01/06/2026
"ज़िंदगी भी एक चौराहे की तरह है,
जहाँ हर किसी को अपनी मंज़िल की जल्दी होती है..."
कोई आग बुझाने दौड़ रहा है,
कोई किसी की साँसें बचाने निकला है।
कोई देश की सुरक्षा का प्रतीक है,
तो कोई कानून की जिम्मेदारी निभा रहा है।
लेकिन असली सवाल गाड़ियों का नहीं,
हमारी सोच और इंसानियत का है।
जब किसी की जान खतरे में हो,
तो अधिकार नहीं, कर्तव्य पहले आता है।
महान वही नहीं जो ताकतवर हो,
महान वह है जो दूसरों की ज़िंदगी को प्राथमिकता दे।
आज जवाब सिर्फ नियमों का नहीं,
आपके संस्कारों का भी है।
बताइए, आपके हिसाब से सबसे पहले कौन जाएगा और क्यों?
👇 **अपना जवाब कमेंट में जरूर लिखें, और देखें आपकी सोच कितनों से मिलती है