02/03/2019
शहीदों की लाश पर फल-फूल रही राजनीति पर
पढ़िए कशिश न्यूज़ के संपादक संतोष सिंह को
————————————
शहीद पर जब सियासत होनी शुरु हो जाती है तो सिस्टम कितना बेशर्म हो जाता है इसकी एक बानगी देखिए
बिहार के बेगूसराय का लाल पिन्टू सिंह सोमवार सॉरी शुक्रवार कि सुबह कश्मीर में आतंकी से लड़ते हुए शहीद हो गये। इसके साथ उस मुठभेड़ में जमुई का एक जवान भी था शाम तक जब शहीद अधिकारी और पाँच जवानों को लेकर पूरा महकमा खामोश रहा तो जमुई के उस जवान ने अपने घर इस घटना कि जानकारी देते हुए कहा कि पिंटू के घर सूचना दे दो ।
कल शाम आठ बजे हमारा जमुई संवाददाता इसकी जानकारी मुझे दिया मैं बेगूसराय रिर्पोटर को तहकीकात करने को कहाँ तो पता चला कल दोपहर से ही पिंटू का मोबाइल नोट रिचेबुल बता रहा है। उसका भाई सीआरपीएफ के बेस कैम्प फोन करके भाई किस हाल में इसकी जानकारी लेना चाह रहा है कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं है पूरी रात फोन करता रह गया लेकिन कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है ।
अभी थोड़ी देर पहले फिर उसका भाई फोन किया तो फोन ड्यूटी हा ना हा ना कर रहा था तभी कोई बिहारी जवान फोन लेकर पिंटू के शहीद होने कि बात बता दिया ।शहीद होने कि सूचना क्यों छुपाई जा रही तो पता चला पटना भीभीआईपी मूवमेन्ट पर असर ना पड़े इसका ख्याल रखा जा रहा है ।
वैसे हमलोगों खबर चलाना शुरु कर दिए देखिए कब तक शहीद के शहादत कि सूचना को रोक कर रखते हैं।वैसे अभी 10.10 मिनट पर पटना स्थित सीआरपीएफ के अधिकारी को फोन किया है अधिकारिक तौर पर कोई भी कुछ भी बताने को तैयार खबर चलने के बाद प्रशासन हरकत में आयी है मुझसे ही कन्फर्म करना चाह रही है ।
पिंटू सिंह सीआरपीएफ में इन्सपेक्टर थे ।