07/05/2021
हां मैं मजदूर हूं..
जितना तुम सोचते हो...
उससे कहीं ज्यादा मजबूर हूं...
क्यूंकि मैं मजदूर हूं ...
हमारे लिए नहीं बनी है कोई योजनाएं
हम बने हैं मात्र योजनाओं के लिए...
कोरोना काल में मजदूरों के हृदय के दर्द के कुछ करूं स्वर....जिनसे सत्ता के ठेकेदारों को कोई फर्क नहीं पड़ता... आओ मिलकर मजदूरों के स्वर को बुलंद कर उनके इस संघर्ष का हिस्सा बनें... उनका सामान करें...🙏🏻