MD AZAD ALI

MD AZAD ALI Social activist

Eco park Kolkata
10/10/2025

Eco park Kolkata

Umiam lake Meghalaya
02/10/2025

Umiam lake Meghalaya

19/09/2025

आर्काइव | संघ परिवार और हिंदुत्व की विचारधारा को मानने वाले कई चरम संगठन इन जारी अपराधों में भागीदार रहे हैं. इन अपराधों को ऐसे संगठनों के सदस्यों की हिंसा के जरिए और 2014 के बाद से बीजेपी सरकारों द्वारा पारित कई कानूनों के जरिए किया गया है. ये ऐसे अपराध हैं जो साफ तौर पर 1998 के रोम करार के तहत, जिसने अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की नींव रखी, इंसानियत के खिलाफ अपराध के दायरे में आता है.

मोदी के सत्ता में आने के कुछ महीनों के भीतर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, "आने वाली पीढ़ी की लड़कियों को 'लव जिहाद' का मतलब और उनके जाल से खुद को बचाने के तरीके बताए जाने चाहिए." जैसा कि भागवत के शब्दों से संकेत मिलता है, हिंदुत्ववादी संगठनों ने अपनी पितृसत्तात्मक धारणाओं को ध्यान में रखते हुए, खुद को हिंदू औरतों की यौनिकता का रखवाला तैनात किया है. इसके अलावा, "लव जिहाद" शब्द इस बारे में कोई भ्रम नहीं छोड़ता कि औरतों को कथित तौर पर कौन "फंसाता" है; इससे पता चलता है कि मुसलमानों के साथ गलत रिश्ते को अलग से चिह्नित करने की जरूरत है. दूसरी ओर मुस्लिम कट्टरपंथ को मुस्लिम औरतों की यौनिकता को काबू में करने और उनकी पसंद को निर्देशित करने की यही जरूरत महसूस होती है. लेकिन यह तुलना उस राज्य में गैरजरूरी है जो एक कट्टरवाद को दूसरे से ज्यादा समर्थन देता है और इसी मकसद से अपने साजो-सामान का इस्तेमाल करता है.

आहार संबंधी प्रतिबंधों के मामले में भी यही कहानी है. दिवंगत इतिहासकार डीएन झा ने वेदों का व्यापक अध्ययन कर बताया है कि गोमांस पुरोहित वर्ग का पसंदीदा भोजन था. लेकिन ये ग्रंथ महान बंदिश से पहले के हैं. हजारों वर्षों के मिश्रण में, जब वैदिक लोग और सिंधु घाटी के निवासी दोनों मवेशियों का मांस खाते थे, तब पुरोहित वर्ग को श्रमणिक “विधर्मियों” के विचारों की चुनौती का सामना करना पड़ा. ब्राह्मणों के विपरीत, श्रमणों का मानना था कि ज्ञान की खोज किसी एक समूह के लोगों तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए. और आमतौर पर वे इच्छुक सभी लोगों के लिए खुले थे. ये विचार बौद्ध धर्म से लेकर जैन धर्म तक विभिन्न संप्रदायों में प्रकट हुए.

सबसे बड़ी सफलता बौद्धों को मिली. बीआर आंबेडकर ने "दि अनटचेबल्स" में लिखा है, "बौद्ध धर्म के प्रसार के चलते ब्राह्मणों ने शाही दरबार और लोगों के बीच सारी शक्ति और प्रतिष्ठा खो दी थी." ब्राह्मणवाद अंततः जीव हत्या ना करने या मांस खाने पर प्रतिबंध जैसे बौद्ध धर्म के कई मूल विचारों को अपना कर इस चुनौती से निपट सका. ब्राह्मणवादी व्यवस्था मांस त्याग कर, जो कि एक बार उनकी शक्ति के लिए पुरस्कार था, पुरोहिती सर्वोच्चता का दावा करने के दूसरे चरम पर पहुंच गई. उनका सबसे अच्छा मांस सबसे अधिक वर्जित हो गया. आंबेडकर ने कहा, "शाकाहारी बने बिना ब्राह्मण अपने प्रतिद्वंद्वी से खोई हुई जमीन वापस नहीं पा सकते थे."

फिलहाल, संसद में सत्तारूढ़ बीजेपी का संसद में कोई भी मुस्लिम सांसद नहीं है. 543 में से 301 सांसद सत्तारूढ़ दल को लोकसभा में मजबूत पकड़ देते हैं. इस तरह दूसरे दलों के सांसद की नीति-नर्माण में लगभग कोई भूमिका नहीं है. इस तरह लगभग 20 करोड़ भारत के नागरिकों वस्तुतः दरकिनार कर दिया गया है. अपनी स्थापना के बाद से ही आरएसएस ने हिंदू राष्ट्र की अपनी अवधारणा को मुसलमानों के प्रति तीखी घृणा के साथ जोड़ है. मुसलमानों के प्रति आए दिन की नफरत, कट्टरता और उन्हें हाशिए पर धकेलने के लिए इस्तेमाल की जा रही शारीरिक और मनोवैज्ञानिक हिंसा, अपवाद नहीं है बल्कि आरएसएस के लंबे समय से चले आ रहे विचारों के अनुरूप ही है.

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My little angel ❤️❤️
18/09/2025

My little angel ❤️❤️

04/09/2025

السلام علیکم و رحمۃ اللہ و برکاتہ
خبر وفات
بڑے ہی دکھ کے ساتھ یہ خبر دی جاتی ہے کہ ڈانگی باڑی ٹھاکر گنج کے مرحوم عبد السلام چودھری کی اہلیہ امجد سلفی کی والدہ ڈاکٹر رفیق کی چاچی کا انتقال ہوگیا ہے انا للہ و انا الیہ راجعون
جن کی جنازہ کی نماز شام 5/بجے ادا کی جائے گی ان شاء اللہ

Allah is the best artist
23/08/2025

Allah is the best artist

09/08/2025

कांग्रेस पार्टी के नेता और सांसद राहुल गांधी ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रे....

26/07/2025

एक सम्मानजनक अपील

शेरशाहबादी समाज के सभी सम्मानित बुजुर्गों, युवाओं, साथियों एवं शुभचिंतकों से मेरा सादर निवेदन है—

हाल ही में एक राष्ट्रीय समाचार चैनल पर प्रसारित बहस के दौरान, पूर्व विधायक श्री गोपाल अग्रवाल द्वारा हमारे समाज के विरुद्ध “बांग्लादेशी”, “तालिबानी” जैसे अमर्यादित, असत्य एवं अपमानजनक शब्दों का उपयोग किया गया। यह बयान न केवल झूठ और बेबुनियाद है, बल्कि यह हमारे स्वाभिमान, सामाजिक पहचान और ऐतिहासिक अस्तित्व पर एक सीधा प्रहार है।

हमारा मौन अब अन्याय की ताकत बन गया है।
अब समय आ गया है कि हम शांति, अनुशासन और आत्मसम्मान के साथ अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करें।

इस अन्यायपूर्ण बयान के विरोध में एक विशाल जनप्रतिरोध कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है —

📍 स्थान: मदरसा दारुल उलूम, पावर हाउस भैंसलोटी, ठाकुरगंज
🗓 तारीख: रविवार, 03 अगस्त 2025
⏱ समय: पूर्वाह्न 11:00 बजे

आप सभी से आग्रह है कि समय पर पहुँचें, एकजुट होकर शांति और मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज करें। यह सिर्फ विरोध नहीं, हमारी इज़्ज़त, पहचान और हक़ की रक्षा की शुरुआत है।

आपका सहयोग, समाज की शान है।

सदैव आपके साथ,
मो० आज़ाद सलफी
प्रखंड अध्यक्ष – ऑल बिहार शेरशाहबादी एसोसिएशन, ठाकुरगंज (किशनगंज, बिहार)
मो० 087576 93107

Address

Thakurganj
855116

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