25/05/2026
➡️ उर्वरक वितरण की ई टोकन प्रणाली एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने कृषि विभाग की पहल।
➡️ प्राकृतिक खेती और ई टोकन प्रणाली को लेकर खरीफ पूर्व फसलों की तैयारी हेतु विकासखंड स्तरीय कृषक संगोष्ठी का आयोजन
कलेक्टर सह अध्यक्ष "आत्मा" गर्वनिंग बोर्ड के निर्देशानुसार एवं परियोजना संचालक आत्मा के मार्गदर्शन में उर्वरक वितरण की ई टोकन प्रणाली एवं प्राकृतिक खेती विषय पर विकासखंड स्तरीय कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन विकासखंड बंडा के ग्राम धबौली मे किया गया। उक्त कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री लोकेन्द्र सिंह लम्बरदार, संयुक्त संचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र देवरी डॉ. आशीष त्रिपाठी, परियोजना संचालक "आत्मा" श्री एम.के.प्रजापति, सहायक संचालक कृषि सागर श्री जितेन्द्र सिंह राजपूत, अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्रीमती कुमुद बुनकर, तकनीकी सहायक, कृषि विज्ञान केंद्र सागर श्री मयंक मेहरा, विकासखंड तकनीकी प्रबंधक शैलेष पाण्डेय, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री यू.एस.अहिरवार, विकासखंड तकनीकी प्रबंधक श्रीमती निधि पाण्डेय, सरपंच धबौली श्री पुष्पेंद्र सिंह, कृषि विस्तार अधिकारी राजेंद्र मालवीय, रीतेश रोहिताश, भरत बंसवर्ती एवं सजल जैन, प्रगतिशील कृषक सहित 150 से अधिक कृषकों की उपस्थिति मे सपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत में तकनीकी सहायक कृषि विज्ञान केंद्र सागर श्री मेहरा के द्वारा प्राकृतिक और जैविक खेती को विस्तार से समझाया साथ में दानेदार उर्वरकों के उपयोग की जगह पर नैनो उर्वरकों के प्रयोग और उनके फायदे के संबंध में विस्तार से बताया। इसके उपरांत संयुक्त संचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी ने सभी किसानों को उर्वरक वितरण की ई-टोकन प्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी तथा सभी किसानों के मोबाइल में ई-टोकन प्रणाली की प्रक्रिया को समझाया तथा किसानों से अनुरोध किया कि इस प्रणाली के माध्यम से खाद का उपयोग करने पर किसी प्रकार की अधिक मात्रा से बचते हुए संतुलित उर्वरकों का प्रयोग फसलों के लिए होगा, जिससे धरती माता स्वस्थ रहेंगी। इसी उद्देश्य से पूरे प्रदेश सहित सागर जिले के सभी विकासखंडो के ग्राम-ग्राम में कृषि रथ के माध्यम से किसानों को संतुलित उर्वरक की जानकारी दी जा रही है। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ त्रिपाठी ने खरीफ पूर्व फसलों की तैयारी के बारे में गहरी जुताई से लेकर बोनी तक की जानकारी दी गई। प्राकृतिक खेती को विस्तार से किसानों के बीच में रखकर उदाहरण सहित जीवामृत, बीजामृत, घन जीवामृत, नीमास्त्र अग्निअस्त्र आदि के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। श्री जितेंद्र सिंह राजपूत में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को मिट्टी नमूना लेने के तरीकों को विस्तार से बताया तथा हर खेत का मिट्टी परीक्षण करने के लिए आग्रह किया। परियोजना संचालक आत्मा श्री प्रजापति ने रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान की जानकारी विस्तार से दी, साथ में किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने का अनुरोध किया। श्रीमती कुमुद ने किसानों से खरीफ फसलों पर समसामायिक चर्चा की।श्री मयंक मेहरा ने किसानों को एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन के संबंध में विस्तार से बताया। जनपद अध्यक्ष श्री लम्बरदार ने ने शासन और सरकार को, ई टोकन प्रणाली, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य की तारीफ करते हुए किसानों से आग्रह किया कि खेती के संबंध में कोई भी जानकारी के लिए उचित माध्यम के द्वारा ही तैयारी करें। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री अहिरवार ने किसानों को विभागीय जानकारी से अवगत कराया तथा वर्तमान में खरीफ फसलों के बीज की उपलब्धता की जानकारी किसानों के साथ साझा की। अंत में जीवामृत बनाने की पूरी प्रक्रिया को किसानों के बीच में बनवाकर उसकी महत्ता की जानकारी दी गई। बीटीएम निधि पाण्डेय के द्वारा सभी अतिथियों तथा कृषकों का कार्यक्रम में पधारने के लिए आभार व्यक्त किया।
CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh