19/08/2026
🏥 IGMC Shimla: जब Infrastructure है, तो Queue System क्यों नहीं?
IGMC Shimla में OPD Queue System के नाम पर Infrastructure तो दिखाई देता है, लेकिन क्या उसका सही तरीके से पालन भी हो रहा है?
मरीज को Token दिया जाता है।
Token Display की व्यवस्था है।
Waiting Area है।
Digital System मौजूद है।
फिर सवाल यह है कि मरीजों को बार-बार लाइन में क्यों खड़ा होना पड़ता है?
एक मरीज पहले Registration/Token के लिए लाइन में खड़ा होता है।
Token मिलने के बाद संबंधित विभाग में जाता है।
वहां फिर से लाइन लगती है।
फिर डॉक्टर के बाहर इंतजार करना पड़ता है।
और सबसे गंभीर बात—
👉 अगर Token System लागू है, तो Queue को व्यवस्थित तरीके से Follow क्यों नहीं कराया जाता?
ऐसी स्थिति में जो मरीज शारीरिक रूप से सक्षम हैं, वे बार-बार लाइन में खड़े होकर अपना काम आगे करवा सकते हैं।
लेकिन सोचिए उन मरीजों के बारे में—
👴 बुजुर्ग
♿ दिव्यांग
🤕 गंभीर रूप से बीमार मरीज
👩🍼 छोटे बच्चों के साथ आए लोग
🚑 दूर-दराज से आने वाले मरीज
क्या इनके लिए भी बार-बार लाइन में खड़ा होना उचित है?
❗ प्रशासन से सीधे सवाल
अगर Queue Management System के लिए पूरा Infrastructure उपलब्ध है, तो उसका प्रभावी संचालन क्यों नहीं हो रहा?
क्या IGMC प्रशासन यह सुनिश्चित कर सकता है कि Token Number के अनुसार मरीजों की Queue वास्तव में Follow हो?
अगर Digital Display System लगाया गया है, तो क्या उसकी नियमित निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी तय है?
यह सवाल किसी कर्मचारी या डॉक्टर को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने के लिए नहीं है।
सवाल IGMC प्रशासन की व्यवस्था और जवाबदेही का है।
💬 आपका क्या अनुभव रहा है IGMC Shimla की OPD Queue व्यवस्था के साथ?
अगर आपने भी ऐसी समस्या देखी है, तो अपना अनुभव Comment में बताइए।