04/01/2023
अवकाश मे भेड़ चाल से बचिए। अवकाश है तो क्या हुआ, घर- परिवार के साथ रहिए। खाइए खिलाइए। आनंद से रहिए। योग प्राणायाम का आनंद लीजिए, जम के व्यायाम कीजिए। सूर्य नमस्कार का अभ्यास कीजिए।
कुछ परम आत्मीय मित्रों को सपरिवार घर बुलाइए, ऐसे कुछ मित्रों के यहां स्वयं भी सपरिवार जाए।
छुट्टियों का माने हमेशा बाहर जाना ही नहीं होता। अपने आस-पास के भी अनेक स्थान महत्वपूर्ण है जहां सुबह से शाम के मध्य घूम कर आ सकते हैं। स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
भेड़ चाल में पड़ कर घंटों तक जाम में फंसने से अच्छा है समय का सदुपयोग अपने स्वास्थ्य को मजबूत करने में लगाया जाए।
साभार
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( चित्र 27 दिसम्बर, मनाली )