Jan suraaj Turkauliya East Champaran

Jan suraaj Turkauliya East Champaran political

07/05/2026

महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों पर फिर मराठी भाषा थोपने की कोशिश।
सुनिए, पिछले साल बिहारियों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर पीके ने क्या कहा था?

25/04/2026
25/04/2026

कंगाल हुई बिहार सरकार, रिजर्व बैंक से 12 हजार करोड़ का कर्ज मांगा !!

25/04/2026

न विधायक, न मंत्री फिर भी नेता जी के बेटे की Z सिक्योरिटी पर हर महीने 20 लाख का खर्च, और बिहार के युवा जो स्टेशनों पर धक्का खा रहे हैं उनकी सुध कौन लेगा?

*राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं*
25/04/2026

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24/04/2026

बिहार में फैक्ट्री लग जाएगी तो गुजरात में 12 हजार में काम करने वाला नौजवान कहां से मिलेगा?

23/04/2026

सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन अटकी, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के हजारों छात्र-छत्राओं की फीस रुकी, विधवा और दिव्यांग लाभार्थी को रकम का इंतजार, बिहार का खजाना खाली हो गया क्या सरकार?

राजनीति में आना मुश्किल क्यों है?​अक्सर युवाओं के मन में यह सवाल आता है कि उनके लिए राजनीति की राह इतनी कठिन क्यों है? इ...
30/03/2026

राजनीति में आना मुश्किल क्यों है?
​अक्सर युवाओं के मन में यह सवाल आता है कि उनके लिए राजनीति की राह इतनी कठिन क्यों है? इसके कुछ मुख्य कारण हैं:
​संसाधनों का अभाव: पारंपरिक राजनीति में धनबल और बाहुबल का वर्चस्व रहा है, जिससे एक आम युवा खुद को असुरक्षित महसूस करता है।
​अनुभव की कमी का ठप्पा: समाज अक्सर जोश को तो देखता है, लेकिन अनुभव के नाम पर युवाओं को पीछे धकेल दिया जाता है।
​परिवारवाद और पुरानी सोच: कई क्षेत्रों में आज भी पुरानी पीढ़ी का कब्जा है, जो नए विचारों को स्वीकार करने में समय लेती है।
​यह सार्थक क्यों नहीं हो पाता?
​युवा जोश के साथ मैदान में तो उतरते हैं, लेकिन कई बार उनकी कोशिशें सफल नहीं हो पातीं क्योंकि:
​निरंतरता की कमी: चुनाव हारने के बाद कई युवा सक्रिय राजनीति से गायब हो जाते हैं। राजनीति 'पार्ट-टाइम' काम नहीं, बल्कि 24 घंटे की सेवा है।
​जमीनी जुड़ाव का अभाव: डिजिटल दुनिया में सक्रिय रहना अच्छा है, लेकिन पंचायत स्तर पर जीत के लिए गांव की मिट्टी और लोगों की समस्याओं से सीधा जुड़ाव अनिवार्य है।
​परिवर्तन का समय: क्यों आएं युवा आगे?
​राजनीति में युवाओं का आना इसलिए सार्थक है क्योंकि उनके पास 'विजन' है। एक युवा नेता शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी सुधारों को प्राथमिकता देता है। पंचायती राज मिशन 2026 उन युवाओं के लिए है जो अपने क्षेत्र की गलियों, नालियों और स्कूलों की स्थिति बदलना चाहते हैं।
​"अगर आप व्यवस्था को कोसना बंद कर व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे, तभी बदलाव संभव है।"
​आपकी ऊर्जा, ईमानदारी और काम करने का नया तरीका ही पुराने ढर्रे की राजनीति को मात देगा। याद रखिए, नेतृत्व मांगा नहीं जाता, उसे अपने कार्यों से सिद्ध किया जाता है।

जय बिहार।जय जय बिहार

🎭 BJP की 'B टीम' का असली चेहरा: दिल्ली में नूरा-कुश्ती, पटना में दोस्ती! 🤝🃏​बिहार की जनता को "B टीम" का डर दिखाने वाले आ...
18/03/2026

🎭 BJP की 'B टीम' का असली चेहरा: दिल्ली में नूरा-कुश्ती, पटना में दोस्ती! 🤝🃏

​बिहार की जनता को "B टीम" का डर दिखाने वाले आज खुद नंगे हो गए हैं। कल के राज्यसभा चुनाव ने साबित कर दिया कि बिहार के भविष्य के साथ असली खिलवाड़ कौन कर रहा है।
​1. तेजस्वी का 'पूर्णिया खेल' बनाम फैसल रहमानी का 'फैसला':
पोस्टर गवाह है कि कैसे स्वार्थ की राजनीति में अपने ही सहयोगियों की पीठ में छुरा घोंपा जाता है।
​आरोप है कि तेजस्वी यादव ने पूर्णिया में अपनी ही गठबंधन की हार सुनिश्चित करने के लिए 'डायरेक्ट NDA' के लिए वोट मांगा।
​आज उसी का 'बदला' लेने के लिए राजद विधायक फैसल रहमानी और 3 कांग्रेसी विधायक राज्यसभा चुनाव से गायब हो गए।
​नतीजा? भाजपा के उम्मीदवार की थाली में सजाकर जीत परोस दी गई।
​2. जनता बनी 'बलि का बकरा':
ये पार्टियाँ एक-दूसरे को 'सबक सिखाने' के चक्कर में बिहार के हक़ की एक राज्यसभा सीट भाजपा की झोली में डाल देती हैं। क्या इनके समर्थकों ने इन्हें इसलिए वोट दिया था कि ये ऐन मौके पर मैदान छोड़कर भाग जाएं?
​3. असली 'B टीम' कौन?
जो लोग प्रशांत किशोर और जन सुराज पर उंगली उठाते थे, आज वे खुद सवालों के घेरे में हैं।
​क्या अपने कैंडिडेट को हरवाकर भाजपा को जिताना 'A टीम' का काम है?
​क्या बिहार की जनता को आपस में लड़वाकर दिल्ली में गुप्त डील करना 'ईमानदार राजनीति' है?
​निष्कर्ष: अब वक्त आ गया है कि बिहार की जनता इन 'दल-बदलू' और 'स्वार्थी' गठबंधनों को पहचाने। एक तरफ वो हैं जो 'कुर्सी' और 'बदले' के लिए बिहार को हाशिये पर धकेल रहे हैं, और दूसरी तरफ बिहार का बेटा प्रशांत किशोर है, जो पंचायत-पंचायत घूमकर बिहार के खोए हुए गौरव को वापस लाने की बात कर रहा है।
​फैसला आपका है:
स्वार्थ की 'B टीम' चाहिए या बिहार के विकास की 'A टीम'?

06/02/2026

ये देश के दो बड़े भगौड़े

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