21/03/2023
विश्व के सर्वश्रेष्ठ पत्रकार की गिरफ्तारी के सदमें से हम उबरे भी नहीं थे, कि पटना में एक और घटना हो गई. सुनकर बहुत दुःख हुआ, दिल बैठ गया, पहली बार इंटरसिटी के आधा घंटा लेट होने पर इतना खराब लगा. काश! हमारी रेलगाड़ी समय पर होती और हम उस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बन जाते.
पर जो कहिए बिहार को "बेस्ट इंटरटेनर स्टेट" का खिताब मिलना चाहिए. मरदे! रोज कुछ न कुछ जबरदस्त हो ही जाता है और सबका मन लगा रहता है. लेकिन विदेशी नहीं चलाना चाहिए था, ये अच्छा नहीं हुआ. अगर देसी चलता तो, हमारे कलाकारों का भी मनोबल बढ़ता और *मेक इन इंडिया* को भी पुरजोर बल मिलता.
सुने हैं एजेंसी का लाईसेंस रद्द हो गया. FIR भी हुई है. कुछ कह रहें हैं कि ये एजेंसी बदलने की साजिश थी. रेलवे Advertising में बहुत पैसा है. अब तो पटना जंक्शन पर लोग आँख गड़ाकर स्क्रीन देखते रहेंगे. क्या पता कब दर्शन हों जाये.
खैर जो भी हो, इस ड्राई स्टेट में कुछ तो वेट हो रहा है.
(व्यंग्य है, व्यंग्य की तरह लीजियेगा)