01/09/2016
हम नौजवान हैं,समा, बदल ही देंगे.यह जो आसमान हैं,क़दमों में उतार लेंगे.दिलों की हम तपिश सेज़मीं की बंदिशों कोजहाँ की बेड़ियों कोखोल देंगे.करतें हैं बातें हम तोमुस्कराहट से.नज़रें, गर उठती हैंतो बस चाहत से.छु लेते हम दिल की,खुशनुमा हर धड़कन.चेहरे खिल उठते हैं,जहाँ से गुजरें हम.नफरतों के दाएरे, छोड़, आ गएजोड़ने आज हर मन कोदिल से दिलों तक, खुले हैं रास्तेआओ प्यार से सजा लें, मिलके इनको.