06/10/2026
खुशियों की दास्तां
===
डेयरी प्लस योजना से ज्ञानी चौरसिया को मिली उन्नत नस्ल की भैंसें, बढ़ा दुग्ध उत्पादन
====
हरियाणा से लाई गई दोनों भैंसें दे रहीं प्रतिदिन करीब 26 लीटर दूध, बिक्री से हो रही अच्छी आय
====
डेयरी प्लस योजना के माध्यम से पशुपालकों को बेहतर पशुधन उपलब्ध कराने के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। ग्राम बिक्रमपुर निवासी श्री ज्ञानी चौरसिया ने भी योजना का लाभ लेकर दो भैंसें खरीदीं। वे हरियाणा जाकर दोनों भैंसों को लेकर आए हैं, जो वर्तमान में अच्छा दुग्ध उत्पादन दे रही हैं।
ज्ञानी चौरसिया बताते हैं कि डेयरी प्लस योजना के तहत उन्होंने दो भैंसें ली हैं। दोनों भैंसें मिलकर प्रतिदिन करीब 26 लीटर दूध दे रही हैं। उन्होंने बताया कि दोनों भैंसों का स्वास्थ्य अच्छा है और अभी तक उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई है। पशु चिकित्सकों एवं विभागीय अमले का भी उन्हें भैंसों के चयन एवं पालन में अच्छा सहयोग मिला।
उन्होंने बताया कि पशुओं के लिए हरी घास एवं अन्य पौष्टिक आहार की व्यवस्था की जाती है। उनके पास पहले से भी दो-चार पशु थे, लेकिन डेयरी प्लस योजना के माध्यम से मिले पशुओं से उनके पशुधन में वृद्धि हुई है। दोनों भैंसें लगातार अच्छा दूध दे रही हैं, जिससे उन्हें दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।
ज्ञानी चौरसिया बताते हैं कि उत्पादित दूध की बिक्री आसानी से हो जाती है, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। दूध की बिक्री से होने वाली आय से परिवार के दैनिक खर्च एवं पालन-पोषण में भी मदद मिल रही है। योजना के माध्यम से पशुधन मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति को सहारा मिला है और वे पशुपालन को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।
ज्ञानी चौरसिया ने डेयरी प्लस योजना के तहत मिले सहयोग एवं अच्छे पशुधन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से मिले दोनों पशु अच्छे दुग्ध उत्पादक हैं और उनके परिवार के लिए यह योजना लाभकारी साबित हो रही है।
#सेवा_संकल्प_अभियान #शहडोल