22/10/2023
State Bank of India
:- बैंक मित्रो की मुख्य मांगों मे 18000 रू मानदेय व अन्य सभी मागे
विषय : महोदय जनधन योजना मे हमारे हमारी पुरी मेहनत के माध्यम से देश का नाम जनधन योजना के अंतरगत हमने *जिनीयस बुक आंफ रेकारड* मे दर्ज कराया है ओर आपका ही बैक मित्र व बैक सखी कही आपसे नाराज है उचित मानदेयक्षन मिलने पर
माननीय महोयद जी से निवेदन है कि हम सभी बैंक मित्र म.प्र. की सभी बैंक से पिछले 2008 से ग्रमीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों में कार्य कर रहे है लगभग एक बैंक मित्र 4 से 5 पंचायतों के सभी हितग्राही के घर घर जाकर एवं गाव में बैठकर पेंन्शनरों को एवं मनरेगा हितग्राही को राशि का भुगतान कर रहे है एवं ग्रमीण जानता की सेवा एव सरकार की योजनाओं की जानकरी दे रहे हैं एवं सकार कराने में मदद कर रहे है। सब 2008 से कंग्रेस कमेटी (कांग्रेस सरकार ) के समय से बैंक मित्रों का रखा गया है। जिन्हें 3500 रूपये का मानदेह और अतिरिक्त कमीशन दोनो दिया जाता था, लेकिन आगे समय में 2014 में आई बीजेपी सरकार ने (माननीय प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी जी ) ने दिल्ली के लाला किला से यह घोषणा की थी कि देश एवं प्रदेश के सभी बैंक मित्रों को 5000 रूपये की रारी का मानदेह एवं अतिरिक्त कमीशन हर माह देने का वादा किया था जो आज तक पूरा नही किया गया और कमीशन की राशी में भी कटौती की जा रही हैं, म.प्र. में बैंक मित्रों कि संख्या लगभग 2 से 3 लाख है, साथ ही हम बैक मित्रों को बैंक और बैंक मित्र के बीच कंपनी का रखकर हम बैंक मित्रों का शोषण किया जा रहा है और अब हमें प्रतिमाह बैंक द्वारा दिये गये कमीशन में से 40 से 50 प्रतिशत का कमीशन से कटौती कर कंपनी को दिया जा रहा है। जिससे हमरा कंपनी द्वारा शोषण किया जा रहा है जिससे बैंक मित्र आपने परिवार का भरण पोषण सही से नही कर पा रहा है जिससे वर्तमान समय में बैंक मित्र आत्महत्या कारने पर मजबूर हा रहे है, हाल ही में कल बिहार के एक बैंक मित्र ने मानदेह न मिलने के कारण आत्महत्या कर ली।
इस कारण से समस्त बैंक मित्र सभी सरकार की योजनओं जैसे जनधन योजना का कार्य हम बैंक मित्र आपनी स्वयं की पूजी लगा कर स्वयं आपनी रिस्क पर दूर ग्रमीण क्षेत्रों में लगभग 4 से 5 पंचायतो में जाकर बैंक लगभग 3 से 4 हजार हितग्राहयों की राशि का भुगतान कर रहे है और सरकार की सभी योजनाओं का लाभ दिला रहे है।
माननीय महोदय जी म. प्र. सरकार ने सभी बैंक मित्रों के साथ पक्षपात किया है जो कि बैंक मित्र की नियुक्ति 2009 मे हुई थी जिसके बाद ग्राम पंचायत रोजगार सहाकय की नियुक्ति हुई थी उसके बाद आशा कार्यकर्ता एवं आंगन बाडी कार्यकर्ता की नियुक्ति हुई थी म.प्र. की भारतीय जानता पार्टी की शिवराज सिंह जी की सरकार ने वर्तमान में आंगन बाडी कार्यकर्ता एवं ग्राम पंचायत रोजगार सहायक का मानदेह बड़ा दिया और हम बैंक मित्रों के साथ पक्षपता कर बैंक मित्रों का मानदेह नहीं बड़या गया इस प्राकर से म.प्र. सरकार ने भी हम बैक मित्रों के साथ पक्षपता किया है।
सन 2014 2015 मे जनधन पूर्ण मेहनत के साथ 8 से 10 घंटे का काम कर योजनाओ का लाभ ग्रमीण एवं शहरी क्षेत्रों में हर माह के 30 दिनों तक 8 से 10 घंटे कार्य किया इसके बाद कोरोना काल में 2020 से 2021 तक अपनी जान का जोखिम में डाल कर बैंक मित्रो ने गांव और शहरों में सभी हितग्राहीयो को भुगतान किया एवं उनकी आर्थिक रूप से मदद कि एवं सरकारी योजनाओं का लाभ दिलया।
इस तरह से अज तक हम बैंक मित्रों का शोषण किया जा रहा है बैंक मित्रों द्वारा प्राइवेट के माध्यम से हम से मन चाहे बीमा के यरगेट पुरे कराते है टारगेट पुरा ना होने पर बैक और कम्पनी के द्वारा हमारी आई डी बन्द कर देते है और अधिक और मानिसक रूप से परेशान करते है।
श्रीमान विधायक महोदय अध्यक्ष महोदय कलेक्टर महोदय हम बैंक मित्रों की विशेष मांग इस प्रकार है।
1. बैंक मित्रों को प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी से अलग कर डायरेक्ट बैंको से किया जायें
2. बैंक मित्रों का स्थायी मानदेय प्रतिमाह दिया जावे
3. बैंक मित्रों का बैक से स्थायी समावेशन किया जायें
4. बैंक मित्रों का कम से कम 500000 का बीमा किया जायें
5. बैंक मित्रो की मत्यू उपरान्त उसका कार्य परिवार के सदस्य को दिया जावें
6 बैक मित्रो को 5000 मानदेय व बैको मे से सिधे जोडे।
माननीय सासद महोदय