17/02/2026
राष्ट्रीय स्तर पर अति पिछड़ा वर्ग की पहचान के लिए रोहिणी आयोग की अनुशंसा लागू किए बिना सामाजिक न्याय अधूरा है,, बिनोद बिहारी मंडल
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सीतामढ़ी/17 फरवरी 26
जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास सीतामढ़ी में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के पुण्य तिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि समारोह सह विचार गोष्ठी का आयोजन छात्रावास के सभागार में छात्र सुनील सहनी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उपस्थित छात्रों और अविभावकों ने जननायक के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर ""राष्ट्रीय स्तर पर अति पिछड़ा वर्ग की संवैधानिक पहचान के लिए रोहिणी आयोग की अनुशंसा लागू किए बिना सामाजिक न्याय अधूरा है"" विषय पर विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए बिनोद बिहारी मंडल, छात्रावास अधीक्षक ने कहा कि, जिस समाज की राष्ट्रीय स्तर पर संवैधानिक पहचान होती है, उसी की समस्या का समाधान होता है। आजादी के इतने वर्षों बाद भी राष्ट्रीय स्तर पर अति पिछड़ा वर्ग की पहचान नहीं होने के कारण यह वर्ग उपेक्षित एवं वंचित है। 2 अक्टूबर 2017 को भारत सरकार ने ओबीसी के वर्गीकरण के लिए रोहिणी आयोग का गठन किया था जिसने 31 जुलाई 2023 को अपनी रिपोर्ट के महामहिम राष्ट्रपति को सौंपा । इसके बावजूद भारत सरकार द्वारा रोहिणी आयोग केअनुशंसा को प्रकाशित कर लागू नहीं करना देश के 46% अति पिछड़ों के साथ धोखा है।
एक रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर ओबीसी की कुल लगभग 4000 जातियों में 973 ऐसी जातियां हैं जिसके एक भी आदमी को मंडल आरक्षण का लाभ नहीं मिला और मात्र 97 जातियां ही मंडल आरक्षण का 75 से 90% हिस्सा पर काबीज है। ओबीसी की 975 ऐसी कमजोर जातियां है रोहिणी आयोग की अनुशंसा लागू नहीं होने के कारण केंद्रीय स्तर के नौकरियां, नियोजन एवं भागीदारी में देश की सबसे बड़ी अति पिछड़ा वर्ग की आबादी सामाजिक न्याय से दूर है।
2 जुलाई 2002 को संसद के वर्षा कालीन सत्र में तत्कालीन सांसद ब्रह्मानंद मंडल एवं कैप्टन जय नारायण प्रसाद निषाद ने संसद में अति पिछड़ा वर्ग शैक्षणिक प्रशैक्षणिक अधिनियम पेश किया, जिसमें केंद्रीय स्तर पर ओबीसी का वर्गीकरण कर अति पिछड़ा को 19% आरक्षण देने की मांग की थी, लेकिन उसका विरोध सबसे ज्यादा सामाजिक न्याय की आवाज उठाने वाले नेताओं ने ही किया। उन्होंने देश में समावेशी विकास के लिए महामहिम राष्ट्रपति महोदय को समर्पित रोहिणी आयोग के अनुशंसा लागू करने की मांग केंद्र सरकार से की।की। ,
गोष्ठी में राजेंद्र चंद्रवंशी, अध्यक्ष, उपेक्षित एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग संघ, रवि शर्मा,धनंजय सहनी, रविशंकर कुमार, बसंत कुमार, मणिकांत पंडित, सुनील कुमार, सुशील कुमार, राहुल कुमार, अभिषेक मंडल, आदित्य पंडित, हरिश्चंद्र कुमार, नीरज कुमार, आदित्य ठाकुर, सुजय कुमार, धीरू कुमार, रुपेश मुखिया,भाग्यनारायण सहनी, मनीष कुमार सोनू कुमार, श्रीशांत कुमार, चंदन कुमार, विक्की कुमार, नंदकिशोर पंडित, साजन कुमार, आकाश कुमार, सत्यम कुमार, शशि कुमार, सुबोध कुमार, नीरज कुमार सत्यजीत गुप्ता, दिनेश कुमार कापर ,पिंटू शर्मा, सुनील साहनी ,मणिकांत पंडित, राकेश कुमार ,पप्पू ,सुधीर चौरसिया, संदीप कुमार ,खुशनंदन शाह, राजू कुमार ,सुरेंद्र हाथी ,भोला मंडल ,सुनील मुखिया, पिक मंडल ,अरमान नट,शाहिद नट ,खुर्शीद अंसारी, संजीत साहनी, रवि शाह, संजीत रावत, मुन्ना ठाकुर, बबलू शर्मा ,पांडव महतो ,अनीश पाल, सुधीर चौरसिया ,चंदन दास, रंजन चंद्रवंशी ,राज कपूर कुमार, नीतिश मंडल, जय नंदन मंडल, सौरव मंडल सहित सैकड़ो छात्र उपस्थित थे।