19/08/2026
हम दुसरो के लिए क्यो मार खाऐ?
2018, 24 मे हमारे लिए कौन अंनदोलन में मार खाया है ? कितने हिरो हीरोइन किसान के संगठन और छात्र हमारे लिए अंनदोलन किए है ?
दलित सबके लिए मार खाऐ और दलितों के लिए कौन आता है ?
क्या अंनदोलन कारी बोला थे इस देश का नेतृत्व दलित करे ?
जंतर-मंतर पर विदेशी फंडिंग पर पलने वाले जातिवादी है, ए किडे लोग है, दलित समाज के जो मुर्ख है उनको बड़ी जल्दी रहती है खड़ी लकड़ी लेने मे।
इस देश को यही धरना-प्रदर्शन वाले दो पार्टी का जागीर बना कर रखना चाहते है, उनके सपोलें केजरीवाल और सपा को वोट देना चाहते हैं अंनदोलन के बाद देखना दलितों के प्रति वही सोच रहेगी इनकी,
ए सपा भाजपा कांग्रेस केजरीवाल को वोट दे सतके है लेकिन दलित नेतृत्व कभी स्वीकार नही कर सकते,
कुछ मुर्ख दलित हैं जिनको बड़ी चुल है खड़ी लकड़ी लेने में देश कि बड़ी चिन्ता है,
भले ही इस देश में उनके चीटी से के बराबर भी न समझा जाता हो।
ए।लोग उदाहरण नेपाल और बंग्लादेश का दे रहे हैं मतलब सासंद फुकेगें के कोर्ट फुकेगे और महिलाओ के कपड़े उछालेगे?
किसान अंनदोलन हुआ, किसनो के गढ में हरिणाणा up मे भाजपा बंफर जीती,up मे 69, हजार शिक्षक भर्ती का हुआ या, पिछडे और दलितों के गढ मे भाजपा बंफर जीत दर्ज कि, अभी पेपर लीक का हो भाजपा फिर भी जीतेगें।
इसके बाद जो महंगाई का झेल होगा कौन सहेगा ?
जमींदार या जो दस कमरे बनवा कर करोडो कमा रहे है वो या जो एक दिन का 400 कमा कमाता है।वो ?
400 वाले का क्या क्या समाना करना पडता है वो अभी सबको पता होगा, लेकिन ए कासी भी नीले भेड़िए के पीछे चलेगें ताल खाऐगें बहन जी आकाश आनंद को ढूँढते हैं।
इस देश का अब्दुल हो या रामू हो दोनो सिर्फ कांग्रेस और भाजपा के बाद उनके सपोले सपा कांग्रेस को वोट देगें लेकिन वो दलितों को देश का नेतृत्व स्वीकार नही करेगें,
हा दलितों के अधिकार मौका मिलने छिन लेगें जैसे अभी चार मेडिकल कॉलेज का छीना है, अस्मिता तो हर रोज लुट ही रहें है।
मुझे तो दलितपन में डूबे दलितों पर तरस आता है , इतना समझदार होते तो आज तक दलित नही शासक बन गए होते लेकिन ए खुद नही चाहते है।
Up में बेगर मांगे बहन जी जंनता से लेकर दलित हिन्दू मुस्लिम सभी को उनके हक अधिकार दिए अच्छा वातावरण दी , दलितों को चर्बी चढ गई, हिन्दू मुस्लिम को चर्बी चढ गयी पिछडों को चढ गई,
आज सभी माजा ले रहे हैं और उंगली बहन जी बसपा पर उठा रहे हैं नए नए नौसिखिए दलित भी। हम दुसरो के लिए क्यो मार खाऐ?
2018, 24 मे हमारे लिए कौन अंनदोलन में मार खाया है ? कितने हिरो हीरोइन किसान के संगठन और छात्र हमारे लिए अंनदोलन किए है ?
दलित सबके लिए मार खाऐ और दलितों के लिए कौन आता है ?
क्या अंनदोलन कारी बोला थे इस देश का नेतृत्व दलित करे ?
जंतर-मंतर पर विदेशी फंडिंग पर पलने वाले जातिवादी है, ए किडे लोग है, दलित समाज के जो मुर्ख है उनको बड़ी जल्दी रहती है खड़ी लकड़ी लेने मे।
इस देश को यही धरना-प्रदर्शन वाले दो पार्टी का जागीर बना कर रखना चाहते है, उनके सपोलें केजरीवाल और सपा को वोट देना चाहते हैं अंनदोलन के बाद देखना दलितों के प्रति वही सोच रहेगी इनकी,
ए सपा भाजपा कांग्रेस केजरीवाल को वोट दे सतके है लेकिन दलित नेतृत्व कभी स्वीकार नही कर सकते,
कुछ मुर्ख दलित हैं जिनको बड़ी चुल है खड़ी लकड़ी लेने में देश कि बड़ी चिन्ता है,
भले ही इस देश में उनके चीटी से के बराबर भी न समझा जाता हो।
ए।लोग उदाहरण नेपाल और बंग्लादेश का दे रहे हैं मतलब सासंद फुकेगें के कोर्ट फुकेगे और महिलाओ के कपड़े उछालेगे?
किसान अंनदोलन हुआ, किसनो के गढ में हरिणाणा up मे भाजपा बंफर जीती,up मे 69, हजार शिक्षक भर्ती का हुआ या, पिछडे और दलितों के गढ मे भाजपा बंफर जीत दर्ज कि, अभी पेपर लीक का हो भाजपा फिर भी जीतेगें।
इसके बाद जो महंगाई का झेल होगा कौन सहेगा ?
जमींदार या जो दस कमरे बनवा कर करोडो कमा रहे है वो या जो एक दिन का 400 कमा कमाता है।वो ?
400 वाले का क्या क्या समाना करना पडता है वो अभी सबको पता होगा, लेकिन ए कासी भी नीले भेड़िए के पीछे चलेगें ताल खाऐगें बहन जी आकाश आनंद को ढूँढते हैं।
इस देश का अब्दुल हो या रामू हो दोनो सिर्फ कांग्रेस और भाजपा के बाद उनके सपोले सपा कांग्रेस को वोट देगें लेकिन वो दलितों को देश का नेतृत्व स्वीकार नही करेगें,
हा दलितों के अधिकार मौका मिलने छिन लेगें जैसे अभी चार मेडिकल कॉलेज का छीना है, अस्मिता तो हर रोज लुट ही रहें है।
मुझे तो दलितपन में डूबे दलितों पर तरस आता है , इतना समझदार होते तो आज तक दलित नही शासक बन गए होते लेकिन ए खुद नही चाहते है।
Up में बेगर मांगे बहन जी जंनता से लेकर दलित हिन्दू मुस्लिम सभी को उनके हक अधिकार दिए अच्छा वातावरण दी , दलितों को चर्बी चढ गई, हिन्दू मुस्लिम को चर्बी चढ गयी पिछडों को चढ गई,
आज सभी माजा ले रहे हैं और उंगली बहन जी बसपा पर उठा रहे हैं नए नए नौसिखिए दलित भी।
उसका फल मिल रहा हैं बसपा से गद्दरी करने का कुछ दलित बसपा के 0 सीट होने का तंज कस रहे हैं उनको बता देते हैं अभी बसपा के 0 सीट होने पर रोडपर आने कि नौबत हो गई है, जिस दिन बसपा खत्म होगी उसका महत्व और तुम्हारी औक़ात क्या होगी खुद समझ आ जाऐगा,
तुम रोडपर आने लायक भी नही रहोगे,
ए भगोड़ा सासंद के सहारे जो उड़ान भर रहे हो वो भी काम नही आऐगा वो अभी से भागता फिर रहा है, लाठी देखते ही ताकी 36 मुकदमे के बाद और न हो नही तो जेल में वही होगा जो आजम खान का हो रहा है।
उसका फल मिल रहा हैं बसपा से गद्दरी करने का कुछ दलित बसपा के 0 सीट होने का तंज कस रहे हैं उनको बता देते हैं अभी बसपा के 0 सीट होने पर रोडपर आने कि नौबत हो गई है, जिस दिन बसपा खत्म होगी उसका महत्व और तुम्हारी औक़ात क्या होगी खुद समझ आ जाऐगा,
तुम रोडपर आने लायक भी नही रहोगे,
ए भगोड़ा सासंद के सहारे जो उड़ान भर रहे हो वो भी काम नही आऐगा वो अभी से भागता फिर रहा है, लाठी देखते ही ताकी 36 मुकदमे के बाद और न हो नही तो जेल में वही होगा जो आजम खान का हो रहा है