26/03/2026
उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मणों की नाराजगी के मुद्दे को लेकर विवाद को गहराने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। पिछले कुछ समय में ब्राह्मणों की नाराजगी को लेकर कई प्रकार की बातें सामने आईं। यूपी चुनाव 2027 से पहले विपक्षी दलों की ओर से ब्राह्मण वोट बैंक की नाराजगी के मुद्दे को भुनाने के भी खूब प्रयास हो रहे हैं। दरअसल, एक दशक से अधिक समय से ब्राह्मण सत्ताधारी एनडीए के पक्ष में वोट करते दिखे हैं। ऐसे में अब करणी सेना भी इस विवाद में कूद पड़ी है। करणी सेना के चीफ सूरज पाल अम्मू ब्राह्मणों को पथ प्रदर्शक करार देते हुए हलक से जुबान खींचने जैसी बात करते दिख हैं।
करणी सेना चीफ ने क्या कहा?
करणी सेना के चीफ सूरज पाल अम्मू ने ब्राह्मणों को लेकर उठे विवाद के बीच बड़ा बयान दिया है। दरअसल, सूरज पाल अम्मू दरोगा भर्ती परीक्षा में ब्राह्मणों के अवसरवादी होने वाले प्रश्न से संबंधित मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। करणी सेना चीफ ने इस मामले में सवालिया लहजे में कहा कि पंडित कैसे अवसरवादी हो सकता है? जिसने हमेशा ज्ञान की बात की हो, शिक्षा-दीक्षा की बात की हो, वह अवसरवादी नहीं हो सकता। कई लोग इस विषय पर खुलकर बात नहीं करते लेकिन सही जानकारी समझना जरूरी है। पूरी जानकारी पढ़ें।