17/10/2025
जाटों की राजनीतिक और सामाजिक जागरूकता देखकर राजस्थान का कमोबेश हर तबका उनसे बराबरी करने के प्रयास करता ही है...साथ ही सोचता भी हैं कि यह समुदाय इतने कम समय में शिक्षा के क्षेत्र में इतना आगे कैसे बढ़ गया।
लेकिन सच यही है कि जलन या ईर्ष्या किसी को आगे नहीं बढ़ाती।
हाल ही में आयोजित Rajasthan Public Service Commission (RPSC) की RAS 2023 परीक्षा में जाट समाज के कई उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
प्रथम दस में 6 उम्मीदवार, प्रथम सौ में आधे से ज़्यादा उम्मीदवार जाट समुदाय से हैं।
कुल मिलाकर लगभग सवा दो सौ (लगभग 200+) मेहनतकश, किसान पुत्रों ने अपनी योग्यता का लोहा मनवाया है।
उदाहरण के लिए, कौशल चौधरी एक किसान पुत्र हैं। उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और बिना कोचिंग के तैयारी करके पहली रैंक हासिल की।
प्रतिस्पर्धा का यह दौर किसी एक जाति या वर्ग का नहीं मेहनत का दौर है।
किसी से जलने से बेहतर है उनसे सीखना उनकी तैयारी, अनुशासन और सामूहिकता को समझना।
हम सबको अपने समाज में युवाओं को शिक्षा, खेल और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करें, अवसर दें और मार्गदर्शन करें।
किसी की बड़ी लकीर को छोटा करने के बजाय, अपनी लकीर को बड़ा करने की कोशिश करें।
यही स्वच्छ प्रतिस्पर्धा का आधार है, यही प्रगति का रास्ता।
ईर्ष्या, आलोचना या दूसरों की सफलता को नीचा दिखाने से सिर्फ अवनति होगी।
अगर वाक़ई समाज को आगे ले जाना है तो ईर्ष्या छोड़ो, शिक्षा अपनाओ और मेहनत को धर्म बनाओ।
प्रगति की लड़ाई जलन से नहीं, जुनून से जीती जाती है।
मेरे जाट समाज के युवाओं को बधाई आपने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छा, परिश्रम और एकता हो, तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं है। समय पहचान लेने का है।
बधाई समाज जागृति में लगे सभी समाज के योद्धाओं को।💐💐