13/06/2021
एक बात देशी दिल से ✍🏻❣️👉🏻
/।देखो🙄 इलेक्शन आने वाला है।\
सब ‘समाधान’ ही तो तलाश कर रहे😇..ख़ैर
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सभी महादानियो को सादर🙏🏻प्रणाम, वैसे, सच में महान दानी या तो हमारे भारतवर्ष के ख़ानदान में पहले हरीशचन्द्र महाराज जी हुए है ...ख़ैर वो तो सतयुगी महान देश के महान नागरिक थे बस एक ही कमी💁🏻♂️थी की “सत्य से कभी विचलित ही नही हुए आजीवन” कमी इसलिए कह रहे क्योंकि आज के परिपेक्ष में हम👀आप और महान राजनीतिक कलाकार 🤹🏻♀️लोग बिना झूठ😉 के जीवन 🚣🏻♀️नैया खींच ही नही सकते और तो और हर व्यक्ति यही कहेगा दूसरे से की “यार हमें झूठ🎭 नही पसन्द या कहेगा कि हम झूठ कभी नही बोलते, कमाल🤷🏻♂️है न, वास्तविकता आप भी जानते है और हम भी और-तो-और सकल दोषारोपण ले लेने के लिए “महान कलियुग है😒न, बस कह देंगे की घोर कलियुग है😊, वैसे यहाँ ये ज़रूर बता दे की “कलियुग में प्रभु 📿नाम लेने मात्र से ही मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो जाता है” ..ख़ैर..रही बात दूसरे दानी की जो अपने सामर्थ से बने “हमारे आपके वंशज आर्यावर्त🏹विजयी, विश्व के महान धनुर्धारी “श्री🏹 कर्ण” जी जिनके सामने स्वयं देव🤴🏻राज भी भीख माँगने पहुँच गए सुबह -सुबह वो भी “ब्राह्मण रूप धर 🤷🏻♂️ अरे यहाँ ये भी कह सकते है कुछ राजनीतिक रोटियाँ 🍞 सेकने वाले की❕ ब्राह्मण❗️को बदनाम करने का प्रयास इन्द्र🌧देव उस समय भी कर रहे थे “ख़ैर बाहुबली🤴🏻जो थे😉” .....ख़ैर हमें आपको उससे क्या🤷🏻♂️
👉🏻 हम तो भगवान श्री 🪓परशुराम जी के एक महान शिष्य “श्री🏹 कर्ण” जी की बात कर रहे थे की वो इस धरती के दूसरे महादानी थे जिनके बिना सोचे🤔समझे हुए दिए गए दान 🛡ने द्वापर ⏳ की पूरी पटकथा ही पलट दी और शायद💁🏻♂️ “युधिष्ठिर जी के सरकार निर्माण के पथ में किया गया एक महान दान- अब आप ये न समझ लेना की “श्री🏹 कर्ण” जी लोकतांत्रिक सरकार निर्माण के पूर्व के मतदाता बन गए थे..वास्तव में वो एक महान भारतीय वंशज थे...हम सब तो आज भारत🇮🇳 के वंशज है ही नही क्योंकि हम तो “श्रेष्ठ कुल धारी ब्राह्मण, महावीर⚔️क्षत्रिय, विश्व के महानतम व्यवसायी💸वैश्य या भारत के तीसरे टुकड़े की मंशा रखने वाले अम्बेडकर 🐘 जी की चालीसा📖 पाठ करने वाले ही बन के रह गए है। ...सच कहे तो
👉🏻 इलेक्शन आने वाले है और हम और आप पुनः इस कलियुग क़ालीन व्यवस्था को व्यवस्थित करने का उत्तरदायित्व निभाने की भूमिका के महान सूत्रधार के रूप में अपने “मत🗳दान” का अधिकार प्रयोग करेंगे, वो भी एक येसा दान जिसके फलस्वरूप लोकतांत्रिक पर्दे के नीचे ढके हुए राजा🤴🏻 का चुनाव हम दानवीर😉मतदाता लोग करेंगे ...याद रहे न राजनीतिक कलाकार🎭लोग हरीशचंद्र है और न ये सतयुग है “यहाँ पावन गंगा 🌊जी में तैरती 🔥लाशें 🛌 भी अपने मुक्ति 💫 के मार्ग की माँग नही करती” क्योंकि लक्ष्मी💰जी की अशीम अनुकम्पा से अखबारो📰 के काले शब्द भी सफ़ेद🔏स्याही से छप जाते है और सफ़ेद रंग सफ़ेद अख़बार के काग़ज़ पर कहा दिखता है भौतिक नेत्रो👀 द्वारा साहब....अरे हाँ
👉🏻 याद रहे हमें आपको भी शुद्ध कलयुगी मतदाता🗳 बनना है न की द्वापर वाले श्री⚔️कर्ण जी जैसा कारण बनना है की, उसके पक्ष में खड़े रहे जिसके पक्ष में अधर्म⚖️ भी अपनी लज्जा को ढकता फिरता हो...चलिए आने वाले इलेक्शन🗳में चौराहों की चौखट छोड़ बिना किसी की वैचारिक🙇🏻♂️दासता स्वीकारो “एक स्वतन्त्र मतदानी बन लोकतांत्रिक व्यवस्था में राज🤴🏻तन्त्र का गठन करते है ...लाल🚨बत्ती वाले राजा🤴🏻 जी की जय🗣बोलने के लिए😊😊😊...लेकिन
⚖️हमें भरोसा है नव युवा, हर दृष्ट से स्वतन्त्र युवा पर की वो अपने मत🗳 का बल समझ उसे किसी उपयुक्त भारतीय🇮🇳वंशज को सौंपेगा कुछ काल⌛️के लिए, और सौंपेगा ही नही बल्कि पूछेगा भी की राज🪑गद्दी जो हम सबने दी थी उसका सही उपयोग किया की उपभोग किया अपना घर और वंशजों को संवारने में...ख़ैर भविष्य लम्बा है और भारत के युवा भविष्य से ही उम्मीद भी है ... बाक़ी तो बस ‘जाँती की बोरी’ और अहम्(Ego) का बंद बस्ता ढो रहे😌😌😌 ⚖️
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👉🏻अब शब्दों पंक्तियों को थोड़ा सीमा में जकड़ विराम देते है और 💖बात समाप्त करने के पहले कुछ ✍🏻स्वरचित (मौलिक पंक्तियाँ)✍🏻 आप सब के मध्य रख रहे जो की पूर्णतः इस पांडेयपुर (लम्भुआ से १-कोस पहले वाला गाँव) के गँवार दिल💞की अभिव्यक्ति है....
—— ❕ॐ❗️——
हम सत्य, सनातन धरती के वासी
एक अलख🔥जगाने आए है।
सर नीचे कर, सोए 🛌 सिंघो 🦁 को
हम झकझोर ✊🏻जगाने आए है।
इस रण ⚔️प्रांगण में मुर्ग़ों 🐔को नही
हम, बाज 🦅 लड़ाने 🤺आए है।
सुन, अरि दल के छुट्टे साड़ो 🐂 को
अब नकेल 🪢 लगाने आए है।
हे, कालजयी🧘🏻♂️ वीरो के वंशज,
तुझे अरि 🤼♂️चाल♟बताने आए है।
सब मुर्रचाती 🗡 तलवारों में,
फिर से, धार⚔️ लगाने आए है।
💪🏻वीर👊🏻भोग्या वसुन्धरा 🌏 का,
पावन 📜पाठ पढ़ाने आए है।
🐅सिंघो को, घेरने मिलकर देखो
देखो शियार🐺बहुत से आए है।
और तरह-तरह के वादों 🗣का,
भण्डार💰भी साथ में लाए है।
जो जनता🫂को नरेश 👑नही,
एक दास🙇🏻♂️बनाने आए है।
उन्हें मत🗳के ताक़त की बात नही,
बस, 🗞परिणाम 🗞बताने आए है।
रण 🥁की बेला है द्वार🎪खड़ी,
हम जाबाँज🤺जगाने 🛌 आए है।
(एक विचार)
—— ❕ॐ❗️——
🇮🇳🇮🇳जय हिन्द,जय हिन्द के राम🇮🇳
आपका अपना सच्चा दोस्त: - Happy Singh - प्रमुख
⚜️A Sea🌊Knight of Sultanpur⚜️