15/08/2024
शहडोल से भीनी बिदाई:
दिल दी गई और दिल से ली जई।
"कौन सहसा छूट जाएँगे, मिलेंगे कौन सहसा,
आ पड़े कुछ भी, रुकेगा तू न, ऐसी आन कर ले।
पूर्व चलने के बटोही, बाट की पहचान कर ले।"(डॉ.हरिवंशराय बच्चन जी)
🇮🇳"स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें।"🇮🇳
सादर।
जय हिंद। 🇮🇳🙏😊
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