Hindi SHayari DIL Se

Hindi SHayari DIL Se सब खत्म हो सकता है एक तेरी यादें नही। दील से

25/09/2025
24/01/2024

मैंने अपनी आंखों में आंसू रोक के रखे हैं, जिस दिन जीत जाऊंगा खूब रोऊंगा मैं।
दिल से...

छत्रपति शिवाजी महाराज के समय में कभी भी  किसी औरत का नाच गाना नहीं हुआ। महिलाओं का हमेशा सम्मान किया जाता था चाहे वह दुश...
05/12/2023

छत्रपति शिवाजी महाराज के समय में कभी भी किसी औरत का नाच गाना नहीं हुआ। महिलाओं का हमेशा सम्मान किया जाता था चाहे वह दुश्मन की पत्नी भी क्यों ना हो सभी को अपनी माता और बहन के समान समझा जाता था।

उनका साफ कहना था महिलाओं की गरिमा हमेशा बनाए रखनी चाहिए। बेशक वह महिला किसी भी जाति या धर्म से हो क्यों ना हो!!

28 फरवरी 1678 में, सुकुजी नामक सरदार ने बेलवाड़ी किले की घेराबंदी की। इस किले की किलेदार एक स्त्री थी।

उसका नाम सावित्रीबाई देसाई था। इस बहादुर महिला ने 27 दिनों तक किले के लिए लड़ाई लड़ी। लेकिन अंत में, सुकुजी ने किले को जीत लिया और सावित्रीबाई से बदला लेने के लिए उसका अपमान किया।

जब राजे ने यह समाचार सुना, तो वह क्रोधित हो गए। राजे के आदेशानुसार सुकुजी की आंखें फोड कर उसे आजीवन कैद कर दिया गया।
24 अक्टूबर 1657 को छत्रपति शिवाजी महाराज के आदेश पर सोनेदेव ने जब कल्याण के किले पर घेराबंदी की और उसको जीत लिया। उस समय मौलाना अहमद की पुत्रवधू यानी औरंगजेब की बहन और शाहजहां की बेटी रोशनआरा जो एक अभूतपूर्व सुंदरी थी। जिसको किले में कैद कर लिया गया उसके बाद सैनिकों ने उस रोशनाआरा को जब छत्रपति शिवाजी महाराज के सामने पेश किया तो छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने सैनिकों को यह कहा की यह तुम्हारी पहली और आखरी गलती है। उसके बाद अगर ऐसा अपमानित करने का कार्य किसी भी जाति और धर्म की औरत के साथ किया तो इसकी सजा मौत होगी। फिर एक पालकी सजा कर रोशनआरा को उसके कहने पर उसके महल में भेज दिया गया। इसी प्रकार से शाइस्ता खान ने सन 1663 ईस्वी में कोंकण को जीतने के लिए अपने सेनापति दिलेर खान के साथ एक ब्राह्मण उदित राज देशमुख की पत्नी राय बाघिन (शेरनी) को भेजा तो छत्रपति शिवाजी महाराज ने राय बाघिन और मुगल दिलेरखान को रात में कोल्हापुर में ही घेर लिया और दिलेरखान अपनी जान बचा कर भाग गया। उस समय राय बाघिन को एक सजी हुई पालकी में बैठा कर वापसी उसके घर भेज दिया था।
शिवराय जी कि यह भूमिका थी कि "महिलाओं की गरिमा हमेशा बनाए रखनी चाहिए। बेशक वह किसी भी जाति या धर्म से क्यों ना हो!!"

अगर किसी दुश्मन की पत्नी भी चाहे वह किसी भी धर्म या जाति से हो, लड़ाई में फंस जाती है, तो उसे परेशानी नहीं होना चाहिए। । महाराज के इस तरह के आदेश पत्थर की लकीर होते थे... और उन पर अमल भी शत प्रतिशत होता था।

21/11/2023

बिछड़ते हुए उसको भी मलाल ना था
मैंने भी मुड़ते हुए सिगरेट जला ली थी,
दिल से...

21/11/2023

उस के होटों को अपने होटों से लगाया था
तब से सिगरेट जला कर अपने होठों को जलाते हैं।
दिल से...

13/11/2023

तेरे मुस्कुराने से ही तो मेरी सुबह होती है,
फिर कैसे तुम को रोने दू मैं..?
तेरी बातें तेरी यादें ही तो मेरी जिंदगी है,
फिर कैसे भूल जाऊ अपनी ही जिंदगी को..?
तू मुझ में ही तो समाई है,
फिर कैसे चला जाऊ मैं खुद से ही दूर...?
चंद गलतफहमियां है तेरे मेरे दरमियां,
गलतफहमियों को दर किनार कर आ मिल जाए हम...!!
अब के बर्ष फिर ऐसे मिले के फिर कभी ना हो एक दूजे से दूर...
दिल से...

काश कि कोई शक़्‍स ऐसा मिलेकी उस के मिले सुकून मिलेदिल से... Read my thoughts on
13/11/2023

काश कि कोई शक़्‍स ऐसा मिले
की उस के मिले सुकून मिले
दिल से...


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चलते चलते चप्पल टूट जाने पर ईश्वर को कोसने से बेहतर है नंगे पांव मिट्टी से इश्क कर लेना।~ डॉ उषा दशोरा
02/11/2023

चलते चलते चप्पल टूट जाने पर ईश्वर को कोसने से बेहतर है नंगे पांव मिट्टी से इश्क कर लेना।

~ डॉ उषा दशोरा

हो कृष्ण जिसके सारथीवो रथ भी पीछे जाता हैगांडीव निरर्थक लगता है जब कर्ण सामने आता है #अज्ञात
01/11/2023

हो कृष्ण जिसके सारथी
वो रथ भी पीछे जाता है
गांडीव निरर्थक लगता है
जब कर्ण सामने आता है
#अज्ञात

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