11/01/2020
"मेरे सभी भारतीय नागरिक से विनम्र निवेदन कि भारत के नागरिक होने के नाते इस पोस्ट को पुरा पढें ताकि आपको पता चल सके क्या सही है और क्या गलत है,और कैसे विरोधी पार्टियों और कुछ डिजाइनर लोग कैसे भारत विरोधी गतिविधियों को बढावा दे रहे है।।।और आप भी अपना प्रतिक्रिया जरूर दे"।
मेरे देशवासियों मैं आपके लिए "नागरिकता संबोधन कानून(CAA)"को लेकर सही जानकारी और विरोधी पार्टियों का नाकरातमक सोच और गंदी राजनीति का पर्दाफास,अलोचना करना बहुत जरूरी हो गया है क्योंकि अगर हम आज इनके खिलाफ आवाज बुलंद नही करेंगे तो ये लोग आगे भी अपनी गंदी और नाकरातमक राजनीति करके ऐसे ही हमारे देश भारत को जलाते रहेगे,इसलिए मैं आपलोगों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी और विरोधी पार्टियों का नाकरातमक सोच और असलियत आपके सामने लाया हूँ।।।
आईये सबसे पहले ये जानते हैं कि नागरिकता संशोधन कानून(CAA) क्या कहता है...??
(1).नागरिकता संशोधन कानून(CAA) किसी भारतीय नागरिक पर लागू नहीं होता है।चाहे वो हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई,
पारसी,आदि कोई भी जाति का हो।।।
(2).यह 2014 तक भारत में रह रहे प्रताड़ित अल्पसंख्यक को नागरिकता देने से संबन्धित है,ना किसी व्यक्ति से उसकी नागरिकता छीनता है।।
(3).नागरिकता कानूनCAA) अनुछेग 371 का उल्लंघन नही करता है।।
(4).बाहरी मुस्लिमों को भी तय नियम के मुताबिक नागरिकता मिलेगी।।।
(5).CAA कानून 31.12.2014.से पहले पाकिस्तान,बंग्लादेश अफगानिस्तान,से भारत आने वाले नागरिक पर लागू होती हैं।।
(6)नागरिकता कानून की धारा 6 के तहत कोई भी भारतीय नागरिक के लिए आवेदन कर सकते हैं।।
(7)जिन लोगों का धार्मिक शोषण हुआ है उनलोगों पर लागू होता है।।
"CAA सिर्फ पाकिस्तान,बंग्लादेश,अफ़गानिस्तान से भारत आये हिन्दूओ के अलावा और किसी भी देश के हिन्दूओ को CAA से नागरिकता नही मिलेगी क्योकि ये 3 देश इसलामिक देश है जिसके कारण हिन्दूओ,सिख,जैन,बौद्ध ईसाई,पारसी को धर्म के अधार पर धार्मिक शोषण किया जाता है इसलिए ये नियम उनलोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें धर्म के अधार पड़तारित किया जा रहा है,इसलिए मुस्लिम भाईयों से कहना चाहता हूँ कि उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नही किया जा रहा है आप किसी भी वामपंथी और विरोधी पार्टियों के बहकावे और अफवाहों में न आकर उनको करारा जवाब देने की जरूरत है क्योकि ये देश हम सब का है और इसे सुरक्षित रखना हम सब का कर्त्तव्य है।।कुछ लोगों को NRC और CAA को लेकर कन्फ्यूज हो रही है तो मैं अस्पष्ट जानकारी दे रहा हूँ कि NRCऔर CAA दोनों अलग-अलग है।
=नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन बिल (NRC) एक रजिस्ट्रर है जिसमें भारत में रहे सभी वैध नागरिकों का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। बता दें कि एनआरसी की शुरुआत 2013 में सुप्रीम कोर्ट की देख-रेख में असम में हुई थी। फिलहाल यह असम के अलावा किसी अन्य राज्य में लागू नहीं है।
=नागरिकता संशोधन कानून(CAA)।।
"आभी सिर्फ भारत में CAA कानून लागू हुआ है।।
किसी राष्ट्रव्यापी NRC की घोषणा नही की गई हैं।अगर इसकी घोषणा की जाती है तो ऐसी स्थिति में नियम और निदेश ऐसे बनाये जायेगे जिससे किसी भी भारतीय नागरिक को कोई परेशानी नहीं हो"।
इसलिए CAA के बारे में गलत सूचना से गुमराह न हो और सरकार का साथ दे।।।🙏🙏🙏🙏मित्रो मिलते है कल 2 pm मे।।कल का पोस्ट पढ़ना मत भूलियेगा क्योकि कल इन विरोधी पार्टियों,CAA&NRC का विरोध करने वाले और कुछ डिजाइनर पत्रकार,वामपंथी को तथ्य के साथ और सकारात्मक तरीके से expose करेगे।।।
✍Alok Srivastawa