DGM Uttarkashi

DGM Uttarkashi Geology And Mining Deptt. Uttarkashi

पिछले दिनों विभागीय फील्ड कार्यो से तहसील मोरी के क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण हेतु...........
01/10/2025

पिछले दिनों विभागीय फील्ड कार्यो से तहसील मोरी के क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण हेतु...........

नमस्कार दोस्तों........   आज जनपद उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित ग्राम हरेती, जीनेत, गेवला, तलोग व कुमराडा तहसील डुंडा का स्...
19/09/2025

नमस्कार दोस्तों........
आज जनपद उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित ग्राम हरेती, जीनेत, गेवला, तलोग व कुमराडा तहसील डुंडा का स्थलीय भूगर्भीय निरीक्षण राजस्व विभाग, स्थानीय प्रतिनिधि व प्रभावित ग्रामीणों की उपस्थिति में किया गया। प्रभावित ग्रामीणों का दर्द नजदीकी से समझा गया व उनके आशियाने सुरक्षित किये जाने हेतु उन्हें अवगत कराया गया तथा उन्हें आश्वासन दिया गया कि आपके भविष्य की सुरक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाए जायेंगे। उक्त सभी आपदा प्रभावित ग्रामों की भूगर्भीय निरीक्षण आख्या जिलाधिकारी महोदय को प्रेषित की जायेगी।

नमस्कार दोस्तो.......            भूतत्व एंव खनिकर्म विभाग उत्तराखंड के निदेशक महोदय द्वारा प्रदेश में जनपद उत्तरकाशी में...
19/09/2025

नमस्कार दोस्तो.......
भूतत्व एंव खनिकर्म विभाग उत्तराखंड के निदेशक महोदय द्वारा प्रदेश में जनपद उत्तरकाशी में सरकारी विभागों से 13 करोड़ व लक्ष्य के सापेक्ष 25.41 करोड़ राजस्व अर्जित करने पर 15 अगस्त 2025 को निदेशालय में मुझे सम्मानित करने की घोषणा की गयी थी, परन्तु जनपद के गंगा व यमुना घाटी में भारी आपदा के कारण निदेशालय में उपस्थित नही हो पाया था। दिनांक 18 सितंबर 2025 को निदेशालय पहुंचकर निदेशक महोदय द्वारा मुझे मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया है साथ में मुख्य प्रशानिक अधिकारी श्री चमोली जी भी उपस्थित रहें। निदेशक महोदय श्रीमान राजपाल लेघा सर जी का धन्यवाद जो आपने मुझे विभाग में किये गये उत्कृष्ट कार्यो हेतु चयनित किया।

आज आपदा प्रभावित ग्राम सिल्याण, उपतहसील जोशियाड़ा का भूगर्भीय निरीक्षण उपजिलाधिकारी भटवाड़ी, पटवारी, अधिशासी अभियंता लो0नि...
02/09/2025

आज आपदा प्रभावित ग्राम सिल्याण, उपतहसील जोशियाड़ा का भूगर्भीय निरीक्षण उपजिलाधिकारी भटवाड़ी, पटवारी, अधिशासी अभियंता लो0नि0वि0 भटवाड़ी, आपदा प्रबंधन टीम व प्रभावित ग्रामीणों की उपस्थिति में किया गया। गांव के क्षतिग्रस्त भवनों, रास्तों, पेयजल लाइन, खतरे में आये भवनों आदि का निरीक्षण कर जल्द ही सुरक्षा कार्यो के ससमय किये जाने हेतु आख्या जिलाधिकारी महोदय उत्तरकाशी को प्रेषित की जाएगी ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिल सके और गांव का जन जीवन सुचारू रूप से पुनः चल पाये।

ग्राम स्यानाचट्टी, तहसील बडकोट, उत्तरकाशी में कुपडा गदेरे में आये मलवे के कारण यमुना नदी के प्रवाह को रोककर झील बन गयी थ...
22/08/2025

ग्राम स्यानाचट्टी, तहसील बडकोट, उत्तरकाशी में कुपडा गदेरे में आये मलवे के कारण यमुना नदी के प्रवाह को रोककर झील बन गयी थी, जिसकी जांच हेतु आज स्यानाचट्टी में है। गदेरे में आज लगातार मलवा व पानी आ रहा है जो अब यमुना नदी के प्रवाह के साथ बहता जा रहा है। प्रशासन द्वारा झील को आज स्थानीय तकनीकी से खोलने का प्रयास किया गया जिसमें दिन में पानी लगभग 01 मीटर कम हुवा है। झील खोलने के स्थान पर मशीन जाने की व्यवस्था न होने के कारण कल से झील खोलने का मैनुवल प्लान तैयार किया गया है। जिला प्रशासन व आपदा प्रबंधन द्वारा लोगों की रहने आदि की व्यवस्था की गयी है। लगातार सभी प्रभावित लोगों भवनों की सुरक्षा हेतु प्रयास किये जा रहे है।

जनपद मुख्यालय में भारी वर्षा के अलर्ट के बीच दिन में मौसम साफ होने और रात्री को बरसात होने का सिलसिला कई दिनों से लगा हु...
21/08/2025

जनपद मुख्यालय में भारी वर्षा के अलर्ट के बीच दिन में मौसम साफ होने और रात्री को बरसात होने का सिलसिला कई दिनों से लगा हुआ है जिसमें कई बार उत्तरकाशी की लाइफलाइन मानी जाने वाला मुख्य मार्ग जो उत्तरकाशी से देहरादून राजधानी को जोड़ता है वह बार बार नालूपानी व धरासू में बन्द होता जा रहा है जिसमें सम्बंधित विभाग लगातार खोल रहा है। 🌧️ 🌨️
भारी वर्षा के कारण कई दिनों से बड़ेथी से ज्ञानसू मार्ग के बीच बनी "Open Tunnel" के ऊपरी भूभाग में भूस्खलन होने के कारण मलवा टनल के छत पर गिरता जा रहा है, जिसका आज जिलाधिकारी महोदय की उपस्थिति में स्थलीय निरीक्षण किया गया। जिसमें ऊपरी भाग में पूर्व में किया गया ट्रीटमेंट कार्य भी ध्वस्त हो रहा है। स्थल पर मृदा का अधिक आवरण होने तथा बरसाती पानी के बहाव क्षेत्र इसी भूभाग से होने के कारण मलवा व पत्थर के साथ चीड़ के पेड़ भी गिरकर टनल के ऊपर आ रहे है तथा अधिक वर्षा होने के कारण भूस्खलन भूभाग में ऊपरी भाग की ओर बढोत्तरी होने से इनकार नही किया जा सकता है। जिसका ट्रीटमेंट कार्य व टनल के छत पर गिरा मलवा तत्काल हटाया जाना आवश्यक होगा। टनल क्षेत्र के निचले भूभाग की ओर से भी सम्बंधित विभाग द्वारा निगरानी रखी जानी आवश्यक होगी।

21/08/2025

बडकोट के स्यानाचट्टी में यमुना नदी में बनी झील........
तहसील बडकोट के ग्राम स्यानाचट्टी जो बडकोट से यमुनोत्री राजमार्ग पर स्थित है। गक्त माह जुलाईं में आई भारी वर्षा के कारण कुपडा गदेरे में बादल फटने के कारण यमुना नदी के प्रवाह को रोककर अस्थायी झील का निर्माण किया गया है, जिसमें सिंचाई विभाग व प्रशासन द्वारा लगातार 01 माह से झील को खाली करके बस्ती को बचाये जाने हेतु 02 से 03 मशीनें तैनात की गयी थी, तब पानी को बस्ती से दूर किया गया था। आज अचानक यमुना नदी के जल में प्रवाह बढ़ने तथा कुपडा गदेरे में भारी मलवा व पत्थर आने के कारण पुनः यमुना नदी के प्रवाह को रोक किया गया है, जिससे स्यानाचट्टी आबादी व होटल पानी से डुब गये है। जिससे पूरी बस्ती को पहले ही सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। कल से झील के पानी का निकास कार्य हेतु सम्बंधित विभाग व प्रशासन कोशिश करेगा। निचले भागों में स्थित बस्तियों को सूचित किया जाता है कि नदियों के किनारे बिल्कुल न जाये कभी भी रात या सुबह झील स्वतः भी कटाव करके खुल सकती है।

जय हिंद..........15 अगस्त 2025 को विभाग द्वारा दिये गये सम्मान हेतु निदेशक महोदय का धन्यवाद।
15/08/2025

जय हिंद..........15 अगस्त 2025 को विभाग द्वारा दिये गये सम्मान हेतु निदेशक महोदय का धन्यवाद।

जय हिंद जय भारत जय उत्तराखंड.....    जनपद उत्तरकाशी में विभाग द्वारा सौंपे गये कार्यो एंव दायित्वों का निर्वहन पूर्ण लगन...
15/08/2025

जय हिंद जय भारत जय उत्तराखंड.....
जनपद उत्तरकाशी में विभाग द्वारा सौंपे गये कार्यो एंव दायित्वों का निर्वहन पूर्ण लगन एंव निष्ठा के साथ किये जाने के साथ साथ जनपद उत्तरकाशी में अब तक के राजस्व प्राप्ति के प्राप्त लक्ष्य के सापेक्ष सत्र 2024-25 में खनन प्रतिष्ठानों के सीमित संसाधनों के होते हुये भी प्रदेश पहाड़ी जनपदों में सर्वोच्च राजस्व 87% से अधिक प्राप्त करने पर निदेशक महोदय, भूतत्व एंव खनिकर्म निदेशालय, उत्तराखंड देहरादून द्वारा दिनांक 15 अगस्त 2025 को विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है।
वर्तमान में जनपद उत्तरकाशी के धराली-हर्षिल में आयी आपदा में पिछले 07 दिनों से फील्ड में कार्यरत होने के कारण इस सम्मान को लेने हेतु निदेशालय नही जा पाया। इस सम्मान हेतु जनपद में कार्यरत मेरे सभी कार्मिक भी भागीदार है जिन्होंने इस सम्मान को पाने में मेरा सहयोग किया। निदेशक महोदय जी का तहदिल से धन्यवाद।

आपदा प्रभावित क्षेत्र धराली व हर्षिल का विभागीय टीम ने किया स्थलीय भूगर्भीय निरीक्षण:-             सचिव खनन के निर्देशन ...
15/08/2025

आपदा प्रभावित क्षेत्र धराली व हर्षिल का विभागीय टीम ने किया स्थलीय भूगर्भीय निरीक्षण:-
सचिव खनन के निर्देशन पर उत्तराखंड शासन, औधोगिक विकास विभाग द्वारा गठित भूवैज्ञानिक दल द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्र धराली-हर्षिल में क्षेत्रीय भ्रमण किया गया। भूवैज्ञानिक दल द्वारा दिनांक 05 अगस्त 2025 को ग्राम धराली आपदाग्रस्त का भूगर्भीय निरीक्षण करते हुए सम्भावित खतरे एंव बचाव हेतु उपाय का अध्ययन किया गया।
दल द्वारा हर्षिल में विशेष रूप से नगर के सामने ऊपरी हिस्से में और सेना शिविर के पास एक स्थानीय धारा (गदेरा) तेलगाड़ तीव्र वर्षा के कारण सक्रिय हो गई। इस गदेरे में बड़ी मात्रा में मलबा और पानी आकर भागीरथी नदी के संगम पर जमा हो गया और एक बड़ा जलोढ़ पंख बना दिया। इस पंख ने भागीरथी नदी के मूल चैनल को बाधित कर दिया और नदी के दाहिने किनारे पर एक अस्थायी झील का निर्माण किया। इस नई बनी झील की लंबाई लगभग 1,500 मीटर थी और इसकी अनुमानित गहराई 12 से 15 फीट थी। जलभराव ने न केवल राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से और एक हेलीपैड को डुबो दिया, बल्कि हर्षिल नगर को भी गंभीर खतरा पैदा कर दिया, जिससे नगर की जमीन के तल का क्षरण हो रहा था। इस घटना ने भागीरथी नदी के स्थलाकृति को काफी बदल दिया। पहले दाहिने किनारे पर स्थित रेत का टीला कट किया गया, जबकि कटे हुए रेत के टीले के विपरीत बाईं ओर ताजा अवसाद जमा हो गया, जिससे हर्षिल नगर का उत्तरी भाग उजागर हो गया। इस क्षेत्र में निरंतर तल का क्षरण पहले से ही आंशिक संरचनात्मक क्षति का कारण बन चुका था, जिसमें जीएमवीएन गेस्ट हाउस के एक हिस्से की हानि शामिल थी।

उक्त कार्य योजना में भूतत्व एंव खनिकर्म निदेशालय, उत्तराखण्ड के भूवैज्ञानिक दल में जी0डी0 प्रसाद, संयुक्त निदेशक, श्री रवि नेगी, सहायक भूवैज्ञानिक, श्री प्रदीप कुमार, सहायक भूवैज्ञानिक , स्वप्निल मुयाल पुलिस क्षेत्राधिकारी व उनके एस0डी0आर0एफ0 दल तथा सिंचाई विभाग उत्तरकाशी के अधिकारी/कर्मचारी द्वारा उक्त कार्ययोजना को धरातल पर संपादित किया ।

आपदा प्रभावित ग्राम धराली, तहसील भटवाड़ी, उत्तरकाशी में शासन द्वारा संयुक्त निदेशक, गढ़वाल श्री जी0डी0 प्रसाद सर जी के नेत...
13/08/2025

आपदा प्रभावित ग्राम धराली, तहसील भटवाड़ी, उत्तरकाशी में शासन द्वारा संयुक्त निदेशक, गढ़वाल श्री जी0डी0 प्रसाद सर जी के नेतृत्व में भूतत्व एंव खनिकर्म विभाग की 03 सदस्यीय भूवैज्ञानिक टीम द्वारा निरीक्षण किया गया, जिसमें धराली में आयी आपदा के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कार्य जारी है, टीम 02 दिनों से लगातार कार्य कर रही है, जिसकी आख्या शासन को प्रेषित की जायेगी।

नमस्कार.........          जनपद उत्तरकाशी का ग्राम धराली जो हर्षित क्षेत्र का एक आर्थिकी को मजबूत करने वाला गांव था, जंहा...
08/08/2025

नमस्कार.........
जनपद उत्तरकाशी का ग्राम धराली जो हर्षित क्षेत्र का एक आर्थिकी को मजबूत करने वाला गांव था, जंहा प्रतिवर्ष सेब के बागानों से कई कुंतल सेब उत्पादन तथा कई कुंतल राजमा का उत्पादन होता आया है। दिनांक 5 अगस्त 2025 को लगभग 1.40 मिनट पर खीर गंगा खाला जो धराली गांव के बीचों बीच बहकर गंगोत्री हाइवे को पार करते भागीरथी नदी में मिलता है। उस गदेरे में भारी मलवा व पानी आने के कारण आबादी व बाजार को पूर्णतः नष्ट कर दिया गया है।
खीर गंगा गदेरा कोई बरसाती गदेरा नही है क्योंकि इसका कनेक्शन ऊपरी भाग में स्थित ग्लेशियरों से था, जिसमें पानी आता ही रहता है बल्कि बरसात व गर्मियों में ग्लेशियर पिघलने के कारण यंहा पानी अधिक मात्रा मे आता रहता है। धराली गांव के इस बसावट को यदि भूवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाय तो निचली आबादी खीर नाले के द्वारा कालांतर में बहाकर लाये गये मलवे के निक्षेपण से बना भूभाग है, जिसमें कुछ समय मलवा स्टेबल होने के कारण लोगों के द्वारा पहले खेती योग्य बनाकर फिर यात्रा मार्ग होने के कारण यंहा व्यावसायिक गतिविधियों हेतु होटल, होमस्टे व रेस्टोरेंट का निर्माण किया गया है। खीर गदेरे का यदि एलाइनमेंट देखा जाय तो कई वर्षों पूर्व गदेरा उसी स्थान की ओर रहा होगा जंहा अब प्रवाहित हुवा है। घटना से पूर्व गदेरे का समरेखण नाले के मध्य भागों से दांयी ओर होने के कारण उसे उसी स्थान की ओर सुरक्षा दीवारों के माध्यम से मोड़ा गया है जंहा पहले बाई ओर मलवा जमा होने से खुद ही दांयी ओर प्रवाहित हुवा है। नाले के किनारे वाले भागो में कठोर चट्टानी भूभाग न होने तथा मलवे में कोई स्टेबिलिटी न होने तथा अपहिल दिशा से अधिक ग्रेडिएंट होने के कारण सारा मलवा व पानी उसी स्थान की ओर जाकर जंहा पूर्व में रह होगा कि कारण नुकसान हुआ है। भगवान सभी लोगों की आत्मा को शांति प्रदान करें जो इस महाप्रलय की घटना में अभी तक लापता है तथा उनके परिजनों को दुख सहने की क्षमता दें।
सरकार को उत्तराखंड में ऐसे स्थानों की तकनीकी समिति द्वारा डिटेल्स सर्वे कराकर स्थल चिन्हित कराये जाय जंहा बरसाती गदेरे, ग्लेशियर गदेरे, नदियों के किनारे, भूस्खलन भूभाग, तीव्र ढालदार भूभागों में भवन निर्माण, आबादी, बाजार बसे है उनको हटवाकर या सुरक्षा कार्य किये जाने उपरांत लोगों के जीवन को तकनीकी ढंग से बचाया या घटनाएं कम की जा सकती है। स्थानीय लोगों को इस बारे में जागरूक करना पड़ेगा व जो लोग ऐसे स्थानों में भवन/दुकान का जबरदस्ती निर्माण करते है उन पर शक्ति भी करनी आवश्यक है। तभी हम लोग उत्तराखंड को आपदा मुक्त बना सकते है।

Address

Ladadi
Uttarkashi
249193

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when DGM Uttarkashi posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category