Satya Prakash Singh

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जनक-नन्दिनी, जग-जननी माँ सीता के प्राकट्योत्सव 'सीता नवमी' की हार्दिक शुभकामनाएँ।https://x.com/i/status/2047906080450379...
25/04/2026

जनक-नन्दिनी, जग-जननी माँ सीता के प्राकट्योत्सव 'सीता नवमी' की हार्दिक शुभकामनाएँ।

https://x.com/i/status/2047906080450379941

भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य उपासक महाकवि सूरदास जीकी जयंती पर कोटि कोटि नमन्।https://x.com/i/status/2046470857728684220
21/04/2026

भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य उपासक महाकवि सूरदास जी
की जयंती पर कोटि कोटि नमन्।

https://x.com/i/status/2046470857728684220

* #प्रेस_वक्तव्य: कॉर्पोरेट जगत में नारी उत्पीड़न व धर्मांतरण के षड्यंत्रों पर लगे लगाम : बजरंग बागड़ा*टीसीएस जैसे मामलो...
21/04/2026

* #प्रेस_वक्तव्य: कॉर्पोरेट जगत में नारी उत्पीड़न व धर्मांतरण के षड्यंत्रों पर लगे लगाम : बजरंग बागड़ा*

टीसीएस जैसे मामलों से आहत विहिप ने भेजा फिक्की जैसे प्रमुख व्यावसायिक संघों को पत्र

नई दिल्ली, 20 अप्रैल 2026। विश्व हिंदू परिषद के महासचिव श्री बजरंग बागड़ा ने व्यापार और उद्योग से जुड़े शीर्ष निकायों से कॉर्पोरेट जगत में काम कर रही महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने फिक्की, सी आई आई, एसोचैम, आईसीसी, बीसीसी, पीएचडीसीआईआई, नैसकॉम जैसे संगठनों को पत्र लिख कर यह अपील की। उन्होंने कॉर्पोरेट जगत से अनुरोध किया है कि वह महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल का वातावरण बना कर राष्ट्र को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाए।

श्री बागड़ा ने हाल ही में नासिक स्थित टीसीएस में हुए घटनाक्रम का हवाला देते हुए उद्योग संगठनों से महिलाओं की सुरक्षा के मामले में तुरंत उचित कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने चेताया कि अगर कॉर्पोरेट जगत की नीतियों और उनके क्रियान्वयन में सुधारात्मक कदमों की कमी पाई गई, तो वीएचपी सभी उपलब्ध संवैधानिक उपायों को अपनाने के लिए विवश होगी। वीएचपी पूरी निष्पक्षता के साथ ऐसे मामलों पर पैनी नजर रखेगी कि क्या कदम उठाए गए हैं या नहीं उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि भारत में व्यापार और उद्योग के शीर्ष निकायों को कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा जैसे अत्यंत संवेदनशील मामले पर ध्यान देकर उचित कदम उठाने चाहिए। बागड़ा ने उद्योग और व्यापार संगठनों का ध्यान टीसीएस में चल रहे धर्म-परिवर्तन के बड़े षड्यंत्र की ओर दिलाते हुए कहा कि ‘शिकारी’ की भूमिका में एक विशेष धार्मिक समुदाय से जुड़े कुछ पुरुष कर्मचारियों ने दूसरे समुदाय की महिला कर्मचारियों के साथ ही पुरुष कर्मचारियों को भी अपना निशाना बनाया।

श्री बजरंग बागड़ा ने कहा कि ये किसी व्यक्तिगत कट्टरपंथी द्वारा किए गए अपराधों के अलग-थलग मामले नहीं हैं, बल्कि सुनियोजित, वित्तपोषित और पेशेवर ढंग से योजनाबद्ध तरीके से सामूहिक षड्यंत्र के मामले हैं। टीसीएस, नासिक मामले में उजागर हुए शुरुआती साक्ष्य कट्टरपंथियों और आतंकवादियों के साथ इन आरोपित कर्मियों की सांठगांठ की आशंका और विदेशी फंडिंग की संलिप्तता की ओर संकेत करते हैं। दूसरे मामलों की अभी ठीक से जांच होना बाकी है।

उनके अनुसार जांच से पता चलता है कि टीसीएस के कार्मिक अधिकारी इन अपराधों में शामिल गिरोहों को प्रश्रय देते थे। वे सुनिश्चित करते थे कि पुरुष 'शिकारियों' की भर्ती और नियुक्ति ऐसी जगहों पर हो, जहां वे महिला कर्मचारियों को प्रभावित कर उनका शोषण कर सकें। यह शोषण केवल उत्पीड़न तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसमें जबरन बीफ खिलाना, बलात्कार, ब्लैकमेल और अंततः धर्म-परिवर्तन कराना भी शामिल था।

विहिप के महासचिव के अनुसार पीड़ित महिला कर्मचारियों की शिकायतों की अनदेखी की गई। शायद ही कभी उनकी शिकायतों को गंभीरता और उचित तरीके से निपटाया गया। टीसीएस का वरिष्ठ प्रबंधन अपनी सुरक्षित कार्य -स्थल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारियों को निभाने में पूरी तरह विफल रहा। प्रबंधन अपनी घोर लापरवाही और कुप्रबंधन के माध्यम से इन अपराधों में मौन भागीदार बन गया। कार्यस्थलों पर महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन बड़े पैमाने पर किया गया।

श्री बागड़ा ने कहा कि पूरा देश कॉर्पोरेट क्षेत्र पर गर्व करता है, जिसने अर्थव्यवस्था के विकास और रोजगार सृजन में भारी योगदान देकर राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है। लेकिन किस कीमत पर! उन्होंने उम्मीद जताई कि कॉर्पोरेट नेतृत्व इस मामले की गंभीरता को समझेगा। इस मामले ने कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और राष्ट्र की सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखने के संबंध में कॉर्पोरेट जगत पर लोगों के सामाजिक विश्वास को हिलाकर रख दिया है।

उन्होंने उद्योग संगठनों से अपील की कि वे अपनी सदस्य फर्मों/कंपनियों को सलाह दें कि वे एक विशेष धार्मिक समुदाय से संबंधित उम्मीदवारों की भर्ती और नियुक्ति के समय बहुत सतर्कता बरतें। बागड़ा ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद चाहती है कि टीसीएस में हुए निंदनीय घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए कॉर्पोरेट जगत की सभी कंपनियां विशेष रूप से कार्मिक विभाग में की गई भर्तियों की गंभीर समीक्षा करते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएं।

श्री बागड़ा ने स्पष्ट किया कि वीएचपी यह नहीं मानती है कि किसी विशेष समुदाय के सभी लोग ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल है। लेकिन जिस तरह का पैटर्न और व्यापकता सामने आई है, वह निश्चित रूप से अतिरिक्त सावधानी और सतर्कता की मांग करती है। उनके अनुसार भर्ती से लेकर नियुक्ति तक और महिला कर्मचारियों के शोषण को रोकने के लिए सतत निगरानी बहुत आवश्यक है। केवल अपने आर्थिक लाभ को साधने की होड़ में अगर कॉर्पोरेट जगत की ओर से कोई भी ढुलमुल या लापरवाही भरा रवैया जारी रहता है, तो यह न केवल समाज और राष्ट्र के हित में नहीं होगा, बल्कि स्वयं उनके अपने दीर्घकालीन हित में भी नहीं होगा। इससे समाज का उन पर से विश्वास और आस्था डगमगाना निश्चित है।

श्री बागड़ा ने यह भी कहा कि विश्व हिंदू परिषद राष्ट्र, संस्कृति और समुदाय के हितों की रक्षा के लिए कटिबद्ध हैं। कॉर्पोरेट जगत की ऐसी गंभीर असावधानी, संलिप्तता और चूकों की अनदेखी नहीं की जा सकती। परिषद कार्मिक नीतियों, कार्यप्रणालियों और व्यवहार में तत्काल प्रभावी सुधार की अपेक्षा करती है।

जारी कर्ता:
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता
विश्व हिन्दू परिषद

https://x.com/i/status/2046215636356047200

21/04/2026
19/04/2026

ये प्रेग्नेंट है से लेकर उसकी बीवी तो सुंदर है तक… जानिए नासिक TCS कांड में जिहादी गैंग के कुकर्मों को धो-पोंछने के लिए क्या तर्क दे रही ‘जमात’, अम्मी-बहन-मौलाना सबको किया एक्टिव

नासिक TCS कांड में मुस्लिम गैंग को बचाने के लिए नई 'जमात' एक्टिव (फोटो साभार : ChatGPT)

नासिक TCS कांड को लेकर पिछले दिनों पूरे देश में हल्ला मचा, लेकिन वामपंथियों की कान में जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने पहले इस मामले में लंबे समय तक चुप्पी साधे रखी और फिर जब बोले तो सीधा मुस्लिम आरोपितों के बचाव पर उतर आए। अब स्थिति ये है कि इस मामले को दबाने के लिए एक नई जमात को एक्टिव किया गया है जो इस खबर में नए-नए एंगल लाकर लोगों को भ्रमित कर रही है। कैसे आइए बताते हैं?

अभी तक मीडिया में आप हिंदू पीड़ितों के साथ हुए अत्याचार की खबरों को पढ़ रहे थे। मगर अब इस केस को ऐसा बनाया जा रहा है कि आपके मन में या तो मुस्लिमों आरोपितों की पीड़ित वाली छवि बने या फिर आपको ये लगे कि कहीं हिंदू ही इस मामले को बेवजगह तूल देकर किसी बेचारे को फँसा तो नहीं रहे है।

प्रेग्नेंसी और संवेदना का पुराना खेल: निदा खान और सफूरा जरगर का ‘विक्टिम’ कनेक्शन
नासिक कांड में कथित तौर पर निदा खान को HR हेड कहा जा रहा है, जिसकी भूमिका सबसे संदिग्ध मानी जा रही है। आरोप है कि निदा खान न केवल इस पूरे गिरोह की जानकारी रखती थी, बल्कि जब पीड़ित हिंदू महिलाओं ने उसके पास शिकायतें भेजीं, तो उसने कोई एक्शन लेने के बजाय उन्हें यह कहकर चुप करा दिया कि ‘ऑफिसों में यह सब चलता है।’ अब जब पुलिस का शिकंजा कसा, तो निदा खान फरार हो गई और अचानक कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए ‘प्रेग्नेंसी’ का तर्क सामने रख दिया। सोशल मीडिया पर एक विशेष जमात ने तुरंत यह शोर मचाना शुरू कर दिया कि एक ‘गर्भवती महिला’ को पुलिस और मीडिया परेशान कर रहा है।

यह ठीक वैसा ही नैरेटिव है जैसा 2020 के दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों के समय देखा गया था। उस वक्त मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल सफूरा जरगर ने भी जेल से बचने के लिए अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला दिया था। तब भी लिबरल गिरोह ने छाती पीटते हुए सफूरा को ‘बेचारी छात्रा’ और ‘स्कॉलर’ बताया था, जबकि उस पर UAPA जैसी गंभीर धाराओं के तहत सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का आरोप था। निदा खान हो या सफूरा, ये लोग जानते हैं कि भारतीय समाज में प्रेग्नेंसी एक संवेदनशील विषय है, इसलिए वे अपने अपराधों की गंभीरता को कम करने के लिए इसे ढाल की तरह इस्तेमाल करते हैं।

‘मेरी बहू सुंदर है तो बेटा क्यों भटकेगा?’: आरोपित की अम्मी का इमोशनल ड्रामा
नासिक TCS कांड के मुख्य आरोपित दानिश शेख की गिरफ्तारी के बाद उसकी अम्मी का एक इंटरव्यू वायरल हो रहा है जिसमें वह फूट-फूटकर रोते हुए अपने बेटे को ‘बेगुनाह’ साबित करने पर तूली है। आरोपित की अम्मी ने तर्क दिया कि उनका बेटा बहुत अच्छा इंसान है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

सबसे अजीबोगरीब दलील जो उन्होंने दी, वो यह थी कि ‘मेरी बहू इतनी सुंदर है, मेरा बेटा किसी और के पीछे क्यों जाएगा?’ यह तर्क देकर उन्होंने उन सभी महिलाओं के आरोपों को सिरे से खारिज करने की कोशिश की जिन्होंने दानिश पर गंभीर यौन शोषण और रेप के आरोप लगाए हैं।

आरोपित दानिश की अम्मी का कहना है कि उनका परिवार पूरी तरह टूट चुका है और उनकी बहू डिप्रेशन में है। वह धर्मांतरण के आरोपों पर कहती हैं कि ‘धर्मांतरण ऐसे नहीं होता, ये काम तो सिर्फ मौलवी करते हैं।’ लेकिन पुलिस की जाँच और दर्ज की गई 9 FIR कुछ और ही कहानी बयाँ करती हैं। जाँच में सामने आया है कि यह एक संगठित नेटवर्क था जहाँ हिंदू लड़कियों पर मानसिक दबाव बनाया गया, उन्हें बीफ खाने को मजबूर किया गया और धार्मिक टिप्पणियाँ की गईं। अम्मी के आँसू अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन वे उन पीड़ित लड़कियों के आँसुओं का जवाब नहीं हैं जिनका शोषण ऑफिस की आड़ में किया गया।

मौलाना और ‘स्क्रिप्टेड’ साजिश: जब कुछ न मिले तो बजरंग दल को कोस दो
इस मामले में एक और एंगल आरोपितों के रिश्तेदारों और मौलानाओं की तरफ से सामने आया। आरोपित रजा मेमन के चाचा रजाक काजी का दावा है कि यह सब कुछ एक ‘साजिश’ है और इसमें बजरंग दल शामिल है। उनका कहना है कि लड़कियों के परिवारों ने बजरंग दल को बुलाया और उनके दबाव में आकर पुलिस ने यह पूरा ‘स्क्रिप्ट’ तैयार किया।

यह एक जाना-पहचाना पैंतरा है, जब भी कोई मुस्लिम आरोपित पकड़ा जाता है, तो उसे ‘मुस्लिम होने की सजा’ या ‘दक्षिणपंथी संगठनों की साजिश’ करार देकर असल अपराध से ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती है। काजी का कहना है कि पुलिस ने पहले एक व्यक्ति को छोड़ा और फिर दोबारा गिरफ्तार कर लिया, जिससे साबित होता है कि सबकुछ पहले से तय था।

लेकिन वे इस बात का जवाब नहीं देते कि अगर सबकुछ स्क्रिप्टेड था, तो मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज हुए उन बयानों का क्या, जिनमें महिलाओं ने आपबीती सुनाई है? नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक के अनुसार, यह मामला एक संगठित नेटवर्क जैसा है जिसमें 18 से 25 साल की लड़कियों को निशाना बनाया गया। मौलानाओं और आरोपितों के रिश्तेदारों द्वारा बजरंग दल का नाम लेना केवल मामले को सांप्रदायिक मोड़ देने की कोशिश है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘मुस्लिम उत्पीड़न’ का रोना रोया जा सके।

आरोपित की बीवी का हिंदू पीड़िता पर वार
TCS के गिरफ्तार कर्मचारियों में से एक की बीवी ने अब मीडिया के सामने आकर नया दावा किया है। उनका कहना है कि दानिश शेख और शिकायतकर्ता महिला के बीच पहले से ‘रिलेशनशिप’ था और सब कुछ आपसी सहमति से हो रहा था। आरोपित की बीवी के अनुसार, “ऑफिस में हर कोई जानता था कि वह महिला दानिश की दीवानी थी और वह घंटों उसके काम खत्म होने का इंतजार करती थी।”

आरोपित की बीवी का कहना है कि उस महिला ने दानिश के लिए रोजा रखना और उसकी पसंद के कपड़े पहनना भी शुरू कर दिया था। अब जब उनके रिश्ते में कड़वाहट आई, तो उसने रेप और धर्मांतरण का आरोप लगा दिया। इस तर्क के जरिए आरोपित की बीवी न केवल दानिश को बचाने की कोशिश कर रही है, बल्कि अन्य 7 गिरफ्तार पुरुषों को भी निर्दोष बता रही है।

आरोपित की बीवी का कहना है कि पुलिस ने अलग-अलग मामलों को जानबूझकर एक साथ जोड़ दिया है। बीवी यह भी सवाल उठाती है कि ‘अगर उसका शौहर घर से शाकाहारी खाना ले जाता था, तो वह किसी को मांसाहार के लिए कैसे मजबूर कर सकता है?’ लेकिन यहाँ गौर करने वाली बात यह है कि पुलिस ने केवल एक नहीं, बल्कि कई महिलाओं के बयानों के आधार पर केस दर्ज किया है।

एक महिला के साथ ‘रिलेशनशिप’ का तर्क देकर उन अन्य पीड़ितों के यौन शोषण और धार्मिक उत्पीड़न के आरोपों को नहीं झुठलाया जा सकता जिन्होंने इस संगठित नेटवर्क के खिलाफ आवाज उठाई है।

वामपंथी-लिबरल इकोसिस्टम की निर्लज्जता: अपराधियों के लिए आँसू, पीड़ितों के लिए खामोशी
नासिक के इस कांड ने एक बार फिर ‘लिबरल और वामपंथी’ गिरोह के दोहरे चरित्र को नंगा कर दिया है। जब तक पीड़ित हिंदू महिलाएँ अपनी गरिमा के लिए लड़ रही थीं, तब तक इन लोगों को ‘साँप सूँघ’ गया था। लेकिन जैसे ही मुस्लिम आरोपितों की गिरफ्तारी हुई, राजदीप सरदेसाई से लेकर अरफा खानम शेरवानी तक, पूरा इकोसिस्टम सक्रिय हो गया। इनके लिए यह ‘यौन शोषण’ नहीं बल्कि ‘रिलेशनशिप में कड़वाहट’ है। इनके लिए यह ‘धर्मांतरण’ नहीं बल्कि ‘मुस्लिम युवाओं को टारगेट’ करने की साजिश है। अरफा खानम ने तो यहाँ तक कह दिया कि मुस्लिमों को जो गिने-चुने रोजगार मिले हैं, उन्हें भी छीना जा रहा है।

नसरीन खान जैसे लोग तो इसे ‘स्मार्ट मुस्लिम लड़कों से हिंदुओं की जलन’ का मामला बता रहे हैं। ये वही लोग हैं जो आतंकियों के मानवाधिकारों के लिए आधी रात को कोर्ट खुलवाते हैं, लेकिन जब हिंदू लड़कियों को ऑफिस के भीतर नमाज पढ़ने या बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया जाता है, तो इनके मुँह से एक शब्द नहीं निकलता। यह गिरोह जानता है कि कब कहाँ रोना है, कब विक्टिम कार्ड खेलना है और कब पीड़ित महिला का ही चरित्र हनन करना है। इनकी यह ‘चुनिंदा संवेदनशीलता’ ही भारत के सामाजिक ताने-बाने के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

1 - 1 जेहादी दर्जनों हिंदू लड़कियों का शिकार कर रहा है, अब कोप्पल, कर्नाटक से जुड़ी जानकारीमुस्तफ़ा खादरी एक हिंदू नर्सि...
19/04/2026

1 - 1 जेहादी दर्जनों हिंदू लड़कियों का शिकार कर रहा है, अब कोप्पल, कर्नाटक से जुड़ी जानकारी

मुस्तफ़ा खादरी एक हिंदू नर्सिंग छात्रा के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। स्थानीय हिंदू युवकों ने उसे घेरा, उसका फ़ोन छीन लिया और उसमें 16 से ज़्यादा हिंदू लड़कियों के अश्लील वीडियो पाए। VHP ने कोप्पल महिला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।उसके एक फ़ोन में: 3,000 वीडियो + 6,000 फ़ोटो; दूसरे फ़ोन में: 3,700 वीडियो + 4,000 फ़ोटो। अगर वह पकड़ा न जाता, तो और कितनी ज़िंदगी बर्बाद हो जातीं?

'लव जिहाद' कोई झूठ नहीं है और न ही कोई प्रोपेगैंडा है! लेकिन एक सच ये भी है के जेहादी जितने अपने जेहाद की तरफ सक्रिय है, जाहिल हिंदू उतने ही मूर्ख है जो इतना सब देखने के बाद भी जेहादी से अपने बच्चों को बचा नहीं पा रहे... प्रताड़ित करने वाले से अधिक बड़ा अपराधी वो है जो चुपचाप प्रताड़ना को सहन करता है... जग जाओ रे मूर्ख हिंदुओं जाग जाओ..कब तक आनी बेटियों को जेहादियों की मौज मस्ती का साधन बनाओगे!!
साभार संगठित हिन्दू फेसबुक पेज से...

18/04/2026

अब्दुल अब केवल पंचर नहीं बनाता!!
स्मार्ट हों गया है, अब वो घरों के अन्दर तक पहुँच रहा है!! विचारणीय है!!

18/04/2026

अब्दुल अब केवल पंचर नहीं बनाता!!
आप के घरों के अन्दर तक पहुँच हों चुकी है!!

विश्व हिंदू परिषद हरनंदी एवं वैशाली महानगर (गाजियाबाद) द्वारा डॉ भीमराव राम जी अंबेडकर जी की जयंती के निमित्त सत्यम हेरि...
17/04/2026

विश्व हिंदू परिषद हरनंदी एवं वैशाली महानगर (गाजियाबाद) द्वारा डॉ भीमराव राम जी अंबेडकर जी की जयंती के निमित्त सत्यम हेरिटेज कनावनी पुलिया इंदिरापुरम में - समरसता संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए विहिप के केंद्रीय सह संगठन महामंत्री श्री विनायक राव देशपांडे।
कार्यक्रम में विभिन्न जाति बिरादरियों के प्रमुख एवं समाज के प्रबुद्ध लोग उपस्थित थे।

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