23/06/2016
योग दिवस में व्यस्त रहे अधिकारी, काम के लिए करना पड़ा इंतजार.........................................................................................
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आम जनता के लिए भारी पड़ गया। जहां एसडीएम और तहसील कार्यालयों में विभिन्न प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे लोगों को सभी अधिकारियों की सीटें खाली मिलीं। कार्यालय में अधिकारी न होने से आवेदक भड़क उठे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर डाला।
मंगलवार को योग दिवस के चलते राज्य सरकार ने कार्यालय लगने का समय बदल दिया। सामान्य दिनों में कार्यालय सुबह 9 बजे शुरू हो जाते हैं। लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सुबह योग दिवस के राजकीय समारोह में शरीक होना था, ऐसे में कार्यालयों का समय 11 बजे कर दिया गया। लेकिन यह परिवर्तन आम जनता की जानकारी में नहीं था। डोमिसाइल, जाति प्रमाणपत्र और आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उपमंडलीय परिसर में आए आवेदक सत्यवान, रिंकू, यशपाल, मुकेश, हरिओम, संजय, पूजा, बिजेंद्र, रवींद्र, सत्यनारायण और नरेश ने कहा कि कहा कि अधिकारियों को ध्यान रखना चाहिए था कि दूरदराज से आने वाले लोगों को काम में देरी होने पर कितनी परेशानी होती है। सब कर्मचारियों और अधिकारियों को योग दिवस समारोह में पहुंचने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए था तथा कार्यालय समुचित रूप से चल सकें, इसके लिए कुछ कर्मचारियों को योग समारोह से छूट दी जानी चाहिए थी। अधिकारियों की इस लापरवाही से लोगों में भारी रोष है।
क्या बोले तहसीलदार
तहसीलदार नरेंद्र दलाल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के चलते मंगलवार को कार्यालयों के लगने का समय सुबह 11 बजे निश्चित किया था। इस समय पर कर्मचारी पहुंच गए और कार्य रोजाना की तरह से होने लगे।