10/10/2026
राष्ट्रीय लोक अदालत में 17,436 प्रकरणों का निस्तारण, 15 करोड़ 54 लाख 95 हजार 918 रुपये के अवार्ड पारित
प्री-लिटिगेशन के 363 प्रकरणों का राजीनामे से निस्तारण, 8 करोड़ 91 लाख 79 हजार 296 रुपये के अवार्ड पारित
सीकर, 10 अक्टूबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीकर रूपा गुप्ता के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीकर के तत्वावधान में शनिवार को तालुका विधिक सेवा समितियों रींगस, श्रीमाधोपुर, दांतारामगढ़, लक्ष्मणगढ़, फतेहपुर, नीमकाथाना तथा सीकर न्यायक्षेत्र के न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 16 बेंचों का गठन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीकर की सचिव शालिनी गोयल सहित विभिन्न न्यायिक अधिकारियों की बेंचों द्वारा राजीनामा योग्य आपराधिक मामलों, सिविल प्रकृति के मामलों, पारिवारिक मामलों, चेक अनादरण प्रकरणों, बैंकों के ऋण वसूली मामलों, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) एवं पारिवारिक प्रकरणों, उपभोक्ता विवाद प्रतितोष तथा स्थायी लोक अदालत में लंबित प्रकरणों सहित विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई। अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय क्रम संख्या 1, 2, 3 एवं 4 से संबंधित मामलों की भी सुनवाई की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत में सीकर न्यायक्षेत्र के विभिन्न न्यायालयों में लंबित 17,436 प्रकरणों का निस्तारण कर 15,54,95,918 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। वहीं, प्री-लिटिगेशन के कुल 6,281 लंबित प्रकरणों में से 363 प्रकरणों का राजीनामे के माध्यम से निस्तारण कर 8,91,79,296 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीकर की सचिव शालिनी गोयल, न्यायाधीश डॉ. वीनू नागपाल, अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्रम संख्या 2 सीकर, शुभांगिनी चौहान, न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम संख्या 3 सीकर, जिला बार संघ अध्यक्ष दामोदर माटोलिया, जिला बार संघ महासचिव विजय कुमार शर्मा तथा प्रशिक्षित मध्यस्थ पुरुषोत्तम शर्मा ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
प्री-लिटिगेशन बेंच पर प्रो-बोनो सेवा के रूप में बेंच अध्यक्ष शालिनी गोयल एवं सदस्य पैनल अधिवक्ता पुरुषोत्तम शर्मा ने भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारत संचार निगम लिमिटेड तथा अन्य बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों और संबंधित पक्षकारों के मध्य समझाइश कर सैकड़ों प्रकरणों का निस्तारण करवाया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीकर की सचिव शालिनी गोयल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य अधिकाधिक प्रकरणों का आपसी सहमति एवं राजीनामे के माध्यम से निस्तारण कर पक्षकारों को शीघ्र, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध करवाना है। लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों के निस्तारण से पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होती है तथा आपसी सौहार्द बना रहता है। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य पीड़ित एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को सुलभ न्याय उपलब्ध करवाना है। राष्ट्रीय लोक अदालत न्यायपालिका का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसके माध्यम से लंबित मामलों का आपसी सहमति से समाधान किया जाता है। राष्ट्रीय लोक अदालत में आने वाले पक्षकारों को संबंधित न्यायालय तक पहुंचने में सहायता प्रदान करने के लिए हेल्प डेस्क की स्थापना भी की गई।
इस अवसर पर शहीद भगत सिंह लॉ कॉलेज, सीकर एवं शेखावाटी लॉ कॉलेज, सीकर के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्यप्रणाली को समझा। लोक अदालत बेंचों के सहयोग से सीकर न्यायक्षेत्र के प्री-लिटिगेशन एवं न्यायालयों में लंबित हजारों प्रकरणों में पक्षकारों के मध्य समझाइश करवाई गई तथा राजीनामे के माध्यम से प्रकरणों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिवक्तागण, बीएसएनएल विभाग के प्रतिनिधि, बैंक प्रतिनिधि, पक्षकार एवं न्यायालय स्टाफ सहित अन्य संबंधित व्यक्ति उपस्थित रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का ध्येय लोक अदालत के माध्यम से आमजन को शीघ्र एवं सुलभ न्याय उपलब्ध करवाना है।