12/09/2026
हजारों की संख्या में निषाद समाज के समाजसेवी लोग एवं वीआईपी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विनोद सहनी जी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस संघर्ष की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हमने कहीं भी अपनी पार्टी का झंडा-बैनर नहीं लगाया। क्योंकि यह लड़ाई किसी पार्टी के प्रचार की नहीं, बल्कि विनोद सहनी जी के परिवार को न्याय दिलाने और अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने की लड़ाई है।
दुर्भाग्य से, डॉ. संजय निषाद इस संवेदनशील मुद्दे को भी अपनी पार्टी के प्रचार का माध्यम बनाने में लगे हुए हैं। हाथ में पार्टी का झंडा लेकर प्रदर्शन करना और अपनी पार्टी को प्रचारित करना यह स्पष्ट करता है कि उनकी प्राथमिकता क्या है। चुनाव नजदीक आते ही इस तरह की राजनीति और भी तेज हो जाती है।
यदि वास्तव में डॉ. संजय निषाद को विनोद सहनी जी और उनके पीड़ित परिवार के प्रति जरा भी संवेदना होती, तो वे भी बिना झंडा-बैनर के, बिना किसी राजनीतिक प्रचार के, सिर्फ न्याय के लिए खड़े होते। आखिर वे भी निषाद समाज से आते हैं—फिर इस दुख की घड़ी में पार्टी के झंडे की जरूरत क्यों पड़ रही है?
हमारा उद्देश्य राजनीति चमकाना नहीं, विनोद सहनी जी को न्याय दिलाना है।
हमारा संघर्ष किसी पार्टी के प्रचार के लिए नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के सम्मान और न्याय के लिए है।
जब तक विनोद सहनी जी के परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, निषाद समाज की यह आवाज और संघर्ष मजबूती से जारी रहेगा।