03/01/2023
जितनी अजीब ये बाहर की दुनिया है, उससे भी ज्यादा अजीब हमारे अंदर की दुनिया है. इंसान अपनी जिन्दगी में हर कार्य सुख के अनुभव को प्राप्त करने के लिए करता हैं. अगर जिन्दगी में परम आनंद की प्राप्ति करनी है तो निस्वार्थ भाव से किसी गरीब की मदत जरूर करना.
यकीन मानिए उन लोगो को ईश्वर भी देता हैं. जो जरूरतमंद की मदत करते है. जो अपने हृदय में उनके लिए प्यार और स्नेह रखते हैं. एक सबको मरना है सब यहीं छूट जाएगा. तो अपने जीवन में कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदत करें.
हौसला और उम्मीद रख
जिंदगी में जीने के रास्ते मिलेंगे,
कर्म पर अपने भरोसा रख
खुदा मदत के वास्ते मिलेंगे।
जब भी किसी की मदत कीजिये,
तो उस पर अहंकार मत कीजिये.
माँग कर लिया… कर्ज है… भीख है… एहसान है,
बिना माँगे दिया… फ़र्ज है… मदद है… दान है…
ज्ञान गंगा संस्कार आश्रम सूरतगढ़
आपका अपना समाजसेवी
हरीशंकर सुथार