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JDjansampark Sagar Official handle of Joint Director of Jansampark Saugor, Government of Madhya Pradesh

24/10/2026

🏃‍♂️🇮🇳 सागर वासियों, तैयार हो जाइए एक ऐतिहासिक पल के लिए! 🇮🇳🏃‍♀️
🔥 सागर के इतिहास में पहली बार, भारतीय सेना (Indian Army) आयोजित करने जा रही है “SAGAR HONOUR RUN 2026”! यह भव्य आयोजन आगामी आर्मी डे परेड 2027 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आइए, अपने देश और सेना के सम्मान में कदम से कदम मिलाएं! 🎖️💪

📅 दिनांक: 13 दिसंबर 2026 (रविवार)
⏰ समय: सुबह 6:00 बजे
📍 स्थान: खेल परिसर, सागर

👨‍👩‍👧‍👦 सभी के लिए खुला आमंत्रण:

बच्चे, युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक — हर उम्र के लोगों के लिए इस महा-दौड़ में शामिल होने का शानदार मौका है। सेहत के लिए दौड़ें, मस्ती के लिए दौड़ें और सबसे बढ़कर, देश के सम्मान के लिए दौड़ें!

🏃 दौड़ की श्रेणियां:
👉 3 KM | 5 KM | 10 KM | 21 KM
🎁 हर प्रतिभागी को मिलेगा:
✅ शानदार टी-शर्ट
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🇮🇳 एक राष्ट्र, एक सेना — सम्मान के लिए दौड़ें, राष्ट्र के लिए दौड़ें! जय हिंद! 💪🇮🇳

➡️ बीना विकासखंड में मुख्यमंत्री जनविश्वास कार्यक्रम का आयोजन➡️ कृषि विभाग की आकर्षक प्रदर्शनी रही विशेष आकर्षण का केंद्...
23/10/2026

➡️ बीना विकासखंड में मुख्यमंत्री जनविश्वास कार्यक्रम का आयोजन

➡️ कृषि विभाग की आकर्षक प्रदर्शनी रही विशेष आकर्षण का केंद्र, 50 किसानों के मिट्टी नमूनों की मौके पर ही हुई जांच

आज बीना विकासखंड में मुख्यमंत्री जनविश्वास कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों एवं आमजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर खंड स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सागर जिले की कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, लोकप्रिय सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, विधायक श्रीमती निर्मला सप्रे, श्रीमती लता साकवार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती उषा राय, जनपद अध्यक्ष, एसडीएम श्री आशीष कुमार, उपसंचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री जयदत्त शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान किसानों की कृषि संबंधी गतिविधियों, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर कृषि विभाग द्वारा लगाई गई आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य तथा कृषि यंत्रों के उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

प्राकृतिक एवं जैविक खेती की प्रदर्शनी ने किया आकर्षित

कृषि विभाग की प्रदर्शनी में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र तथा अन्य जैविक कृषि उत्पादों को तैयार करने की विधियों का प्रदर्शन किया गया। किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने, प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रदर्शनी में किसानों द्वारा उत्पादित जैविक सब्जियां, जैविक चना एवं अन्य कृषि उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए। इन उत्पादों के माध्यम से जैविक खेती की संभावनाओं, उसके लाभों तथा कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने के तरीकों को प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी में किसानों की सक्रिय सहभागिता और जैविक खेती से संबंधित जानकारियों ने इसे विशेष रूप से रोचक एवं देखने योग्य बनाया।

आधुनिक कृषि यंत्रों का किया गया प्रदर्शन

प्रदर्शनी का एक अन्य प्रमुख आकर्षण आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन रहा। इसमें ट्रैक्टर, रोटावेटर, भूसा बनाने की मशीन, पराली प्रबंधन से संबंधित स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) तथा अन्य कृषि यंत्रों को प्रदर्शित किया गया। इन यंत्रों के माध्यम से किसानों को कृषि कार्यों को सरल, समयबद्ध एवं कम श्रम में पूरा करने की तकनीकों से अवगत कराया गया।

विशेष रूप से पराली प्रबंधन से संबंधित मशीनों के प्रदर्शन द्वारा फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने तथा पराली जलाने के स्थान पर उपयोगी कृषि तकनीकों को अपनाने का संदेश दिया गया। आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी से किसानों को खेती में मशीनीकरण के महत्व एवं उपलब्ध विकल्पों को समझने का अवसर मिला।

मौके पर ही 50 किसानों के मिट्टी नमूनों की जांच

प्रदर्शनी का एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी पहलू मिट्टी परीक्षण की सुविधा रही। इसके अंतर्गत लगभग 50 किसानों के खेतों से लाए गए मिट्टी के नमूनों की जांच की गई तथा उनके परिणाम मौके पर ही उपलब्ध कराए गए। इससे किसानों को अपने खेतों की मिट्टी की स्थिति, पोषक तत्वों की आवश्यकता तथा संतुलित उर्वरक उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिली।

मिट्टी परीक्षण की इस पहल का उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, मिट्टी की आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित करना तथा कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता में सुधार के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने हेतु प्रेरित करना रहा।

एआईएफ योजना के हितग्राहियों को सहायता

कार्यक्रम के दौरान एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) योजना के अंतर्गत पुष्पेंद्र पटेल (सावरिया) एवं रामभारत पटेल (बमोरी शेख) सहित हितग्राहियों को योजना के माध्यम से प्राप्त सहायता एवं अनुदान के संबंध में जानकारी दी गई। इस योजना का उद्देश्य कृषि अधोसंरचना को मजबूत करना, किसानों को कृषि गतिविधियों के विस्तार के अवसर उपलब्ध कराना तथा कृषि क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करना है।

इस अवसर पर उमेश पटेल, अनमोल दुबे एवं उनके साथी, उपसंचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी, एसडीओ श्री जयदत्त शर्मा अवधेश राय SADO तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री जनविश्वास कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को शासकीय योजनाओं की जानकारी देने, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। कृषि विभाग की प्रदर्शनी ने किसानों को खेती से जुड़ी नवीन जानकारियां उपलब्ध कराने के साथ-साथ वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

➡️ राजनीति हो या रोजमर्रा का जीवन, रिश्ते और बंधन हमेशा विश्वास की डोर पर टिके रहते हैं, हमने जो वादा किया था, उसे निभाक...
23/10/2026

➡️ राजनीति हो या रोजमर्रा का जीवन, रिश्ते और बंधन हमेशा विश्वास की डोर पर टिके रहते हैं, हमने जो वादा किया था, उसे निभाकर भी दिखाया है - सांसद राहुलसिंह लोधी

➡️ 174.93 लाख की लागत से बनेगी बुढ़ाखेरा से सिसगुवां तक सड़क, मंजला से बरग्याऊ टोला मार्ग पर खर्च होंगे 232.60 लाख रुपये, सांसद-विधायक ने किया भूमिपूजन

क्षेत्र में ग्रामीण आवागमन को सुगम बनाने और गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सांसद श्री राहुल सिंह लोधी एवं बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह ने दो सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र के विकास को नई गति प्राप्त होगी।

बुढ़ाखेरा से सिसगुवां ग्राम तक 2.70 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 174.93 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा। इस अवसर पर सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि राजनीति हो या रोजमर्रा का जीवन, रिश्ते और बंधन हमेशा विश्वास की डोर पर टिके रहते हैं। आज हमने जो वादा किया था, उसे निभाकर भी दिखाया है। इसी विश्वास के साथ क्षेत्र में एक मजबूत संबंध और बंधन कायम हुआ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ दूर किया जाएगा तथा पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।

विधायक श्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि ग्रामवासियों द्वारा लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही थी। अब इस मांग को स्वीकृति मिलने से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी उम्मीद पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की स्वीकृति से क्षेत्र में विकास होगा। इससे लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी और गांव के विकास को नई गति प्राप्त होगी।

इसी क्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के अंतर्गत मंजला से बरग्याऊ टोला तक बनने वाली 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क का भी सांसद श्री राहुल सिंह लोधी एवं विधायक श्री वीरेंद्र सिंह ने भूमिपूजन किया। इस सड़क के निर्माण पर 232.60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।भूमिपूजन कार्यक्रम में श्री शैलेन्द्र सिंह, श्री महेंद्र सिंह, श्री पुष्पेंद्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

➡️ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत दिलाने संभागायुक्त की पहल,➡️  लंबित पेंशन एवं वेतन निर्धारण प्रकरणों के निराकरण के लि...
23/10/2026

➡️ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत दिलाने संभागायुक्त की पहल,

➡️ लंबित पेंशन एवं वेतन निर्धारण प्रकरणों के निराकरण के लिए 4 और 5 नवंबर को शिविर

➡️ लंबित पेंशन एवं वेतन निर्धारण प्रकरणों के निराकरण के लिए शिविर, नवंबर में सभी जिलों में होगी समीक्षा

संभागायुक्त श्री दिलीप कुमार के निर्देशानुसार सागर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित पेंशन प्रकरणों एवं शासकीय सेवकों के वेतन निर्धारण प्रकरणों के निराकरण के लिए 4 एवं 5 नवंबर 2026 को दो दिवसीय शिविर आयोजित किए जाएंगे।

संभागायुक्त श्री दिलीप कुमार ने लंबित पेंशन एवं वेतन निर्धारण प्रकरणों की अधिक संख्या को देखते हुए संभाग के सभी जिला पेंशन अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। शिविर में सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के माध्यम से प्रकरणों को IFMIS में ऑनलाइन सबमिट कराना सुनिश्चित किया जाएगा। यदि किसी विशेष कारण से प्रकरण ऑनलाइन सबमिट नहीं किया जा सकता है, तो संबंधित कार्यालय प्रमुख से ऐसे प्रकरणों की सूची प्राप्त की जाएगी।

शिविर के बाद संभागीय पेंशन अधिकारी, सागर द्वारा विभिन्न जिलों में लंबित पेंशन एवं वेतन निर्धारण प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला पेंशन कार्यालय पन्ना में 12 नवंबर, छतरपुर में 13 नवंबर, निवाड़ी एवं टीकमगढ़ में 18 नवंबर, दमोह में 19 नवंबर तथा सागर में 25 नवंबर 2026 को समीक्षा की जाएगी। उक्त आदेश के अनुसार, समीक्षा एवं निराकरण संबंधी कार्रवाई जिला स्तर पर की जाएगी। इन शिविरों में आयुक्त, सागर संभाग भी उपस्थित रहेंगे।

➡️ कमिश्नर श्री दिलीप कुमार ने आपचंद मध्यम सिंचाई परियोजना का किया निरीक्षण➡️ आपचंद सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य समय...
23/10/2026

➡️ कमिश्नर श्री दिलीप कुमार ने आपचंद मध्यम सिंचाई परियोजना का किया निरीक्षण

➡️ आपचंद सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश

कमिश्नर सागर संभाग श्री दिलीप कुमार ने आज सागर जिले के रहली क्षेत्र के ग्राम आपचंद पहुंचकर निर्माणाधीन आपचंद मध्यम सिंचाई परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, मुआवजा भुगतान एवं प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की जानकारी ली।

आपचंद मध्यम सिंचाई परियोजना का निर्माण ग्राम आपचंद के समीप गदेरी नदी पर किया जा रहा है। मध्यप्रदेश शासन ने 4 अक्टूबर 2018 को परियोजना के लिए 162.66 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की थी। परियोजना पूर्ण होने पर 19 ग्रामों के 4,830 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। परियोजना का 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इसे जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। कमिश्नर श्री दिलीप कुमार ने निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

परियोजना से चार ग्रामों की 361 हेक्टेयर निजी भूमि प्रभावित हो रही है। इसका 85 प्रतिशत मुआवजा भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।परियोजना के डूब क्षेत्र से प्रभावित 96 परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्विस्थापन के लिए ग्राम आपचंद के समीप आदर्श कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा है। कमिश्नर ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं शेष मुआवजा भुगतान की स्थिति की जानकारी ली।

➡️ कमिश्नर श्री दिलीप कुमार ने उल्दन बांध परियोजना का निरीक्षण कर भू-अर्जन, मुआवजा वितरण एवं विस्थापन कार्य में तेजी लान...
23/10/2026

➡️ कमिश्नर श्री दिलीप कुमार ने उल्दन बांध परियोजना का निरीक्षण कर भू-अर्जन, मुआवजा वितरण एवं विस्थापन कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश

➡️ डूब क्षेत्र के प्रभावित परिवारों को मुआवजा वितरण और पुनर्वास कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करें

कमिश्नर सागर संभाग श्री दिलीप कुमार ने शुक्रवार को बंडा क्षेत्र अंतर्गत निर्माणाधीन बंडा वृहद सिंचाई परियोजना (उल्दन बांध) का निरीक्षण किया। उन्होंने बांध निर्माण, पंप हाउस, गेट, जलभराव, पाइपलाइन एवं जलापूर्ति व्यवस्था की जानकारी ली। साथ ही डूब क्षेत्र में प्रभावित भूमि, मुआवजा वितरण, पुनर्वास एवं विस्थापन कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कमिश्नर श्री दिलीप कुमार ने एसडीएम बंडा एवं परियोजना के अधिकारियों से बांध निर्माण की प्रगति, जलभराव की स्थिति, पानी के प्रवाह तथा पंप हाउस के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने बंडा, शाहगढ़, बांदरी सहित संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की योजना के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि बांध निर्माण का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि पाइपलाइन बिछाने का कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूरा हुआ है। परियोजना के समस्त कार्य जून 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है।

*भू-अर्जन एवं मुआवजा वितरण कार्य में तेजी लाएं

कमिश्नर ने निर्देश दिए कि डूब क्षेत्र में प्रभावित भूमि का भू-अर्जन एवं मुआवजा वितरण शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। जिन प्रकरणों में भूमि के वास्तविक स्वामी के नाम, फौती अथवा अन्य अभिलेखीय त्रुटियों के कारण भुगतान लंबित है, उनका परीक्षण कर अगले सप्ताह तक कमियां दूर करने की कार्रवाई करें। इसके लिए विशेष शिविर आयोजित कर वास्तविक हितग्राहियों के नामों का सत्यापन एवं अभिलेखों में आवश्यक सुधार कराया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों का निराकरण कर पात्र प्रभावितों को मुआवजा राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

*विस्थापन एवं भवनों के निष्कासन की कार्रवाई शीघ्र करें

कमिश्नर श्री कुमार ने कहा कि डूब क्षेत्र के जिन गांवों से परिवार विस्थापित हो चुके हैं, वहां खाली पड़े मकानों एवं अन्य संरचनाओं को नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जाए। निष्कासन से पहले संबंधित परिवारों को सूचना देकर अपना सामान सुरक्षित निकालने का पर्याप्त अवसर दिया जाए। जिन परिवारों ने अभी तक मकान खाली नहीं किए हैं, उनसे संवाद कर उन्हें विस्थापन के लिए प्रेरित करें। उन्होंने विस्थापित परिवारों को मुआवजा एवं पुनर्वास राशि प्राप्त होने की स्थिति की भी जांच करने के निर्देश दिए।

उन्होंने डूब क्षेत्र में आने वाले शासकीय भवनों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, थाना एवं चिकित्सालय सहित अन्य संरचनाओं को आगामी वर्षाकाल से पहले हटाने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही कितने भवनों का निष्कासन शेष है, इसकी अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

*मंदिरों के लिए समिति गठित कराएं

कमिश्नर ने डूब क्षेत्र में आने वाले मंदिरों के संबंध में संबंधित पक्षों से चर्चा कर तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं मंदिर के पुजारी सहित पांच सदस्यों की समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति के नाम से बैंक खाता खुलवाकर नियमानुसार स्वीकृत राशि जमा कराने तथा मंदिरों से संबंधित लंबित कार्यवाही को व्यवस्थित रूप से पूरा करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने डूब क्षेत्र में फसलों को हुए नुकसान की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने प्रभावितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार उनका निराकरण करने तथा भू-अर्जन, मुआवजा वितरण एवं पुनर्वास कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

*278 गांवों की 87,100 हेक्टेयर भूमि को मिलेगी सिंचाई सुविधा

अधिकारियों ने बताया कि बंडा वृहद सिंचाई परियोजना के पूर्ण होने पर 278 गांवों की कुल 87,100 हेक्टेयर भूमि को सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे सागर जिले के बंडा, शाहगढ़, मालथौन तथा छतरपुर जिले की बक्सवाहा तहसील के किसानों को लाभ मिलेगा।

परियोजना के बांध की कुल लंबाई 926 मीटर है, जिसमें 756 मीटर मिट्टी तथा 170 मीटर कंक्रीट का हिस्सा है। बांध की कुल जलभराव क्षमता 313.07 मिलियन घन मीटर है। इसमें से 16.11 मिलियन घन मीटर पानी 412 गांवों की पेयजल व्यवस्था के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अतिरिक्त सौरई औद्योगिक क्षेत्र के लिए 1.018 मिलियन घन मीटर पानी सुरक्षित रखा गया है। परियोजना से क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ पेयजल उपलब्धता और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना के डूब क्षेत्र से 28 गांवों की लगभग 3,409.96 हेक्टेयर निजी भूमि प्रभावित हो रही है। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्विस्थापन के लिए बंडा के समीप ग्राम पनारी एवं पिथौली में आदर्श पुनर्वास कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत प्रभावित परिवारों को मुआवजा वितरण एवं पुनर्वास संबंधी शेष कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के परियोजना संचालक, परियोजना प्रबंधक, एसडीएम बंडा, सहायक परियोजना प्रबंधक, उपयंत्री, राजस्व विभाग के अधिकारी तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

➡️ सात दिन में सुचारू करें मंडियों का संचालन➡️ स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम के बगैर नहीं होगा कंबाइन हार्वेस्टर का संचालन➡️ न...
22/10/2026

➡️ सात दिन में सुचारू करें मंडियों का संचालन

➡️ स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम के बगैर नहीं होगा कंबाइन हार्वेस्टर का संचालन

➡️ नरवाई जलाने की घटनाओं पर प्रभावी कार्यवाही करें, किसानों को कृषि यंत्रों एवं योजनाओं का लाभ दिलाएं

- कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल

➡️ नरवाई प्रबंधन, रबी फसल की तैयारी, भावांतर योजना एवं मंडियों के संचालन की कलेक्टर ने की समीक्षा दिए आवश्यक निर्देश

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने नरवाई एवं पराली प्रबंधन, भावांतर योजना, कृषि विभाग, मंडियों के संचालन एवं रबी सीजन 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, कृषि विकास विभाग श्री राजेश त्रिपाठी, मंडल प्रबंधक जिला विपणन संघ सागर श्री रोहित बघेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक श्री नीरज दुरेजा, श्री अनिल राय सहायक संचालक कृषि, श्री जयदत्त शर्मा सहायक संचालक कृषि, श्री भूपेंद्र राजपूत तकनीकी सहायक कृषि तथा इफको के क्षेत्रीय अधिकारी श्री प्रतीक गुप्ता सहित कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्रीमती पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी फसलों की तैयारी के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। मैदानी अमला किसानों से संपर्क कर फसलवार रकबे में संभावित वृद्धि की जानकारी एकत्रित करे। चना, मसूर एवं तिलहनी फसलों की तैयारी के संबंध में एक सप्ताह के भीतर अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की जाए। संभावनाओं वाले गांवों को चिह्नित कर ब्लॉकवार लक्ष्य निर्धारित करें तथा लक्ष्य प्राप्ति के लिए नियमित समीक्षा करें।

कलेक्टर श्रीमती पाल ने रबी फसलों के लिए बीज की उपलब्धता, वितरण तथा उर्वरक के भंडारण, उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा की। उन्होंने सहकारी समितियों से उर्वरक उठाव, ई-विकास पोर्टल पर टोकन जनरेशन एवं वितरण की जानकारी लेते हुए प्रतिदिन अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समितियों का सत्यापन कर लंबित समस्याओं का निराकरण कराया जाए। निजी उर्वरक विक्रेताओं की नियमित जांच, बिक्री के आंकड़ों का संधारण तथा भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि बुआई के समय किसानों को परेशानी न हो। अवैध वसूली की शिकायतों पर भी प्रभावी कार्यवाही की जाए।

कलेक्टर ने नरवाई प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि फसल कटाई से पहले ही किसानों को नरवाई नहीं जलाने के लिए जागरूक किया जाए। कृषि संगोष्ठियों और मैदानी भ्रमण के माध्यम से किसानों को नरवाई प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों की जानकारी दें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नरवाई जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए केवल समझाइश तक सीमित न रहें, बल्कि प्रभावी परिणाम मूलक कार्यवाही सुनिश्चित करें। प्रत्येक घटना की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी तथा नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने कंबाइन हार्वेस्टर के पंजीयन, स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) अटैचमेंट और संचालन की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि एसएमएस के बिना कंबाइन हार्वेस्टर का संचालन नहीं हो। सभी संबंधित अधिकारी समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जब्ती सहित नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

कलेक्टर ने सभी एसडीओ एवं मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष नरवाई जलाने की घटनाएं रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतें तथा प्रत्येक घटना पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने नरवाई प्रबंधन के लिए उपलब्ध मल्चर, रीपर, रोटावेटर एवं अन्य कृषि यंत्रों की जानकारी ली। उन्होंने स्थापित कस्टम हायरिंग केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए किसानों को इन यंत्रों का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रकरण तैयार किए जाएं तथा योजना से वंचित पात्र किसानों को भी लाभ दिलाया जाए। स्वरोजगार योजना के अंतर्गत प्राप्त एवं स्वीकृत आवेदनों की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की मांग के अनुसार प्रकरण तैयार कर कृषि यंत्रों की उपलब्धता बढ़ाई जाए। सभी एसडीओ एवं मैदानी अधिकारी योजनाओं की प्रगति पर विशेष ध्यान दें। मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं की कार्यशीलता, मशीनों की स्थिति तथा लंबित प्रकरणों की स्वीकृति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।

मंडियों का नियमित संचालन सुनिश्चित करें, किसानों को मिलें आवश्यक सुविधाएं

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मंडियों के संचालन, व्यवस्थाओं एवं समस्याओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी मंडियों में कृषि उपज की खरीदी-बिक्री का कार्य नियमित रूप से संचालित हो। उन्होंने कहा कि मंडियों में मूलभूत गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित नहीं होना गंभीर विषय है। मंडी सचिव एवं निरीक्षक अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करें।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आगामी सात दिनों में सभी मंडियों में खरीफ फसलों के कारोबार से संबंधित ट्रांजेक्शन सुनिश्चित करते हुए मंडियों का नियमित संचालन प्रारंभ किया जाए। मंडियों का निरीक्षण कर शेड सहित अन्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें। मंडियों में फसल की आवक, उपज के ढेर एवं किसानों की उपस्थिति सहित वास्तविक गतिविधियां दिखाई देनी चाहिए। किसानों को उपज विक्रय का भुगतान शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मंडियों में किसानों के लिए पेयजल, छाया एवं शेड की पर्याप्त व्यवस्था की जाए तथा केवल लाइसेंसधारी व्यापारी ही कारोबार करें। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी सीजन की तैयारियों, नरवाई प्रबंधन, कृषि योजनाओं एवं मंडियों के संचालन की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सात दिनों में मंडियों का नियमित संचालन एवं कारोबार सुनिश्चित नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

कलेक्टर ने जैविक प्राकृतिक खेती एवं नरवाई प्रबंधन पर किसानों से की चर्चा

कलेक्टर ने बैठक में शाहगढ़ के किसान श्री करण यादव से चर्चा की। किसान ने बताया कि क्षेत्र में वर्तमान में दो क्लस्टर संचालित हैं तथा तीसरे क्लस्टर की तैयारी चल रही है। क्लस्टर में लगभग 2 हजार लीटर जीवामृत तैयार किया गया है। किसान ने बताया कि उन्होंने एक एकड़ से प्राकृतिक खेती की शुरुआत की और बीआरसी सेंटर के माध्यम से जीवामृत प्राप्त किया। कलेक्टर ने प्राकृतिक खेती के लाभों का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने तथा किसानों के साथ युवाओं को भी इससे जोड़ने की अपील है।

किसान श्री भूपेन्द्र ने चर्चा करते हुए बताया कि उन्होंने सुपर सीडर खरीदा है, जिसकी कुल लागत 25 लाख रुपये थी। इसमें शासन से 10 लाख रुपये का अनुदान मिला। उन्होंने बताया कि सीजन में इससे लगभग 2 लाख रुपये तक का लाभ प्राप्त होता है। कलेक्टर ने अधिकारियों को ऐसे उदाहरणों के माध्यम से अन्य किसानों को भी कृषि यंत्र अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।

➡️ सागर जिले में इफको की सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ➡️ कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने हरी झंडी दिखाकर वाहन को...
22/10/2026

➡️ सागर जिले में इफको की सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ

➡️ कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने हरी झंडी दिखाकर वाहन को किया रवाना

किसानों को मृदा परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने तथा मृदा स्वास्थ्य के अनुरूप उर्वरकों के संतुलित उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज सागर जिले में इफको की सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने हरी झंडी दिखाकर सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला वाहन को रवाना किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग श्री राजेश त्रिपाठी, मंडल प्रबंधक जिला विपणन संघ सागर श्री रोहित बघेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक श्री नीरज दुरेजा श्री अनिल राय सहायक संचालक कृषि,श्री जयदत्त शर्मा सहायक संचालक कृषि, श्री भूपेंद्र राजपूत तकनीकी सहायक कृषि तथा इफको के क्षेत्रीय अधिकारी श्री प्रतीक गुप्ता उपस्थित रहे।

इफको के क्षेत्रीय अधिकारी श्री प्रतीक गुप्ता ने बताया कि सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला आगामी एक सप्ताह तक जिले के विभिन्न विकासखंडों में भ्रमण कर किसानों के खेतों की मिट्टी के नमूनों का परीक्षण करेगी। इस पहल का उद्देश्य किसानों को मृदा परीक्षण की सुविधा सुलभ कराना तथा मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की स्थिति के आधार पर उर्वरकों के संतुलित एवं आवश्यकता अनुरूप उपयोग के प्रति जागरूक करना है। मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने से अनावश्यक उर्वरक व्यय को कम करने, मृदा की उर्वरता बनाए रखने तथा फसलों की उत्पादकता में सुधार लाने में सहायता मिलती है।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल एवं उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, श्री राजेश त्रिपाठी ने किसानों से अपील की कि वे अपने खेतों की मिट्टी का परीक्षण अवश्य कराएं तथा परीक्षण परिणामों के आधार पर अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग कर मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने एवं कृषि लागत को कम करने में सहभागी बनें। सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से किसानों को उनके क्षेत्र में ही मृदा परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, कृषि लागत के युक्तिसंगत प्रबंधन तथा कृषि उत्पादकता में वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा तथा टिकाऊ कृषि विकास को बढ़ावा मिलेगा।

➡️ निर्धारित स्थानों पर ही करें पटाखों का भंडारण एवं विक्रय➡️ कलेक्टर के निर्देश पर जिले में पटाखा गोदामों एवं थोक दुकान...
22/10/2026

➡️ निर्धारित स्थानों पर ही करें पटाखों का भंडारण एवं विक्रय

➡️ कलेक्टर के निर्देश पर जिले में पटाखा गोदामों एवं थोक दुकानों का एसडीएम करेंगे सघन निरीक्षण

➡️ शहर में खेल परिसर के बाजू वाले मैदान में पटाखा दुकानें लगाई जाएंगी

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने दीपावली के अवसर पर पटाखों के वैद्य विक्रय एवं किसी भी अप्रिय घटना से निपटनें एवं सावधानी बरतनें हेतु थोक एवं फुटकर पटाखा विक्रेताओं के साथ बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने जिले में पटाखों के भंडारण एवं विक्रय को लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली पर्व के दौरान आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पटाखों के भंडारण और विक्रय की व्यवस्था निर्धारित नियमों के अनुसार की जाए। सभी दुकानों के बीच गाइडलाइन के अनुसार स्पेस होना चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि पटाखों का भंडारण केवल निर्धारित एवं अधिकृत स्थानों पर ही किया जाए। सागर शहर में खेल परिसर के बाजू वाले मैदान में पटाखों की दुकानें लगाई जाएंगी।

कार्बनाइट गन पर पूर्णतः प्रतिबंधित

कलेक्टर श्रीमती पाल ने कहा कि जिले में कार्बाइड गन के इस्तेमाल पर पूर्णतः रोक लगाई गई है। इसके इस्तेमाल को रोकने के लिए अभियान मोड चलाएं। कार्बाइड गन के विक्रय पर विक्रेता एवं लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने पटाखा बाजारों में व्यवस्थित लेआउट, यातायात प्रबंधन, अग्निशमन एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पटाखों के थोक स्टॉक का सत्यापन करने तथा पात्र व्यापारियों के लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण एवं वितरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर अवैध भंडारण या नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर के निर्देश पर जिले में पटाखा गोदामों का एसडीएम करेंगे सघन निरीक्षण

कलेक्टर ने निर्देश देते हुए कहा कि जिले में समस्त एसडीएम (राजस्व) ने अपने-अपने अनुभाग में पटाखा गोदामों का सघन औचक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने सभी एसडीएम को गोदामों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने, लाइसेंसियों को निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने एवं अवैध पटाखा विक्रय पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि बाजार में कोई भी दुकानदार बिना लाइसेंस के पटाखों की बिक्री न करे। पटाखों को आबादी के बाहर खुले स्थान पर ही बेचा जाए। निरीक्षण के दौरान गोदामों एवं दुकानों पर अग्निशमन यंत्रों के साथ-साथ बालू भरी बाल्टियां और पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पटाखा स्टॉक का परिवहन व्यवस्था का पूर्णतः ध्यान रखें। परिवहन सुरक्षित तरीके से होना चाहिए। वाहन कवर्ड होना चाहिए लूज वायरिंग न हो एवं ज्वलनशील वस्तुए न हो। वेयर हाउस में सुरक्षा की दृष्टि से सभी आवश्यक चीजे उपलब्ध होनी चाहिए।

➡️ मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान बीना में 23 अक्टूबर को जनसंवाद एवं समस्या निवारण शिविरमुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के ...
22/10/2026

➡️ मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान बीना में 23 अक्टूबर को जनसंवाद एवं समस्या निवारण शिविर

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत आमजन की शिकायतों के त्वरित निराकरण, शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लोक सेवाओं के समय-सीमा में प्रदाय हेतु 23 अक्टूबर 2026 को जनपद पंचायत बीना स्थित मंडी परिसर बीना में जनसंवाद कार्यक्रम एवं समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा।

शिविर में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल सहित जिला एवं ब्लॉक स्तर के समस्त अधिकारी मौजूद रहेंगे और प्राप्त आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। नागरिक अपनी शिकायतें व सुझाव सीधे अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

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