01/04/2026
*तारबंदी योजना में अब 0.5 हेक्टेयर भूमि पर भी मिलेगा अनुदान*
*मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की छोटे किसानों को बड़ी राहत*
प्रदेश के किसानों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने तारबंदी योजना के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। वर्ष 2025-26 में छोटे एवं सीमांत किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए तारबंदी के लिए न्यूनतम 1.5 हेक्टेयर भूमि की बाध्यता को समाप्त कर इसे घटाकर 0.5 हेक्टेयर कर दिया गया है। इस निर्णय से छोटी जोत वाले गरीब किसानों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा।
राजस्थान सरकार कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा सीमांत एवं लघु किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से तारबंदी योजना के तहत अनुदान प्रदान कर रही है। यह योजना किसानों की फसलों को निराश्रित पशुओं, विशेषकर नीलगाय एवं बेसहारा पशुओं से होने वाले नुकसान से बचाने में कारगर साबित हो रही है। खेतों में कांटेदार तार, चेनलिंक व नोडफेंसिंग जैसी तारबंदी करवाने पर सरकार द्वारा अनुदान दिया जा रहा है, जिससे किसानों की मेहनत और लागत से तैयार फसल सुरक्षित रह सके
नई व्यवस्था के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए किसान का राजस्थान का मूल निवासी होना तथा उसके पास कम से कम 0.5 हेक्टेयर भूमि होना आवश्यक है। जिन किसानों के पास 0.5 हेक्टेयर भूमि नहीं है, वे अपने पड़ोसी किसानों के साथ मिलकर समूह में भी आवेदन कर सकते हैं। दो या अधिक किसान मिलकर यदि एक स्थान पर 0.5 हेक्टेयर भूमि रखते हैं, तो वे भी योजना के पात्र होंगे
सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 10 या अधिक किसान मिलकर 5 हेक्टेयर क्षेत्र में तारबंदी करवाते हैं, तो प्रति किसान अधिकतम 400 मीटर लंबाई पर 50 प्रतिशत या 100 रुपये प्रति मीटर के हिसाब से अधिकतम 40 हजार रुपये तक अनुदान मिलेगा। वहीं लघु एवं सीमांत किसानों को 400 मीटर लंबाई पर इकाई लागत का 60 प्रतिशत या 120 रुपये प्रति मीटर के हिसाब से अधिकतम 48 हजार रुपये तक सहायता प्रदान की जाएगी। यदि 10 किसान मिलकर सामूहिक रूप से 5 हेक्टेयर क्षेत्र में तारबंदी करवाते हैं, तो उन्हें 70 प्रतिशत अनुदान या 140 रुपये प्रति मीटर के अनुसार अधिकतम 56 हजार रुपये प्रति किसान तक सहायता मिलेगी
योजना के लिए इच्छुक किसान प्रस्तावित भूमि का नवीनतम संयुक्त नक्शा ट्रेस, जमाबंदी, जनआधार कार्ड, आधार कार्ड तथा लघु एवं सीमांत किसान प्रमाण पत्र के साथ ई-मित्र केंद्र या स्वयं ’’राज किसान साथी पोर्टल’’ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद विभाग द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जाती है कार्य पूर्ण होने पर संबंधित कृषि अधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के इस निर्णय को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। न्यूनतम भूमि सीमा में कमी से अब अधिक संख्या में छोटे और सीमांत किसान योजना से जुड़ सकेंगे, जिससे उनकी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी
ग्राम पंचायत मुई
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