अब कैसा प्रदर्शन करती है ये तो दर्शक ही तय करेंगे।
टाइम पास करने के लिये अच्छी फिल्म है एक बार तो देख ही सकते है।
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A***n Shashank