The Fort Of Comrades ,Dhod कॉमरेडों का गढ़ धोद

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04/06/2026

#मुख्यमंत्री
शाह, मोदी सिर्फ 2028 वाले सपनों के मुख्यमंत्री से डरते ह , ओर किसी से नहीं डरते ह 🤣🤣🤣🤣? सपनों के मुख्यमंत्री RSS हितैषी हो सकते ह, किसान हितैषी नहीं हो सकते ।

पीने के  #पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर अधीक्षण अभियंता  #जलदाय  #विभाग सीकर पर अखिल भारतीय किसान सभा का धरना...
04/06/2026

पीने के #पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर अधीक्षण अभियंता #जलदाय #विभाग सीकर पर अखिल भारतीय किसान सभा का धरना Comrade Amra Ram,Comrade Pema Ram CPIM Rajasthan

 #पढ़े_समझे@किसान-मजदूर के असली मसीहा- जनसंघर्ष के प्रतीक कॉमरेड अमरा राम बनाम अवसरवाद की 'किलकी गैंग'आज जब सोशल मीडिया ...
03/06/2026

#पढ़े_समझे@
किसान-मजदूर के असली मसीहा- जनसंघर्ष के प्रतीक कॉमरेड अमरा राम बनाम अवसरवाद की 'किलकी गैंग'
आज जब सोशल मीडिया का उस्तरा हर हाथ में पहुंच चुका है, तो राजनीति का स्तर गिरकर केवल शोरगुल, गाली-गलौज और अंधभक्ति तक सीमित रह गया है। इस वर्चुअल दौर में रातों-रात पैदा हुए 'तथाकथित मसीहा' खुद को सर्वशक्तिशाली समझने का भ्रम पाले बैठे हैं। लेकिन राजस्थान की मरुभूमि गवाह है कि असली जननायक मंचों पर बैठकर शादियां भुनाने, जातिवाद का जहर घोलने या आधी रात को फेसबुक पर फर्जी क्रांतियां करने से नहीं, बल्कि पांच दशकों तक सड़कों पर लाठियां खाकर और जेल की सलाखों के पीछे रहकर बनते हैं।
सीकर के सांसद कॉमरेड अमरा राम और हनुमान बेनीवाल की तुलना करना ही सबसे बेमानी और मूर्खतापूर्ण प्रयास है। एक तरफ जहाँ अमरा राम के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक किसान आंदोलनों की बदौलत आज राजस्थान के हर किसान और मजदूर के घर के बिजली बिल में *सब्सिड Subsidy* का कॉलम दिखाई देता है, जिससे उनके हजारों रुपए बच रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ हनुमान बेनीवाल के पास अपनी कोई एक भी ऐसी सांगठनिक नीति या सफल आंदोलन नहीं है जिसका सकारात्मक परिणाम पूरे प्रदेश की जनता को मिला हो। सहकारी समितियों (सोसाइटी) के 50-50 हजार रुपये के लोन माफ करवाने से लेकर किसानों के हक की हर लड़ाई को अमरा राम जी ने पूरी ईमानदारी से अंतिम मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने कभी किसी सरकार या पूंजीपति के साथ राजनीतिक "सेटिंग" नहीं की, यही वजह है कि आज भी राजस्थान सरकार को हर साल झुककर किसान-मजदूरों के हक के 1800 करोड़ रुपये बिजली सब्सिडी के रूप में देने पड़ते हैं।
हनुमान बेनीवाल की राजनीति का असल सच उनके अति-महत्वाकांक्षी अहंकार, अभद्र भाषा और अवसरवाद में छिपा है। जो व्यक्ति मंचों से माइक तोड़ते हुए कांग्रेस और बीजेपी दोनों को कोसता था, उसकी राजनीतिक प्रासंगिकता की हवा तब निकल गई जब अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए कभी उसे बीजेपी के रथ पर सवार होना पड़ा, तो कभी कांग्रेस के 'हाथ' का पल्लू थामना पड़ा। उनकी पार्टी (RLP) में संगठन नाम की कोई चीज नहीं है; वे अपनी फिल्म के अकेले हीरो, डायरेक्टर और स्पॉटबॉय हैं। इस तथाकथित मसीहा के पीछे जो भारी-भरकम चुनावी सिस्टम, रैलियां और हेलीकॉप्टर्स नजर आते हैं, उनका फाइनेंसर कोई और नहीं बल्कि वही सत्ताधारी ताकतें हैं जिनके इशारे पर यह पूरी पटकथा लिखी जाती है। बेनीवाल केवल मिर्धा, मदेरणा या डोटासरा जैसे स्थापित चेहरों की आलोचना करके संजीवनी पाते रहे हैं, और जब संकट आता है तो पर्दे के पीछे साठगांठ कर लेते हैं।
विडंबना देखिए कि हनुमान बेनीवाल के लगभग 90% समर्थक खुद को सुरक्षित रखने के लिए आरएलपी के साथ-साथ बीजेपी या कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों में भी पैर रखते हैं, क्योंकि वे अच्छी तरह जानते हैं कि उनका नेता कभी भी उन्हें धोखा देकर पाला बदल सकता है। उनके समर्थकों की जो 'किलकी गैंग' सोशल मीडिया पर हुड़दंग मचाती है, वह नशे की आदी, असभ्य और पूरी तरह से रिजेक्टेड लड़कों की फौज जैसी है, जो अपनी ही जड़ों को भस्म करने पर तुली है। जब ये लोग पूर्व में महिला नेताओं (किरण माहेश्वरी या दिव्या मदेरणा) पर अभद्र टिप्पणियां कर रहे थे, तब इस गैंग ने खूब तालियां बजाई थीं, लेकिन आज जब खींवसर विधानसभा उपचुनाव में हनुमान बेनीवाल अपनी पत्नी की राजनीतिक प्रतिष्ठा तक नहीं बचा पाए और वे चुनाव हार गईं, तो इस हार पर बोला गया 'धूल चाटने' जैसा सामान्य मुहावरा भी इस हुड़दंगी गैंग को चुभ रहा है और वे माफी की मांग कर रहे हैं
गठबंधन का मतलब सहभागिता होती है, कोई अहसान नहीं। दूसरों को नसीहत देने से बेहतर है कि ये तथाकथित मसीहा और उनकी किलकी खुद में सुधार करें। जब किलकी गेंग के लोगों की मावाए उनको निक्कर पहनाए करती थीं, तब कॉमरेड अमरा राम सरकारों के खिलाफ सड़कों पर लाठियां खा रहे थे। पिछली पीढ़ी के इस निस्वार्थ त्याग और सादगी का अनादर करके कोई आबाद नहीं हो सकता।
कॉमरेड अमरा राम का 50 साल का ऐतिहासिक संघर्ष: छात्र राजनीति से संसद तक
राजस्थान की राजनीति में जहाँ बड़े-बड़े राजनेता सत्ता के वातानुकूलित कमरों और गठबंधनों के जरिए अपनी जगह बनाते हैं, वहीं सीकर के सांसद कॉमरेड अमरा राम ने पिछले 50 वर्षों (1975 से वर्तमान) में सड़क से लेकर विधानसभा और संसद तक जनसंघर्ष की एक अद्वितीय इबारत लिखी है। उन्हें "समझौता न करने वाले" और "परिणाम देने वाले" जननायक के रूप में जाना जाता है। सार्वजनिक दस्तावेजों और इतिहास के पन्नों पर दर्ज उनके सबसे बड़े और सफल आंदोलनों का ब्योरा इस प्रकार है:
# 1. छात्र राजनीति और आपातकाल का संघर्ष (SFI दौर: 1975 - 1980)
* **अधिकारों की लड़ाई और जेल यात्राएं:** आपातकाल (Emergency) के दौर में अमरा राम ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र शाखा SFI के बैनर तले छात्र राजनीति की शुरुआत की थी। छात्र हितों, कॉलेज में सीटों को बढ़ाने और दाखिले के अधिकारों को लेकर उन्होंने कई उग्र और सफल आंदोलन किए, जिसके कारण तत्कालीन व्यवस्था ने उन पर कई पुलिस केस दर्ज किए और उन्हें जेल भी जाना पड़ा।
* **ऐतिहासिक छात्रसंघ चुनाव (1979):** विपरीत परिस्थितियों और मुकदमों के बावजूद, 1979 में वे राजस्थान के दूसरे सबसे बड़े कॉलेज, **श्री कल्याण राजकीय महाविद्यालय (सीकर)** के छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए। इस जीत ने शेखावाटी में वामपंथी छात्र आंदोलन की मजबूत नींव रखी।
# 2. 2000 का ऐतिहासिक घड़साना-रावला पानी आंदोलन
* **सिंचाई के पानी का हक:** इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के पहले चरण में किसानों को सिंचाई के पानी की आपूर्ति में कटौती की जा रही थी। इसके खिलाफ सीमावर्ती जिलों के किसान उठ खड़े हुए।
* **आंदोलन की तीव्रता और परिणाम:** इस आंदोलन के दौरान किसानों और पुलिस के बीच भारी टकराव हुआ, जिसमें कई किसान शहीद भी हुए। सरकार ने कर्फ्यू लगाया और दमन चक्र चलाया, लेकिन अमरा राम और किसान सभा के नेताओं ने मोर्चे को टूटने नहीं

Amra Ram जी संघर्षों की भट्टी से तप कर तैयार हुए गेंदबाज ह, पड़ गई ना ठंड हो गए ना बोल्ड
02/06/2026

Amra Ram जी संघर्षों की भट्टी से तप कर तैयार हुए गेंदबाज ह, पड़ गई ना ठंड हो गए ना बोल्ड

02/06/2026

महिला विरोधी
02/06/2026

महिला विरोधी

02/06/2026

साथी महिपाल पुनिया

हमारा नेता हमारा अभिमान Amra Ram  #किसान  #नेता  #जननायक
02/06/2026

हमारा नेता हमारा अभिमान Amra Ram

#किसान #नेता #जननायक

अमराराम जी ही नहीं हर कम्यूनिस्ट कार्यकर्ता आमजन की धरातल की लड़ाई लड़ता है न कि सेंटिंग की।ये बात पुरे देश के किसी भी क...
01/06/2026

अमराराम जी ही नहीं हर कम्यूनिस्ट कार्यकर्ता आमजन की धरातल की लड़ाई लड़ता है न कि सेंटिंग की।
ये बात पुरे देश के किसी भी कोने में जाकर पता कर लिजिये ।
हर कम्यूनिस्ट कार्यकर्ता के दिन की शुरुआत ही आमजन की लड़ाई से होती है ।
कोई ऐसा कार्यकर्ता नहीं मिलेगा जिसके सरकार ने मुकदमें नहीं लगाये जेल भी जाना पड़ता है ।
अमराराम ही नहीं अमराराम के बेटे भी साथ में जेल में रहें हैं ।
हम भण्डारे शादियों में भाषण नहीं देते ।
इसलिये याद रखें हणमान जी आप और आपके कार्यकर्ता भी ।
बदतमिजी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जायेगी ।
हम कांग्रेसी और बीजेपी नहीं हैं जिनको आप कुछ भी कहते रहते हैं ।
इसके लिये तैयार है
हर तरह का जवाब देने के लिये ।
अपनी हद में रहें ॥

SFI Rajasthan Amra Ram #किसान #जवान

31/05/2026

प्रिय नेताजी
आप स्वघोषित बिना विधायकों के मुख्यमंत्री तो बन गये
लेकिन महिलाओं के बारे में आपके विचार अपनी पार्टी की महिलाओं को ही नहीं छोड़ा
खेर दूसरी पार्टियों की महिला नेत्रियों के बारे में तो क्या ही कहें
वसुधंरा राजे दिव्या मदेरणा से लेकर किसी भी महिला नेत्री को नहीं बख्शा
आप सुने बीजेपी की महिला नेत्री के बारें में नेताजी के विचार
क्या आप ये विचार अपने घर पर स्पीकर पर सुन सकते हैं
माना कि आप भक्त हें
लेकिन क्या ये सही है
बीजेपी इनेलो निर्दलिये अपनी पार्टी से चुनाव लड़ चुके बीजेपी कांग्रेस से समझौता कर चुके
आम आदमी पार्टी जेजेपी सहित कई पार्टियों का प्रचार करते रहें हैं
आपका स्थायित्व कभी रहा ही नहीं
अशोक गहलोत का विरोध करते करते उसके बेटे का प्रचार करने भी गये
वो फिर भी हार गया उम्मेदाराम को हरा रहे थे लेकिन वो जीत गये
सीकर में आपका एक भी जनप्रतिनिधि नहीं है पंच भी नहीं है आपको चुनाव में बुलाया भी नहीं लेकिन आप कहते हो हमने जिता दिया
नागौर में हमारे जनप्रतिनिधियों ने ईमानदारी से चुनाव प्रचार कर जिताया लेकिन वो दिखे नहीं
पहले आप गहलोत से वितपोषित थे अब बीजेपी से
आपको टास्क दिया गया है विपक्ष को कमजोर करने का
लेकिन आप गलती कर गये कॉमरेडों को आपने कांग्रेस समझ लिया
कॉमरेड जवाब देना जानते हैं हर तरह से ये ध्यान नहीं रख पाये
अपनी खुद की भाषा सुधार लें ये ही ठीक रहेगा नहीं तो इस बियाबान में गुम हो जाओगे
आप जेसे बहुत आये और गये
कॉमरेड यहीं है जनता के बीच
खिंवसर में सीमेंट कंपनियों बजरी माफियाओं 765 केवी की बिजली की लाइनों की दलाली बंद करके किसानों और आमजन को राहत दिलवाओ नहीं तो वो ही परिणाम हमेशा आयेगें
बेसाखियों के सहारे नैया पार होगी नहीं
प्रिय हणमान भक्तों से निवेदन है एक बार ये विडियो अपने घर पर भी सुना दे फिर सोशल मीडिया पर फालतु बकवास करना
जय हिंद
लाल सलाम

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