28/09/2025
फैलने लगा "120 बहादुर" का विरोध – अहीर रेजीमेंट और शहीदों की शौर्यगाथा से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं
रेजांग ला की धरती पर जो गाथा लिखी गई थी, वो सिर्फ़ इतिहास नहीं बल्कि अहीर शौर्य का अमर प्रतीक है।
अब उसी गाथा को तोड़-मरोड़ कर दिखाने की कोशिशें हो रही हैं "120 बहादुर" फिल्म के नाम पर।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रेजांगला कलश यात्रा के दौरान साफ़ कहा –
"अगर फिल्म बनाने वाले को पैसे की कमी है, तो हम मध्यप्रदेश सरकार से सब्सिडी देंगे।
लेकिन असली कहानी के साथ छेड़छाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिल्म रिलीज़ से पहले इसकी स्क्रीनिंग समाज के प्रतिनिधियों और रेजांग ला के जीवित योद्धाओं के सामने होनी चाहिए।"
डॉ. यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा –
"रेजांग ला में शहीद हुए सभी सैनिक अहीर (यादव) समाज से थे।
उनके पराक्रम और बलिदान को सही रूप में दुनिया के सामने लाना हमारी जिम्मेदारी है।
यदि कोई फिल्म उनके शौर्य पर आधारित है तो राज्य सरकार उसका पूरा सहयोग करेगी,
लेकिन इतिहास से खिलवाड़ की इजाज़त किसी को नहीं दी जाएगी।"
आज "120 बहादुर" को लेकर उठ रही आवाज़ सिर्फ़ एक फिल्म का विरोध नहीं है,
ये अहीर शौर्य और सत्य इतिहास की रक्षा की हुंकार है।