23/05/2026
*बिलायती बाबा की पुण्यतिथि- शिक्षा, पर्यावरण , स्वास्थ्य और इनोवेशन की यात्रा का संकल्प दिवस*
महान शख्सियतें इतिहास लिखती हैं और जो लोग हमारे गांव और समाज को पिछले 50–60 वर्षों से जानते और समझते हैं, वे आज भी स्वर्गीय विक्रमा सिंह जी और पूज्य विलायती बाबा के समय को गांव का “स्वर्णकाल” मानते हैं। ये वो दौर था जहाँ एक ओर विक्रमा सिंह जी ने दूरदर्शी नेतृत्व, अनुशासन, संस्कार और पूरे समाज को परिवार मानने की भावना के साथ गांव के विकास की मजबूत नींव रखी, वहीं दूसरी ओर विलायती बाबा ने समाज को आत्मा, संस्कार, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना देने का कार्य किया।दोनों एक-दूसरे के पूरक थे और उनका प्रताप इतना की आज भी हमारा गांव संस्कार, विचार और सहयोग में बहुत अच्छा और उच्च मानक रखता है, जहाँ कई जगह आपको सामाजिक ताने बाने ढीले पड़ते जा रहे हैं वहीँ आज भी अच्छी सामाजिक समझ वाले मानेंगे की बासूचक गांव अलग है जिसकी बुनियाद एक पारिवारिक भाव के साथ सबको साथ लेकर चलने की रही है और ये इन्ही विभूतियों की देन है , कुछ अपवाद तो हर जगह होते हैं, पर उनका कुछ किया भी नही जा सकता ।
कई बार दोनों व्यक्तित्वों को उनके जीवनकाल के बाद के समय की भी थोड़ी विवेचना करने पर अनुभव होता है कि शायद उन्हीं दोनों की प्रेरणा, सोच और अदृश्य कृपा का परिणाम था कि लगभग १० वर्ष पहले इंटरमीडिएट कॉलेज बासूचक के ५०वें स्थापना वर्ष पर विलायती बाबा समर कैम्प उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित किया गया, ये एक छोटा प्रयास था अपने ग्रामीण भारत के भविस्य के लिए स्किल डेवेलपमनट के प्रयास का, पर यही से विचारों और कामों के “मंथन” ने आगे चलकर “विक्रम फाउंडेशन” का स्वरुप लिया, उसके बाद से आज शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में जो भी सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं, उनमें कहीं न कहीं इन दोनों महान विभूतियों की प्रेरणा और आशीर्वाद स्पष्ट रूप से अनुभव होता है जिनको कुछ तथ्यों और कार्यों के समय और क्रम के साथ समझा जा सकता है, जैसे विलायती बाबा के पावन प्रांगण एवं गांव के देवालयों से वृक्षारोपण अभियान का आरम्भ होना ,फिर पौधों की सुरक्षा के सुरक्षा हेतु न केवल बासूचक बल्कि अगल बगल के भी ग्रामवासियों के सहयोग से उनकी सुरक्षा हेतु विलायती बाबा के प्रांगण में चहारदीवारी निर्माण का कार्य, यह केवल बस पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा का कार्य नहीं था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति, जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदनशील बनाने का एक प्रयास था और लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन का प्रभाव भी जिसका असर कई लोग महसूस कर सकते हैं , फिर ये कार्यकर्म कई और गावों तक भी गया और अभी भी प्रतिवर्ष वृछारोपण के कार्य को एक पर्व के रूप में बरसात के मौसम में किया जाता है।
अब अगर बात शिक्षा के लिए हो तो माँ विद्यारूपा और माँ ज्ञानदा की कृपा से आज इंटरमीडिएट कॉलेज बासूचक में निरंतर सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर शिक्षा, संगीत, प्रत्येक कक्षा के सामने बरामदा, अच्छी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,अनुशासन एवं आधुनिक सुविधाएँ — और सबसे बड़ी बात यह सभी बच्चों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं, और ये सुविधाएं मिलती रहें इसके लिए विक्रम फाउंडेशन एवं उसके सहयोगिओं द्वारा प्रतिमाह आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है ,अब आगे प्रयास करना है बच्चों के अंदर एंटरप्रेनर स्किल को बढ़ावा देने का और आने वाले समय में उस दिशा में प्रयास होते दिखेंगे । हमारा प्रयास केवल सुविधाएँ देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि समाज का कोई भी बच्चा केवल आर्थिक अभाव के कारण पीछे न रह जाए। कई बार ऐसा अनुभव होता है मानो हमारे गांव की ये दोनों महान विभूतियाँ स्वयं ही इन सकारात्मक कार्यों को आगे बढ़वा रही हों और ये सब संयोग नहीं बल्कि जो लोग आध्यात्मिकता और ऐसे सकारात्मक प्रभाओं और प्रकृति के लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन को मानते हैं, वे इस अनुभूति को स्वयं भी महसूस कर सकते हैं ।
अब अगर स्वास्थ्य से सम्बंधित पहलों पर देखे तो फाउंडेशन द्वारा कई चिकत्सीय शिविर भी लगयाए गए, कोरोना काल में सैकड़ों परिवारों को दवा आदि उपलब्ध कराये गए, हज़ारो लोगो को मड़ई से मास्क अभियान में मास्क मिले तो कई लोगो को काम भी और इसी प्रकार के कई और पहल हुए , पर लगता है अब समय आ गया है कि शिक्षा और पर्यावरण के साथ-साथ स्वास्थ्य और नवाचार के क्षेत्र और ज्यादा सामाजिक चेतना को बढ़ाया जाए और इसके लिए न केवल अपने गांव, बल्कि आसपास के गांवों के समान विचारधारा वाले सकारात्मक लोगों को भी जोड़कर शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और नवाचार (इनोवेशन)की इस ज्योति को आगे बढ़ाया जाए।यदि समाज के सकारात्मक लोग मिलकर निरंतर प्रयास करें, तो आने वाले वर्षों में गांवों में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन संभव है, जो हमारे गांव और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। गांव के हमारे दोनों महान विभूतिओं के आशीर्वाद से हम ये मानते हैं की हम सभी मिलकर इन सभी दिशाओं में ज़रूर और प्रगति कर आगे बढ़ेंगे।
आज जब की बिलायती बाबा की पुण्यतिथि है और विक्रम फाउंडेशन परिवार, पूज्य विलायती बाबा से सदैव प्राप्त स्नेह और आशीर्वाद के लिए हृदय से आभारी है एवं बाबा की पुण्यतिथि पर उनके आशीर्वाद से हो रहे सभी सकारात्मक कार्यों , विचारों और सामाजिक चेतना के इन संकल्पों के साथ विलायती बाबा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है, आप सभी स्वस्थ रहे, सुरछित रहे, अपना और अपनों का ख्याल रखे और बाबा की कृपा आप सभी पर बनी रहे।
बालेश्वर सिंह
विक्रम फाउंडेशन