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14/04/2026
किसान सभा जिंदाबाद। 90 बर्ष के संघर्ष को सलाम।
11/04/2026

किसान सभा जिंदाबाद। 90 बर्ष के संघर्ष को सलाम।

अमित शाह,CPI 1925 में रूस से प्रेरित हुई? हाँ, मजदूर क्रांति से!तुम्हारा RSS 1925 में ब्रिटिश गुलामी में “हिंदू रक्षा” क...
01/04/2026

अमित शाह,
CPI 1925 में रूस से प्रेरित हुई? हाँ, मजदूर क्रांति से!
तुम्हारा RSS 1925 में ब्रिटिश गुलामी में “हिंदू रक्षा” का ढोंग रच रहा था।

#दिल्ली_रामलीला_मैदान #लालसलाम

अमित शाह, ने लोकसभा में CPI और CPI(M) को “रूसी-चीनी एजेंट” कहकर जो “सच्चाई” सुनाई, वो तो RSS-बीजेपी की पुरानी फासीवादी ड...
01/04/2026

अमित शाह, ने लोकसभा में CPI और CPI(M) को “रूसी-चीनी एजेंट” कहकर जो “सच्चाई” सुनाई, वो तो RSS-बीजेपी की पुरानी फासीवादी डिस्को थी!
1925 में CPI की स्थापना मजदूर-किसान की आजादी के लिए हुई थी, जब तुम्हारा RSS ब्रिटिश राज में “हिंदू संगठन” बनाकर गवर्नर को सलामी दे रहा था। 1942 के Quit India में कम्युनिस्टों ने जेलें भरीं, RSS ने ब्रिटिश को चिट्ठी लिखकर वफादारी जताई।

1964 का CPI(M) स्प्लिट? वो वैचारिक मतभेद था, न कि “चीनी एजेंट”। लेकिन तुम्हारा RSS तो आज भी हिटलर-मुसोलिनी की विचारधारा का चमचा है — जो लोकतंत्र को “कमजोर” मानता है।

◾नेता कांग्रेस भाजपा में जा रहे हैँ, उपदेश CPIM को दे रही है।◾ सीपीएम ने किया राहुल गांधी और खरगे के बयानों का खंडन किया...
26/03/2026

◾नेता कांग्रेस भाजपा में जा रहे हैँ, उपदेश CPIM को दे रही है।
◾ सीपीएम ने किया राहुल गांधी और खरगे के बयानों का खंडन किया

सीपीआई (एम) के पोलिट ब्यूरो ने केरल के मुख्यमंत्री और सीपीआई (एम) की धर्मनिरपेक्ष साख पर श्री राहुल गांधी और श्री मल्लिकार्जुन खर्गे द्वारा दिए गए भड़काऊ बयानों का कड़ा खंडन किया है।

🔴 विधानसभा चुनावों में चुनावी लाभ के लिए वे इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं। भाजपा के बजाय सीपीआई (एम) को निशाना बनाकर कांग्रेस नेता सांप्रदायिक-तानाशाही ताकतों से लड़ने के अपने दावे से मुकर रहे हैं। केरल की जनता इस नापाक एजेंडे को भलीभांति समझ जाएगी।

🔴 सीपीएम ने कहा है कि कांग्रेस नेताओं को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि राज्य दर राज्य उनके नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में क्यों शामिल हो रहे हैं। यह सर्वविदित है कि असम के वर्तमान भाजपा मुख्यमंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार में महत्वपूर्ण विभाग संभाले थे। त्रिपुरा में, वाम मोर्चे को हराने के लिए 2018 में संपूर्ण कांग्रेस नेतृत्व भाजपा में शामिल हो गया था। केंद्र सरकार में कई मंत्री और भाजपा से जुड़े सांसद पहले कांग्रेस के प्रमुख नेता थे। कांग्रेस भाजपा के लिए एक फीडर संगठन बन गई थी।

🔴 माकपा ने याद दिलाया कि मौजूदा एलडीएफ सरकार के दस वर्षों के दौरान केरल में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ, जबकि राज्य का सबसे भीषण सांप्रदायिक दंगा यूडीएफ सरकार के शासनकाल में मराड में हुआ था।

🔴 इन चुनावों में भी कांग्रेस अल्पसंख्यक कट्टरपंथी ताकतों के साथ गठबंधन कर रही है। केरल में हुए विभिन्न चुनावों में, जिनमें हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनाव भी शामिल हैं, कांग्रेस-लीग-भाजपा का गठजोड़ उजागर हो चुका है।

🔴 सीपीआई (एम) लगातार विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का विरोध करती रही है, जबकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का हवाला देते हुए विपक्षी मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। यह नहीं भूलना चाहिए कि कांग्रेस ने इसी तरह दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की मांग की थी। यह उनके अवसरवादी रवैये को उजागर करता है।

🔴 केरल की जनता, जिसने पिछले दस वर्षों में एलडीएफ शासन के तहत अभूतपूर्व विकास और सांप्रदायिक सद्भाव देखा है, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए दोनों को करारा जवाब देगी।
Communist Party of India (Marxist) Amraram MP Sikar

25/03/2026

्रोश_रैली #दिल्ली_रामलीला_मैदान

कॉमरेड राकेश सिंघा, पूर्व विधायक, हिमाचल प्रदेश, सीपीआई (एम)

24/03/2026

हिमाचल से सेंकड़ों मजदूर किसान दिल्ली की सड़कों पर। मोदी तेरी जागीर नहीं हिन्दोस्तान हमारा है। जनता पर आर्थिक बोझ डालना बंद करो।

शहीदी दिवस (23 मार्च) भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के सर्वोच्च बलिदान को याद करने का दिन है, जिन्होंने 1931 में देश के लि...
23/03/2026

शहीदी दिवस (23 मार्च) भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के सर्वोच्च बलिदान को याद करने का दिन है, जिन्होंने 1931 में देश के लिए प्राण न्यौछावर किए। यह दिन युवाओं में राष्ट्रप्रेम, वीरता और क्रांति की भावना जगाता है। "इंकलाब जिंदाबाद" जैसे नारे और उनके विचार आज भी देशभक्ति की प्रेरणा देते हैं, जो औपनिवेशिक शासन, साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष की याद दिलाते हैं।
सभी प्रकार के शोषण से मुक्ति ही भगत सिंह, राजगुरु, व सुखदेव को याद करने का असली अर्थ है।

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