09/02/2021
भाषणजीवी प्रधानमंत्री को आंदोलन में जाने वाला परजीवी नज़र आता है
राज्य सभा में प्रधानमंत्री का दिया भाषण ख़राब तो है ही उससे कहीं ज़्यादा चिन्ताजनक है। प्रधानमंत्री ने भाषण को संयमित स्वर में पेश कर विद्वता का आभा प्रदान करने की कोशिश की लेकिन जो विचार झलके हैं वो बेहद ख़तरनाक हैं। अगर देश के प्रधानमंत्री को आंदोलनों में जाने वाला परजीवी नज़र आता है तो यह संकेत है कि वो खुद उन आशंकाओं को मान्यता दे रहे हैं जो उनकी शासन व्यवस्था को लेकर उठती रही हैं। गोदी मीडिया ने किसानों को आतंकवादी कह कर जनता से अलग कर दिया। जो थोड़ी बहुत जनता किसानों के साथ खड़ी थी उसे आंदोलनजीवी परजीवी कह कर किसानों से अलग किया जा रहा है। कमाल है किसानों के साथ खड़ा होना इतना मुश्किल है कि आपको देश के प्रधानमंत्री परजीवी कहेंगे। एक आदमी अलग अलग आंदोलनों में जाता है। उसे सपोर्ट करता है। क्या वह आंदोलनजीवी परजीवी होता है? जो जनता प्रधानमंत्री को इतना वोट देती है उसी से चिढ़ने की वजह समझ नहीं आती।
#लड़ेगा_किसान___जीतेगा_हिन्दुस्तान
#अंग्रेजों_के_चापलूसो_के_वंशज__अदानी_अम्बानी_के_दास_छोड़ेगे_मैदानMere sabhi friends kripya krke is "kisanokijung" page ko jiska link nila rang m h niche
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Prime Time With Ravish Kumar - February 8, 2021: आंदोलनजीवी परजीवी, राज्यसभा में प्रधानमंत्री (PM Modi) की इस परिभाषा को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता ह...