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17/04/2025
सूरत से बड़ा तो सीरत का पैमाना होता है।ताकत से बड़ी दौलत का  जमाना होता है।रुतबा शोहरत सब कुछ फीकी पड़ जाएगी,जब चेहरे पर...
29/10/2024

सूरत से बड़ा तो सीरत का पैमाना होता है।
ताकत से बड़ी दौलत का जमाना होता है।
रुतबा शोहरत सब कुछ फीकी पड़ जाएगी,
जब चेहरे पर हल्का सा मुस्कुराना होता है।

जिदंगी मे दो शब्द बहुत खास है, 'प्रेम' और 'ध्यान'.. क्योंकि ये अस्तित्व के मंदिर के दो विराट दरवाजे हैं, चाहो तो 'प्रेम'...
24/10/2024

जिदंगी मे दो शब्द बहुत खास है, 'प्रेम' और 'ध्यान'.. क्योंकि ये अस्तित्व के मंदिर के दो विराट दरवाजे हैं, चाहो तो 'प्रेम' से प्रवेश कर जाओ, चाहो तो 'ध्यान' से प्रवेश कर जाओ। शर्त एक ही है: अहंकार दोनों में छोड़ना होता है।

एहसासों की नमी बेहद जरूरी है हर रिश्ते में,,,!!रेत भी सुखी हो तो हाथों से फिसल जाती है,,,,,!!✌️
22/10/2024

एहसासों की नमी बेहद जरूरी है हर रिश्ते में,,,!!

रेत भी सुखी हो तो हाथों से फिसल जाती है,,,,,!!✌️

प्रेम का अर्थ किसी को पाना नहीं हैकिसी में खो जाना है...🥰
21/10/2024

प्रेम का अर्थ किसी को पाना नहीं है
किसी में खो जाना है...🥰

नीलांबर परिधान हरित तट पर सुन्दर है।सूर्य-चन्द्र युग मुकुट, मेखला रत्नाकर है॥नदियाँ प्रेम प्रवाह, फूल तारे मंडन हैं।बंदी...
20/10/2024

नीलांबर परिधान हरित तट पर सुन्दर है।

सूर्य-चन्द्र युग मुकुट, मेखला रत्नाकर है॥

नदियाँ प्रेम प्रवाह, फूल तारे मंडन हैं।

बंदीजन खग-वृन्द, शेषफन सिंहासन है॥

करते अभिषेक पयोद हैं, बलिहारी इस वेष की।

हे मातृभूमि! तू सत्य ही, सगुण मूर्ति सर्वेश की॥

फूल दोस्त की तरह होते हैं; वे आपकी दुनिया में रंग भर देते हैं।” "कल जो फूल खिलेंगे वे वे बीज हैं जो आपने आज बोये हैं।" "...
19/10/2024

फूल दोस्त की तरह होते हैं; वे आपकी दुनिया में रंग भर देते हैं।” "कल जो फूल खिलेंगे वे वे बीज हैं जो आपने आज बोये हैं।" "खुशी या दुख में, फूल हमारे स्थायी मित्र हैं।" "प्रकृति में कोई भी चीज़ पूरे साल नहीं खिलती - अपने प्रति धैर्य रखें।"

जितने ऊँचे ख़याल होते हैंउतनी ऊँची उड़ान होती है.
18/10/2024

जितने ऊँचे ख़याल होते हैं
उतनी ऊँची उड़ान होती है.

न  ये  अंदाज़  बदलेगा,  न  कम ये हौसले होंगे हमारे   नूर   से   रोशन,  हज़ारों  काफ़िले  होंगे हमारी राह के पत्थर किसी दिन ...
29/01/2024

न ये अंदाज़ बदलेगा, न कम ये हौसले होंगे
हमारे नूर से रोशन, हज़ारों काफ़िले होंगे

हमारी राह के पत्थर किसी दिन देख लेंगे खुद
वहीँ से रहगुज़र होगी जहाँ से हम चले होंगे

कुछ दिन से ज़िंदगी मुझे पहचानती नहींयूँ देखती है जैसे मुझे जानती नहीं
25/01/2024

कुछ दिन से ज़िंदगी मुझे पहचानती नहीं
यूँ देखती है जैसे मुझे जानती नहीं

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