31/05/2026
"अब जाति नहीं, विकास और व्यवस्था परिवर्तन की बारी!"
बिहार का दुर्भाग्य है कि मुख्यमंत्री रोजगार, शिक्षा और विकास की बात करने के बजाय समाज को जाति और रंग के आधार पर बांटने की राजनीति कर रहे हैं।
लेकिन सच कहें तो...
इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।
जब तक हमने इसी आधार पर वोट दिया, उन्हें लगा कि जनता को यही चाहिए। वो जानते थे कि बिहार की जनता असली मुद्दों पर नहीं, बल्कि जाति के नाम पर एकजुट होती है। इसलिए किसानों की बेहतर आय, युवाओं की नौकरी और व्यापारियों के अवसर जैसे असली मुद्दे हमेशा पीछे छूटते चले गए।
लेकिन अब बहुत हुआ!
यह गलतफहमी बहुत जल्द दूर होने वाली है।
बिहार का युवा अब जाग चुका है। अब बिहार की राजनीति जाति के संकीर्ण दायरों से निकलकर विकास और रोजगार के ठोस धरातल पर होगी।
और इस ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत कहीं और से नहीं, बल्कि बांकीपुर (Bankipur) विधानसभा से होने जा रही है!
बांकीपुर के जागरूक नागरिक और युवा यह अच्छी तरह जानते हैं कि यह आने वाला चुनाव सिर्फ किसी नेता को चुनने का माध्यम नहीं है, बल्कि बिहार में एक संपूर्ण व्यवस्था परिवर्तन हेतु एक सुनहरा और ऐतिहासिक मौका है।
आइए, बांकीपुर से बदलाव का ऐसा शंखनाद करें जिसकी गूंज पूरे बिहार में सुनाई दे!
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