Rahul Mehta

Rahul Mehta Rahul Mehta is a social worker & young entrepreneur based at Varanasi. He serves as the President, Tourism Welfare Association (TWA)-Secretary Org.

Vyapar Mandal VNS-Chairman IIA National Tourism Comm.- Member Sahastra Audichya Gujarati Samaj.

पूज्य योगी आदित्यनाथ जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपके नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और जनसेवा के प्रति समर्पण से राष्ट्र...
05/06/2026

पूज्य योगी आदित्यनाथ जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ। आपके नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और जनसेवा के प्रति समर्पण से राष्ट्रहित की यह यात्रा निरंतर नई ऊँचाइयों को छूती रहे। उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामनाएँ। उत्तर प्रदेश को सुशासन, सुरक्षा और विकास के पथ पर अग्रसर करने हेतु आपके अथक प्रयास सदैव प्रेरणास्रोत बने रहें।
MYogiAdityanath

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05/06/2026

Sudhir Chaudhary

Perfect Decode of Our LoP Rahul Gandhi

Spare few minutes to see it ….

‘स्वातंत्र्यवीर जयंती’ राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए असहनीय यातनाएँ सहते हुए अपना सम्पूर्ण जीवन मातृभूमि के चरणों में समर...
28/05/2026

‘स्वातंत्र्यवीर जयंती’
राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए असहनीय यातनाएँ सहते हुए अपना सम्पूर्ण जीवन मातृभूमि के चरणों में समर्पित करने वाले महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी एवं ‘स्वातंत्र्यवीर’ विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर कोटिशः नमन।

उनका अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और संघर्षमय जीवन हम सभी को सदैव राष्ट्रसेवा, त्याग और अटल संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा।

#भारत_माता #वीर_सावरकर #सावरकर_जयंती #स्वातंत्र्यवीर_सावरकर #राष्ट्रभक्ति #देशभक्ति ्रांतिकारी

बड़ी खबर 🚨 सुप्रीम कोर्ट ने SIR को बरकरार रखा।कपिल सिब्बल: SIR, NRC को वापस लाने का एक और तरीका है। ECI नागरिकों से अपनी...
27/05/2026

बड़ी खबर 🚨 सुप्रीम कोर्ट ने SIR को बरकरार रखा।

कपिल सिब्बल: SIR, NRC को वापस लाने का एक और तरीका है। ECI नागरिकों से अपनी नागरिकता साबित करने को कह रहा है, वही बोझ जो विदेशियों पर डाला जाता है 😳

CJI 🔥: "SIR संविधान में नई जान फूंकता है।"

"स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, मतदाता सूची की सत्यनिष्ठा, सटीकता और विश्वसनीयता पर निर्भर करते हैं।"

"इसलिए हम संतुष्ट हैं। ECI के पास पूर्ण संवैधानिक अधिकार हैं।"

SupremeCourt

"नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर"टूरिज्म वेलफेयर एसोशिएशन (TWA) एवं मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ द्वाराका आयोजन किया जा रहा , आप सभी ...
26/05/2026

"नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर"
टूरिज्म वेलफेयर एसोशिएशन (TWA) एवं मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ द्वारा
का आयोजन किया जा रहा , आप सभी से अनुरोध हैं कि अपने स्वास्थ के प्रति जागरूक रहें और इस नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में जरूर आए । इस शिविर में मेदांता हॉस्पिटल के डॉक्टर सहित ६ सदस्यों की एक्सपर्ट टीम मौजूद रहेगी , कृपया अधिक से अधिक संख्या में आए,

साथ ही मेदांता हॉस्पिटल का “Medanta privilege Card” भी बनेगा जिससे भविष्य में भी सदस्यों को स्वास्थ सुविधाएं मिलेगी
बीपी
शुगर
ईसीजी (हार्ट की जांच)
बीएमडी (हड्डी की मजबूती की जाँच)
पीएफटी (फेफड़े के मजबूती की जाँच)
ऑक्सीजन

दिनांक - *28 मई , गुरुवार
सुबह 7:30बजे से दोपहर 11:30 बजे तक
स्थान : क्राफ़्टस्टे बनारस / मेहता संस
पीडब्ल्यूडी रोड , यू पी मोटर पेट्रोल पंप के पास

सभी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना के साथ

आभार सहित
राहुल मेहता
9839266511




सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जमकर धोयाजनहित याचिका या एजेंडा की राजनीति?”सबरीमाला मामले की सुनवाई ...
14/05/2026

सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जमकर धोया
जनहित याचिका या एजेंडा की राजनीति?”

सबरीमाला मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की नौ-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने मूल याचिकाकर्ता इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन पर कड़े सवाल उठाए। CJI जस्टिस सूर्यकांत ने पूछा—“क्या आप देश के मुख्य पुजारी हैं?” और यह भी जानना चाहा कि 2006 में यह याचिका दायर करने के पीछे संस्था का उद्देश्य क्या था, इस धार्मिक मामले में उसका प्रत्यक्ष हित क्या है?

अदालत ने सवाल किया कि क्या किसी संस्था की स्वयं धार्मिक आस्था हो सकती है? जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने भी तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन के पास वकीलों के कल्याण जैसे और कोई काम नहीं हैं?

इसी बीच केंद्र सरकार ने भी अदालत में सबरीमाला मंदिर की पारंपरिक व्यवस्था और महिलाओं के प्रवेश प्रतिबंध के समर्थन में अपना पक्ष रखा।

आज बहस सिर्फ एक मंदिर की नहीं, बल्कि उस प्रवृत्ति की है जहाँ जनहित याचिका के नाम पर आस्था, परंपरा और धार्मिक मान्यताओं को लगातार अदालतों में चुनौती दी जाती है।
क्या यह वास्तविक जनहित है या वैचारिक हस्तक्षेप?
आस्था का सम्मान होगा या एजेंडा की राजनीति चलेगी?

विकास में बाधा डालने वालों पर सुप्रीम कोर्ट:सुप्रीम कोर्ट ने विकास परियोजनाओं को रोकने के लिए लगातार याचिकाएं दाखिल करने...
14/05/2026

विकास में बाधा डालने वालों पर सुप्रीम कोर्ट:
सुप्रीम कोर्ट ने विकास परियोजनाओं को रोकने के लिए लगातार याचिकाएं दाखिल करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया कि अगर हर बड़ी पहल को अदालत में घसीटा जाएगा, तो देश कैसे आगे बढ़ेगा?

“हमें इस देश की एक भी ऐसी परियोजना दिखाइए, जहां इन कथित पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कहा हो कि हम इस परियोजना का स्वागत करते हैं। देश अच्छी तरह प्रगति कर रहा है, हम इस परियोजना का स्वागत करते हैं। हर चीज़ को आप अदालत में घसीट लाते हैं।”

वहीं, ग्रेट निकोबार विकास परियोजना का राहुल गांधी द्वारा विरोध, कांग्रेस पार्टी के बुनियादी ढांचे, विकास और देश के रणनीतिक राष्ट्रीय हितों को लेकर रुख पर नए सवाल खड़े करता है।

13/05/2026

सनातन धर्म के उन्मूलन की बात करने वाले बयान और लगातार हिंदू-विरोधी बयानबाजी कोई अलग-थलग घटनाएँ नहीं, बल्कि एक व्यापक वैचारिक अभियान का हिस्सा हैं। हिंदू आस्थाओं के विरुद्ध भय, विभाजन और सामाजिक ध्रुवीकरण पैदा करने के लिए लगातार एक नकारात्मक नैरेटिव गढ़ा जा रहा है। INDI गठबंधन से जुड़े कुछ स्वरों से हिंदू धर्म के प्रति जो विषवमन दिखाई देता है, उसका उचित रूप से जवाब दिया जाना चाहिए।”

“Statements calling for the eradication of Sanatana Dharma and repeated anti-Hindu rhetoric are not isolated incidents, but part of a broader ideological campaign. A sustained negative narrative is being built against Hindu beliefs to create fear, division, and polarization. The venom against Hinduism from voices within the INDI Alliance, should be dealt with appropriately .

Nitin Nabin

13/05/2026

हिन्दुओं को सोचना होगा

“जब नूपुर शर्मा ने टीवी डिबेट में पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी की—तो देशभर में भारी विवाद हुआ। विरोध प्रदर्शन हुए, अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ आईं, और सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी मौखिक टिप्पणी की।

वहीं जब उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को ‘मिटाने’ की बात कही, तो वैसी ही संस्थागत सख्ती क्यों नहीं दिखी। तीन साल पहले जब स्टालिन ने ये बात कही थी तब से आज तक सुप्रीम कोर्ट मौन है । आज स्टालिन की हिम्मत देखिये वही बात अब फिर विधान सभा में कह रहा है।

जहाँ हिंदू न्याय व्यवस्था से समाधान की उम्मीद करता है, वहीं कट्टर मजहब कानून हाथ में लेने की धमकी या दबाव की राजनीति करते हैं—और यही असमान प्रतिक्रिया पर सवाल खड़े करता है। ऐसे में सवाल उठता है—क्या हिंदुओं को हमेशा चुप रहना चाहिए, या समान संवैधानिक सम्मान और न्याय की अपेक्षा करना उनका भी अधिकार है?”

11/05/2026

शशि थरूर ने दावा किया — “केवल पश्चिम बंगाल में 34 लाख वोटरों के नाम हटाए गए!”
इस पर अन्नामलाई ने तथ्य रखते हुए कहा —
“तमिलनाडु में भी 97 लाख नाम सूची से हटे थे। लेकिन क्या एक भी ऐसा वास्तविक मतदाता सामने आया जिसने कहा हो कि उसका नाम गलत तरीके से हटाया गया?”
#भारत_की_राजनीति #चुनाव #तथ्य_बनाम_प्रोपेगेंडा

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Mehta Silk Museum, Varuna Bridge
Varanasi
221002

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