30/10/2024
सीसामऊ सीट : भाजपा के लिये कठिनतम चुनौती है ! दरअसल सीट से टिकट की सबसे मजबूत दावेदारी बैरिस्टर नरेन्द्र जीत सिंह की पुत्रवधू नीतू सिंह की थी. जिसे टीम दिल्ली ने नज़र अंदाज किया. यह जान लीजिये कानपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (
) का आज जो अस्तित्व है उसके दो पिलर रहे. एक, बैरिस्टर नरेंद्र सिंह व उनका परिवार. दो, ईश्वर चंद्र गुप्ता और उनका परिवार .दोनों सीसामऊ विधानसभा से नीतू सिंह को प्रत्याशी बनवाना चाहते थे. इससे पहले मेयर के लिये भी संघ से बैरिस्टर साहब के पुत्र यति सिंह की पत्नी नीतू सिंह के पक्ष में हरी झंडी थी...नीतू नरेंद्र सिंह की बहू के साथ पूर्व सांसद सत्यदेव पचौरी की बेटी भी हैं...! सूत्र कहते हैं कि नीतू को दूसरी बार टिकट नहीं मिलने से कानपुर के स्वयंसेवक खफा है...बैरिस्टर साहब और उनका परिवार बरसों अपनी प्रापर्टी से संघ की सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित करता रहा है.
इसके अतिरिक्त कानपुर पुलिस , प्रसाशन से भी आम आवाम, सामान्य मतदाता खुश नहीं.अलबत्ता उच्च कारोबारी, बिल्डर ज़रूर संतुष्ट बताये जा रहे. परन्तु पूर्ण सत्य यह है कि वोट आम आवाम डालती है. जिन नौ सीटों पर उप चुनाव हो रहा है, उनमें सीसामऊ सबसे छोटी विधानसभा है, यहां सिर्फ 2,69,770 मतदाता हैं. इनमें 1,43,213 पुरुष और 126558 महिला हैं.
# इस सीट का एक लाख मुसलमान नसीम सोलंकी के साथ है और भगवान शंकर के मंदिर निर्माण में इरफ़ान की ओर से आर्थिक मदद का फैक्टर काम करता दिख रहा!
ऐसे में सीसामऊ सीट सपा से छीन पाना भाजपा के लिये " लोहे के चने चबाना" जैसा है ! वैसे भाजपा प्रत्याशी सुरेश अवस्थी को भाजपा के कुछ विधायकों का समर्थन है. पुराने कार्यकर्ता हैं !!!
(कुछ संशोधन के साथ ,ग्राउंड रिपोर्ट: न काहू से दोस्ती )