20/03/2026
माननीय नगर निगम शिमला के पदाधिकारीगण, मटियाना छात्र कल्याण संघ (MSWA) के मेरे ऊर्जावान साथियों, और देवभूमि के जागरूक नागरिकों,
आज संजौली की इन फिजाओं में एक अलग गूँज है। यह गूँज केवल हमारे नारों की नहीं है, बल्कि यह गूँज है उस संकल्प की जो आज छात्रों और प्रशासन ने मिलकर लिया है।
"अकेले हम सिर्फ एक किरण हैं, लेकिन साथ मिलकर हम सूरज की वो शक्ति हैं जो हर अंधेरे को मिटा सकती है।"
आज मटियाना छात्र कल्याण संघ और नगर निगम शिमला का यह महा-संगम (Great Collaboration) एक ऐतिहासिक गवाही है। अक्सर लोग कहते हैं कि प्रशासन अपना काम करता है और छात्र अपना, लेकिन आज हमने साबित कर दिया है कि जब 'युवा जोश' और 'अनुभवी तंत्र' एक मंच पर आते हैं, तो बदलाव की नींव रखी जाती है।
साथियों, हमारा यह कोलाबोरेशन दो बड़े दुश्मनों के खिलाफ है:
नशा: जो हमारी जवानी और संस्कृति को दीमक की तरह खा रहा है।
गंदगी: जो हमारी सुंदर वादियों के चेहरे पर एक दाग है।
संजौली चौक से नवबहार तक का यह रास्ता हमारे लिए सिर्फ एक 'वॉक' नहीं है, यह एक 'चेतावनी' है उन ताकतों को जो हमारे शहर को गंदा और हमारे युवाओं को गुमराह देखना चाहते हैं।
"हाथ से हाथ मिलाया है, तो अब पीछे नहीं हटेंगे,
शिमला की अस्मत के लिए, हम हर हद से गुजरेंगे।"
नगर निगम शिमला के सहयोग से, MSWA आज यह संदेश देना चाहता है कि छात्र केवल किताबों तक सीमित नहीं हैं; हम समाज के रक्षक भी हैं। नशा बेचने वालों के लिए हमारा एक ही संदेश है—"अब और नहीं!" और गंदगी फैलाने वालों के लिए हमारी एक ही पुकार है—"स्वच्छता ही हमारा श्रृंगार है।"
मैं मटियाना छात्र कल्याण संघ के अध्यक्ष के रूप में आप सभी को धन्यवाद देता हूँ कि आपने इस सहयोग की मशाल को थामा है। आइए, संजौली की गलियों से नवबहार की ऊँचाइयों तक यह गूँज पहुँचा दें कि शिमला जाग चुका है!
जय हिन्द, जय हिमाचल!
नशा मुक्त शिमला - स्वच्छ शिमला!