13/06/2026
कई बार जब एक लड़का बार-बार समझाता है,
तो इसका मतलब ये नहीं होता कि वो कमजोर है…
बल्कि वो उस रिश्ते को बचाना चाहता है।
वो हर छोटी बात पर बात करता है,
गलतफहमियाँ दूर करना चाहता है,
कभी अपनी गलती मान लेता है,
तो कभी रिश्ते की खातिर बिना गलती के भी झुक जाता है।
क्योंकि उसे लगता है कि
थोड़ी और कोशिश, थोड़ा और धैर्य,
शायद सब ठीक कर दे…
लेकिन एक समय ऐसा भी आता है,
जब वो समझाना बंद कर देता है।
जो हर बात पर अपनी बात रखता था,
वही खामोश हो जाता है…
जो हर बार मनाता था,
वही पीछे हट जाता है…
क्योंकि लड़के जल्दी हार नहीं मानते,
वो आख़िरी उम्मीद तक कोशिश करते हैं।
लेकिन जब उन्हें ये एहसास हो जाए
कि उनकी अहमियत सिर्फ ज़रूरत तक थी,
उनकी मौजूदगी को हल्के में लिया गया…
तब वो शोर नहीं करते,
ना शिकायत, ना तमाशा…
बस चुपचाप अपने कदम पीछे खींच लेते हैं।
और फिर वो वही इंसान तो रहते हैं,
मगर पहले जैसे कभी नहीं रहते… 🥀