21/12/2025
आपको यह बताते हुए हर्ष एवं गर्व हो रहा है कि सूरत अग्रहरि (वैश्य) सेवा समाज, गुजरात द्वारा निरंतर समाज के आर्थिक, भौतिक एवं पारंपरिक विषयों पर सक्रिय रूप से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में, महाराजा अग्रसेन जी द्वारा प्रारंभ की गई “एक ईंट और एक रुपया” की परंपरा से प्रेरित होकर समाज एक ऐसी ऐतिहासिक पहल करने जा रहा है, जो सहयोग और सामूहिक सहभागिता की हमारी परंपरा को आगे बढ़ाती है। अग्रहरि समाज के सभी संगठन पदाधिकारी, वार्ड प्रमुख एवं सलाहकार समिति की सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि अग्रहरि समाज समूह लग्न का आयोजन किया जाएगा। इस समूह लग्न के अंतर्गत समाज का कोई भी सदस्य अपने बहन, बेटी, भाई या बेटे का विवाह/शादी इस व्यवस्था के माध्यम से कर सकता है। यह पहल समाज में सहयोग, समर्पण एवं सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इस विश्वास को साकार करती है कि एक संगठित, शिक्षित और सहयोगी समाज केवल विचारों से नहीं, बल्कि ऐसे ठोस प्रयासों से बनता है। अतः आप सभी से विनम्र निवेदन है कि आइए, हम सब मिलकर अपने बच्चों का विवाह समाज द्वारा आयोजित समूह लग्न के माध्यम से संपन्न कर इस परंपरा को और सशक्त बनाएं।"