21/08/2026
रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:
“मैं मुहम्मद हूँ, मैं अहमद हूँ, मैं माही हूँ जिसके ज़रिए अल्लाह कुफ़्र को मिटाता है, मैं हाशिर हूँ जिसके क़दमों पर लोग जमा किए जाएँगे और मैं आक़िब हूँ।”
📖 हवाला: सहीह बुख़ारी, हदीस 3532; सहीह मुस्लिम, हदीस 2354