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JDjansampark Sagar Official handle of Joint Director of Jansampark Saugor, Government of Madhya Pradesh

➡️ NCTE पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि आज (30 मई 2026) है।➡️ जो वि...
30/05/2026

➡️ NCTE पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि आज (30 मई 2026) है।

➡️ जो विद्यार्थी अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे तुरंत अपना पंजीयन पूर्ण करें और अपने करियर को नई दिशा देने का अवसर प्राप्त करें।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

➡️,जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही प्रदेश सरकार : मंत्री डॉ. शाह➡️ विद्यार्थियों...
27/05/2026

➡️,जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही प्रदेश सरकार : मंत्री डॉ. शाह

➡️ विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, कोचिंग और आधुनिक सुविधाओं से किया जा रहा सशक्त

प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जनजातीय कार्य विभाग लगातार कार्य कर रहा है। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में प्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिये अनेक योजनायें संचालित की जा रही हैं। विभाग द्वारा हजारों स्कूलों, छात्रावासों और आश्रमों का संचालन किया जा रहा है, जहां लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया है कि सरकार जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जनजातीय समाज का हर बच्चा आधुनिक शिक्षा से जुड़े और अपने सपनों को पूरा कर सके। छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रदेश में 17 हजार 794 प्राथमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही 5 हजार 493 माध्यमिक विद्यालय, 1109 उच्च माध्यमिक विद्यालय तथा 804 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा 8 आदर्श आवासीय विद्यालय एवं 82 माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर भी स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा प्रदेश में 94 सांदीपनि विद्यालय और 26 क्रीड़ा परिसर संचालित किए जा रहे हैं। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि जनजातीय विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ बेहतर आवासीय और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

प्रदेश में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावास एवं आश्रमों में 1 लाख 49 हजार 104 विद्यार्थियों को सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इनमें 92 हजार 547 बालक तथा 56 हजार 557 बालिकाएं शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति आश्रमों में 1078 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्‍त कर रहे हैं। इनमें 568 बालक और 510 बालिकाएं शामिल हैं। जूनियर छात्रावासों में 9 हजार 981 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्‍त कर रहे है। सीनियर छात्रावासों में 68 हजार 670 तथा महाविद्यालयीन छात्रावासों में 8 हजार 710 विद्यार्थियों को सुविधा दी जा रही है।

मंत्री डॉ. शाह ने कहा है कि छात्रावास एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 5 हजार रुपये की खेलकूद सामग्री उपलब्ध कराई जाती हैं। सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 5 हजार रुपये तथा फर्नीचर एवं उपकरणों के लिए 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष दिए जाते हैं। उत्कृष्ट छात्रावासों में विद्यार्थियों को 2 हजार रुपये तथा महाविद्यालयीन छात्रावासों में 1 हजार रुपये प्रतिवर्ष स्टेशनरी सुविधा प्रदान की जाती है। इसके अलावा उत्कृष्ट छात्रावासों में विद्यार्थियों को प्रतिमाह 200 रुपये पोषण आहार के रूप में दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जनजाति छात्रावास एवं आश्रमों में समाचार पत्र-पत्रिकाओं के लिए 5 हजार रुपये , इंटरनेट सुविधा के लिए 2500 रुपये, अध्ययन भ्रमण के लिए 25 हजार रुपये तथा संधारण एवं अनुरक्षण के लिए 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष उपलब्ध कराए जाते हैं।

मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि जिला एवं विकासखंड स्तर पर संचालित उत्कृष्ट छात्रावासों में 10 माह की कोचिंग व्यवस्था भी की गई है, जिसमें 5 विषय पढ़ाए जाते हैं। अनुसूचित जनजाति छात्रावास एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति के रूप में बालकों को 1650 रुपये तथा बालिकाओं को 1700 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनजातीय विद्यार्थियों को शिक्षा के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

➡️ हमारे पर्व त्यौहार उत्साह भक्ति श्रद्धा के साथ हमें प्रकृति से जोड़ते हैं गंगा दशहरा ऐसा ही शुभ पर्व है :मंत्री श्री ग...
25/05/2026

➡️ हमारे पर्व त्यौहार उत्साह भक्ति श्रद्धा के साथ हमें प्रकृति से जोड़ते हैं गंगा दशहरा ऐसा ही शुभ पर्व है :मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत

➡️ जलगंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत गंगा दशहरा पर्व पर सांस्कृतिक संध्या के मुख्य आयोजन गंगा आरती में मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने सपत्निक पूजन किया, सभी के मंगल की कामना की

मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी की मंशानुरूप जलगंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत गंगा दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में मुख्य कार्यक्रम लाखा बंजारा झील किनारे नवग्रह मंडपम घाट पर गंगा आरती के विशेष आयोजन सहित सम्पन्न हुआ। सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम के मुख्यातिथि श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सविता सिंह राजपूत के साथ यजमान बनकर पूजनार्चन कर जल स्रोतों की सुरक्षा जल संरक्षण सहित सभी के लिए मंगल कामना की। उन्होंने लाखा बंजारा झील के जल में सभी के साथ दीपदान कर दीपक प्रवाहित किये। गंगा आरती के सांस्कृतिक संध्या आयोजन में महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी, जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी, आयुक्त नगर पालिक निगम सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी श्री राजकुमार खत्री, जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक के वी सहित अन्य अधिकारी जनप्रतिनिधिगण व हजारों की संख्या में श्रद्धालु नागरिक शामिल हुए। ढ़ोल तांसे रमतुला दुलदुल घोड़ी आदि पारंपरिक लोक कलाकारों द्वारा विशेष प्रस्तुति और भव्य आतिशबाजी ने इस सांस्कृतिक संध्या के दौरान गंगा आरती में सभी को मोहित किया।

मंत्री खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मध्यप्रदेश शासन श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा की आज बहुत ही शुभ दिन है आज गंगा दशमी यानि गंगा दशहरा का पावन पर्व है। कालांतर में आज के ही दिन भगीरथी प्रयास से गंगा मैया का उदगम इस धरती पर हुआ था। जीवन दायनी गंगा मैया की कृपा मानवमात्र सहित सम्पूर्ण धरती जगत को प्राप्त हुई थी। हम सब माँ गंगा को प्रणाम करते हैं और उनकी कृपा हम सब पर बनी रहे ऐसी प्रार्थना और कामना करते हैं। मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जल संवर्धन हेतु जलगंगा संवर्धन अभियान प्रदेश भर में चलाया जा रहा है। इसके तहत ऐतिहासिक जल स्रोत जैसे कुएं, बावड़ी, तालाब और नदियों आदि का जीर्णोद्धार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। प्रत्येक जल स्रोत की व्यापक साफ सफाई की जा रही है। ऐसे जल स्रोत जो लगभग खत्म होने की कगार पर थे वे आज जीवंत होकर लोगों के लिए उपयोगी बने हैं। हजारों लाखों छोटे बड़े जलस्रोत आज सुरक्षित बने हैं और लगातार इन पर कार्य किया जा रहा है। पानी हमारे जीवन में कितना आवश्यक हैं ये हम सब जानते हैं। जल के महत्व को देखते हुए जल संरक्षण के इस संदेश को जन जन तक पहुंचाने के लिए हमारी सरकार विभिन्न अभियानों के माध्यम से जागरूकता ला रही है जलगंगा संवर्धन अभियान आज जनआंदोलन बन चुका है।इसका ही परिणाम है की आज इतनी बड़ी हजारों की संख्या में आप सब श्रद्धालु और जागरूक नागरिक लाखा बंजारा झील किनारे आयोजित होने वाले इस सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में शामिल होकर धर्मलाभ लेने के साथ ही जल संरक्षण हेतु संकल्पित हो रहे हैं। आप सभी की श्रद्धा और भक्ति अगाध और प्रसंसनीय है। हमारी सरकार प्रत्येक त्यौहार पर्व को उत्साह से मनाने के लिए प्रतिब्ध है। हम सब आशा, भक्ति, श्रद्धा के साथ इन त्योहारों को मनाते हैं। भारतीय परम्परा में त्योहारों और पर्वों का पर्यावरण संरक्षण में बड़ा महत्व है। लगभग प्रत्येक त्यौहार और पर्व हमें अपनी प्रकृति और परम्पराओं से जोड़कर प्रकृति जल वायु पृथ्वी के संरक्षण का संदेश देता है। आप सभी इतनी बड़ी संख्या में इस पावन कार्यक्रम में धर्मलाभ लेने के लिए दूर दूर से आये हैं आप सभी श्रद्धालु नागरिकों का हृदय से धन्यवाद और शुभकामनायें।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh Govind Singh Rajput

➡️ उर्वरक वितरण की ई टोकन प्रणाली एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने कृषि विभाग की पहल।➡️ प्राकृतिक खेती और ई टोकन प्रणाल...
25/05/2026

➡️ उर्वरक वितरण की ई टोकन प्रणाली एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने कृषि विभाग की पहल।

➡️ प्राकृतिक खेती और ई टोकन प्रणाली को लेकर खरीफ पूर्व फसलों की तैयारी हेतु विकासखंड स्तरीय कृषक संगोष्ठी का आयोजन

कलेक्टर सह अध्यक्ष "आत्मा" गर्वनिंग बोर्ड के निर्देशानुसार एवं परियोजना संचालक आत्मा के मार्गदर्शन में उर्वरक वितरण की ई टोकन प्रणाली एवं प्राकृतिक खेती विषय पर विकासखंड स्तरीय कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन विकासखंड बंडा के ग्राम धबौली मे किया गया। उक्त कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री लोकेन्द्र सिंह लम्बरदार, संयुक्त संचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र देवरी डॉ. आशीष त्रिपाठी, परियोजना संचालक "आत्मा" श्री एम.के.प्रजापति, सहायक संचालक कृषि सागर श्री जितेन्द्र सिंह राजपूत, अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्रीमती कुमुद बुनकर, तकनीकी सहायक, कृषि विज्ञान केंद्र सागर श्री मयंक मेहरा, विकासखंड तकनीकी प्रबंधक शैलेष पाण्डेय, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री यू.एस.अहिरवार, विकासखंड तकनीकी प्रबंधक श्रीमती निधि पाण्डेय, सरपंच धबौली श्री पुष्पेंद्र सिंह, कृषि विस्तार अधिकारी राजेंद्र मालवीय, रीतेश रोहिताश, भरत बंसवर्ती एवं सजल जैन, प्रगतिशील कृषक सहित 150 से अधिक कृषकों की उपस्थिति मे सपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत में तकनीकी सहायक कृषि विज्ञान केंद्र सागर श्री मेहरा के द्वारा प्राकृतिक और जैविक खेती को विस्तार से समझाया साथ में दानेदार उर्वरकों के उपयोग की जगह पर नैनो उर्वरकों के प्रयोग और उनके फायदे के संबंध में विस्तार से बताया। इसके उपरांत संयुक्त संचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी ने सभी किसानों को उर्वरक वितरण की ई-टोकन प्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी तथा सभी किसानों के मोबाइल में ई-टोकन प्रणाली की प्रक्रिया को समझाया तथा किसानों से अनुरोध किया कि इस प्रणाली के माध्यम से खाद का उपयोग करने पर किसी प्रकार की अधिक मात्रा से बचते हुए संतुलित उर्वरकों का प्रयोग फसलों के लिए होगा, जिससे धरती माता स्वस्थ रहेंगी। इसी उद्देश्य से पूरे प्रदेश सहित सागर जिले के सभी विकासखंडो के ग्राम-ग्राम में कृषि रथ के माध्यम से किसानों को संतुलित उर्वरक की जानकारी दी जा रही है। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ त्रिपाठी ने खरीफ पूर्व फसलों की तैयारी के बारे में गहरी जुताई से लेकर बोनी तक की जानकारी दी गई। प्राकृतिक खेती को विस्तार से किसानों के बीच में रखकर उदाहरण सहित जीवामृत, बीजामृत, घन जीवामृत, नीमास्त्र अग्निअस्त्र आदि के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। श्री जितेंद्र सिंह राजपूत में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को मिट्टी नमूना लेने के तरीकों को विस्तार से बताया तथा हर खेत का मिट्टी परीक्षण करने के लिए आग्रह किया। परियोजना संचालक आत्मा श्री प्रजापति ने रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान की जानकारी विस्तार से दी, साथ में किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने का अनुरोध किया। श्रीमती कुमुद ने किसानों से खरीफ फसलों पर समसामायिक चर्चा की।श्री मयंक मेहरा ने किसानों को एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन के संबंध में विस्तार से बताया। जनपद अध्यक्ष श्री लम्बरदार ने ने शासन और सरकार को, ई टोकन प्रणाली, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य की तारीफ करते हुए किसानों से आग्रह किया कि खेती के संबंध में कोई भी जानकारी के लिए उचित माध्यम के द्वारा ही तैयारी करें। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री अहिरवार ने किसानों को विभागीय जानकारी से अवगत कराया तथा वर्तमान में खरीफ फसलों के बीज की उपलब्धता की जानकारी किसानों के साथ साझा की। अंत में जीवामृत बनाने की पूरी प्रक्रिया को किसानों के बीच में बनवाकर उसकी महत्ता की जानकारी दी गई। बीटीएम निधि पाण्डेय के द्वारा सभी अतिथियों तथा कृषकों का कार्यक्रम में पधारने के लिए आभार व्यक्त किया।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

25/05/2026

➡️ जरा सी सावधानी हीट स्ट्रोक और गर्मी से होने वाली गंभीर बीमारियों से बचा सकती है।

➡️ लक्षण पहचानें, तुरंत प्राथमिक उपचार करें और बच्चों को लू एवं धूप से सुरक्षित रखें।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

25/05/2026

➡️ अब हर घर बनेगा ऊर्जा में आत्मनिर्भर

PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगवाएं रूफटॉप सोलर और पाएं शानदार सब्सिडी। बिजली बिल कम करें और भविष्य को रोशन बनाएं।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

➡️ दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर प्रधानमंत्री जी के संदेश को जन आंदोलन बनाएं : मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत➡️ ...
22/05/2026

➡️ दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर प्रधानमंत्री जी के संदेश को जन आंदोलन बनाएं : मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत

➡️ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सादगी का दिया संदेश

➡️ खाद्य मंत्री मंत्रालय से पैदल पहुंचे शासकीय निवास

प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शुक्रवार को विभागीय समीक्षा बैठक के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को अपने नियमित दिनचर्या में शामिल करते हुए स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, अनुशासित जीवनशैली और सादगी का प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर प्रधानमंत्री जी के संदेश को जनआंदोलन का रूप दें और अधिक से अधिक पैदल चलने एवं अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने का प्रयास करें। मंत्री श्री राजपूत मुख्यमंत्री सचिवालय से अपने शासकीय निवास सी-2, 74 बंगले तक पैदल पहुंचे। उनके इस कदम को आमजन के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और फिट जीवनशैली को अपनाने के साथ प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि वर्तमान समय में भागदौड़ भरी जीवनशैली और लगातार बढ़ते तनाव के बीच स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है। नियमित पैदल चलना न केवल शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखता है, बल्कि मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और ऊर्जा भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यदि लोग प्रतिदिन कुछ समय पैदल चलने की आदत विकसित करें तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकता है। इसलिए हर व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में योग, व्यायाम और पैदल चलने जैसी गतिविधियों को शामिल करना चाहिए। इससे ईंधन की बचत के साथ - साथ पर्यावरण संरक्षण में भी हमारा योगदान बढ़ेगा। मंत्री श्री राजपूत ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों और समाज के जिम्मेदार लोगों को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत कर समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास करना चाहिए।
श्री राजपूत ने कहा कि सादगीपूर्ण जीवनशैली भारतीय संस्कृति की पहचान रही है और आज के समय में इसकी प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें व्यक्ति के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं।खाद्य मंत्री के इस कदम की प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन के बीच भी सराहना की जा रही है। लोगों ने इसे स्वास्थ्य जागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने वाला प्रेरक संदेश बताया।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

➡️ विधार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए सजग हुआ प्रशासन: अग्रणी महाविद्यालय में प्राचार्यों ने तैयार की आगामी रणनीति➡️...
10/05/2026

➡️ विधार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए सजग हुआ प्रशासन: अग्रणी महाविद्यालय में प्राचार्यों ने तैयार की आगामी रणनीति

➡️ विद्यार्थियों के प्रति स्नेह और सेवाभाव से उन्हें मानसिक उलझन से बचना संभव - डॉ सरोज गुप्ता

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति उच्च शिक्षा विभाग की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तरीय निगरानी समिति (DLMC) की एक महत्वपूर्ण बैठक पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय (अग्रणी) महाविद्यालय में आयोजित की गई। विगत 29 अप्रैल को डिप्टी कलेक्टर रजत सोनी की अध्यक्षता में लिए गए निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आयोजित इस बैठक में जिले के विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों और मानसिक स्वास्थ्य क्लब प्रभारियों ने सहभागिता की। बैठक की अध्यक्षता समिति की सचिव एवं अग्रणी महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने की।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. सरोज गुप्ता ने गुरु को समाज में ज्ञान और आनंद का प्रेरणा स्रोत बताते हुए कहा कि यदि शिक्षक विद्यार्थियों के प्रति स्नेह और सेवाभाव रखें, तो उनकी किसी भी मानसिक उलझन को आसानी से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने जिले में चल रहे जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए समस्त स्टाफ को पारस्परिक सहयोग के निर्देश दिए। इसी क्रम में रणनीति पर चर्चा करते हुए मकरोनिया प्राचार्य डॉ. ए.सी. जैन ने विद्यार्थियों को प्रवेश स्तर से ही इन गतिविधियों में शामिल करने का सुझाव दिया, तो वहीं रहली महाविद्यालय के प्राचार्य ने हेल्पलाइन नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया। विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक संतुलन हेतु डॉ. संजय खरे ने नियमित योग व मेडिटेशन शिविरों की आवश्यकता बताई।

विमर्श को आगे बढ़ाते हुए शाहपुर की डॉ. किशोरी सोनी ने एक गंभीर पक्ष रखते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक समस्याओं को अक्सर भ्रांतियों से जोड़कर देखा जाता है, अतः अभिभावकों का उन्मुखीकरण करना अनिवार्य है। गढ़ाकोटा प्राचार्य डॉ. घनश्याम भारती ने किशोरवय की भावनात्मक समस्याओं के लिए उचित मार्गदर्शन को जरूरी बताया, जबकि शाहगढ़ प्राचार्य डॉ. रणवीर सिंह ने खेलों के माध्यम से तनाव मुक्ति का मार्ग सुझाया।

बीना पीजी कॉलेज के मो. रफीक शेख ने छात्र, शिक्षक और अभिभावकों की नियमित बैठकों का प्रस्ताव रखा ताकि संवाद का चक्र निरंतर बना रहे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अग्रणी महाविद्यालय की प्रशासनिक अधिकारी डॉ. इमराना सिद्दीकी सहित डॉ. रणबीर सिंह, डॉ. अखिलेश सिंह (नरयावली), डॉ. विनोद कुमार सानोडिया (खुरई), डॉ. शैलेंद्र सकवार (बंडा), डॉ. अक्षय जैन, हरिशंकर सेन, शाहबाज सनी, डॉ. रेखा तिवारी, नमिता काछी, प्रियांशी राजोरिया एवं निजी संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंत में अग्रणी महाविद्यालय की मानसिक स्वास्थ्य क्लब प्रभारी श्रीमती रेणु सोलंकी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

➡️ तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया➡️ 7.48 लाख किसानों से 39.02 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का ...
04/05/2026

➡️ तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया

➡️ 7.48 लाख किसानों से 39.02 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का हुआ उपार्जन : खाद्य मंत्री श्री राजपूत

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 7 लाख 48 हजार किसानों से 39 लाख 2 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने बताया है की तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है।
मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि अभी तक 14 लाख 75 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनीटरिंग की जा रही है।
मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि किसानों को 6490.56 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं।
किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है।
किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ पीपी/एचडीपी बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

➡️ डॉ अखिल तिवारी को फिजियोथेरेपी में मिली पी.एच.डी. की उपाधिमहाराज विनायक ग्लोबल यूनिवर्सिटी (MVGU), जयपुर द्वारा डॉ अख...
27/04/2026

➡️ डॉ अखिल तिवारी को फिजियोथेरेपी में मिली पी.एच.डी. की उपाधि

महाराज विनायक ग्लोबल यूनिवर्सिटी (MVGU), जयपुर द्वारा डॉ अखिल तिवारी को फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में 'डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी' (Ph.D.) की मानद उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने अपना शोध पत्र (Thesis) ""COPD (सीओपीडी) के रोगियों में कार्यात्मक व्यायाम क्षमता पर श्वसन मांसपेशी स्ट्रेचिंग के साथ ब्रीदिंग एक्सरसाइज (श्वसन व्यायाम) के प्रभाव का अध्ययन""विषय पर सफलतापूर्वक पूर्ण किया।

अखिल तिवारी ने अपना यह शोध कार्य विश्वविद्यालय के फिजियोथेरेपी संकाय के अंतर्गत संपन्न किया। उनकी इस उपलब्धि पर उनके शोध निर्देशक (Guide) और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

डॉ अखिल तिवारी,ग्राम बड़कुआ निवासी पंडित श्री रामेश्वर प्रसाद तिवारी के सुपुत्र हैं और वर्तमान में पुणे में वरिष्ठ भौतिक चिकित्सक के पद पर कार्यरत हैं । इसके पहले विगत वर्ष २०२४-२०२५ में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र सागर में वरिष्ठ भौतिक चिकित्सक के पद पर कार्यरत रह चुके हैं ।

उनकी इस शैक्षणिक सफलता पर उनके परिवारजनों, मित्रों और सहयोगियों नें शुभकामनाएं प्रेषित की है। डॉ तिवारी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद, गुरुजनों के मार्गदर्शन और अपनी कड़ी मेहनत को दिया है।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh

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