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छोटी सी जिंदगी है हंस कर जियो क्योंकि लौटकर सिर्फ़ यादें आती है वक्त नहीं..
25/12/2024

छोटी सी जिंदगी है हंस कर जियो क्योंकि लौटकर सिर्फ़
यादें आती है वक्त नहीं..

30/11/2024
Connected to nature ❤️
24/11/2021

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आज सुबह ही The Alchemist किताब पढ़ी और गाँव की यादें फिर से ताजा हो गयी थी। कहानी में एक बकरी चराने वाले लड़के से शुरू होत...
20/10/2020

आज सुबह ही The Alchemist किताब पढ़ी और गाँव की यादें फिर से ताजा हो गयी थी। कहानी में एक बकरी चराने वाले लड़के से शुरू होती है जिसके सपने में इजिप्ट में पिरामिड के नीचे एक खज़ाना छुपा हुआ है । बस असल कहानी यहीं से शुरू होती है । हम पहाड़ी लोंगों की कहानी भी यहीं से शुरू हो जाती है। दूर के कोई मामा कहते है तू एक बार 12 के पेपर दे दे फिर दिल्ली या मुम्बई में तेरी कोई बढ़िया सी नौकरी लगवा दूँगा। और ये वादे तब होते हैं जब आप कच्ची उम्र के होते हैं। जैसे जैसे आप बड़े होते हैं और फौज की भर्ती भी नहीं निकाल पाते हैं और ईजा बाबू के पास पैसे की कमी हैं। वैसे वैसे उन दिल्ली वाले मामा और चाचा के फ़ोन आने कम हो जाते हैं फिर गाँव में अपनी इज्जत के खातिर आपको शहर लेकर चले जाते हैं लेकिन दिल में तब ठेस लगती है जब वो कमरे का किराया और सब्जी के दामों का एक कॉपी में लिखने लगते हैं। जैसे तैसे आप की एक जॉब लग जाती है और आप धीरे धीरे उन पर विश्वास करने लग जाते हैं फिर वो एक दिन कहते हैं यार तू अपने लिए एक अलग कमरा ढूंढ ले अगले महीने से तेरी चाची आने वाली हैं। फिर पता चलती है हमें जिंदगी की असलियत। शाम होते ही खाना बनाना और फिर छत में जाकर सो जाना । फिर सुबह मक्खियों की बिन बिनाहट से नींद खुलना और ड्यूटी में जाने के लिए खाना बनाना। कभी कभार फेसबुक में अपने दोस्तों की आर्मी की भर्ती की फ़ोटो देखकर खुद को मन ही मन में कोसना। और आजकल के लौंडे जो गाँव की फ़ोटो खींच के डालते हैं तो शरीर में सिहरन सी हो जाती है। जैसे The Alchemist की कहानी के अंत सेंटिआगो को पता चलता है खज़ाना इजिप्ट में नहीं खज़ाना तो वहाँ था जहाँ वो अपनी बकरियों को चराता था। यहीं कहानी हर उस आदमी के लिए है जो अपने घर से दूर है। हम स्वर्ग को छोड़कर स्वर्ग की तलाश में आये और ये हमें तब पता चला जब हमने शहर में ठोकरें खाई। कहानी का मूल मंत्र था अपनी दिल की सुनो और चल दो।

थक जाओगे अगर कभी दुनिया की महफिलों से,तो हमें आवाज़ देना हम आज भी अक्सर अकेले रहते हैं।
09/01/2019

थक जाओगे अगर कभी दुनिया की महफिलों से,
तो हमें आवाज़ देना हम आज भी अक्सर अकेले रहते हैं।

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