07/09/2026
• 17 सितम्बर से जिले में प्रारंभ होगा सेवा-संकल्प अभियान
• अभियान के तहत जनकल्याण और जनभागीदारी की गतिविधियां प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश
• कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दिये निर्देश
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर से प्रदेश के साथ ही जिले में ’’सेवा-संकल्प अभियान’’ प्रारंभ किया जाएगा। अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होगा। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने अभियान की तैयारियों के संबध में बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन स्तर से निर्धारित गतिविधियों का जिले में प्रभावी एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देते हुए सेवा, सुशासन और जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियों को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में अभियान के लिए विभागवार एवं तिथिवार कार्ययोजना तैयार की जाए तथा सभी गतिविधियों के लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित ’’जन-विश्वास अभियान’’ के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों को भी सेवा-संकल्प अभियान में सम्मिलित किया जाए। अभियान के दौरान प्रत्येक शुक्रवार को जिले में जनकल्याण एवं जनसंवाद से संबंधित विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।
विकास पुस्तिकाएं और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं
कलेक्टर ने श्री बालागुरू के. ने निर्देश दिए कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। जिन कार्यक्रमों में हितग्राहियों की सहभागिता होनी है, वहां संबंधित विभागों द्वारा योजनावार हितग्राही सूची तैयार कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के साथ ही उनके लंबित प्रकरणों का निराकरण भी प्राथमिकता से किया जाए। शिविरों में आने वाले नागरिकों को योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया तथा आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में उचित मार्गदर्शन दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि सेवा-संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि नागरिकों को शासन की सेवाओं एवं योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाना होना चाहिए।
आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में घर-घर सहभागिता सुनिश्चित करें
कलेक्टर ने श्री बालागुरू के. ने 17 सितम्बर को आयोजित होने वाले ’’आशीर्वाद का दीया’’ कार्यक्रम की तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन एवं जनसेवा के प्रति आभार तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प में सहभागी बने। आवश्यक संख्या में दीपक एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभार्थियों को भी कार्यक्रम में सहभागी बनाया जाए।
विद्यार्थियों की सहभागिता से आयोजित हों प्रतियोगिताएं
कलेक्टर ने श्री बालागुरू के. ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ’’25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’’ कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सरकारी एवं निजी विद्यालयों में ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री श्री मोदी के सेवा कार्यों, राष्ट्र निर्माण तथा विकसित भारत की संकल्पना से संबंधित विषयों पर प्रतियोगिताओं में सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ना अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार
कलेक्टर ने श्री बालागुरू के. ने ’’नमो सेवा गाथा’’ कार्यक्रम के तहत गांव-गांव तक प्रधानमंत्री श्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों, सेवा कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी सरल एवं प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाई जाए। स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जाएं।
आंगनवाड़ी केंद्रों पर आंगन का उत्सव आयोजित करें
कलेक्टर ने श्री बालागुरू के. ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि ’’आंगन का उत्सव’’ कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों एवं उनकी माताओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं आशा कार्यकर्ताओं का सार्वजनिक अभिनंदन किया जाए। कार्यक्रमों में पोषण, मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण, महिला एवं बाल कल्याण तथा शासन की अन्य योजनाओं की जानकारी दी जाए। लाभार्थी माताओं को अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।