08/09/2026
शाहजहांपुर पंचायत के लिए एक व्यावहारिक सुझाव — घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था
मेरा सुझाव है कि पंचायत द्वारा 2–3 ट्रैक्टर/कचरा संग्रहण वाहन लगाए जाएँ, जो रोज़ सुबह प्रत्येक वार्ड और मोहल्ले में घर-घर जाकर कचरा एकत्रित करें।
आज लगभग हर घर की सबसे बड़ी समस्या कचरे के उचित निस्तारण की है। यदि पंचायत एक नियमित और व्यवस्थित व्यवस्था शुरू करे, तो इस समस्या का काफी हद तक समाधान किया जा सकता है।
इसके लिए प्रत्येक घर से मात्र ₹50–₹100 प्रति माह का स्वच्छता शुल्क लिया जा सकता है। मुझे लगता है कि अगर लोगों को नियमित रूप से घर से कचरा उठाने की सुविधा मिले, तो अधिकांश परिवार यह राशि आसानी से देने के लिए तैयार हो सकते हैं।
इस व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित रखने के लिए:
- प्रत्येक वार्ड पंच अपने वार्ड में कचरा संग्रहण की निगरानी करें।
- ट्रैक्टर/वाहन चालक प्रतिदिन की कलेक्शन की रिपोर्ट संबंधित वार्ड पंच को दें।
- मोहल्ले के लोगों से भी फीडबैक लिया जाए कि कचरा नियमित रूप से उठ रहा है या नहीं।
- प्रत्येक घर को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया जाए।
- गीले कचरे से खाद/कम्पोस्ट और सूखे कचरे को अलग करके उसकी रीसाइक्लिंग की जा सकती है।
- कचरा संग्रहण और कर्मचारियों आदि का खर्च घरों से मिलने वाले मासिक शुल्क से काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।
इससे पंचायत पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा और गाँव/कस्बे की सफाई व्यवस्था लगातार और व्यवस्थित तरीके से चल सकेगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह केवल सफाई की व्यवस्था नहीं होगी, बल्कि लोगों में स्वच्छता की आदत और जिम्मेदारी भी विकसित होगी।
अगर पंचायत इस व्यवस्था को सही तरीके से लागू करे और हर वार्ड पंच इसकी निगरानी करे, तो कम खर्च में पूरे क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने की एक अच्छी और स्थायी व्यवस्था बनाई जा सकती है।