12/08/2025
अरे बाप रे, कर्नाटक की सियासी मंडी में एक नया मसाला उछला है, और इस बार का हीरो है हमारा आदिवासी मंत्री रमन्ना जी!
अब रमन्ना जी कोई चुपके-चुपके चाय की टपरी पर गप मारने वाले नेता नहीं,
बल्कि तार्किक बुद्धि का ऐसा 'लॉजिक-लालटेन' हैं,
जिसने कांग्रेस के पंडाल में आग ही लगा दी।
लेकिन भाई, आग जलाने की सजा तो भुगतनी पड़ती है, और यहाँ सजा है – मंत्रिमंडल से "निकाल बाहर!"
क्या हुआ, सुनो!
राहुल गांधी ने एक दिन जोश में आकर कह दिया, "लोकसभा चुनाव में डेढ़ लाख वोट चोरी हो गए!"
बस, रमन्ना जी का दिमाग, जो शायद आइंस्टीन के जमाने से दबा हुआ था, अचानक चटकने लगा।
बोले, "राहुल बाबा, जरा ठहरो!
लोकसभा चुनाव तो तब हुआ जब हमारी कांग्रेस कर्नाटक में सत्ता की रजाई ओढ़कर सो रही थी।
वोटर लिस्ट ठीक करने का ठेका हमारा था,
हमारे BLO तो गली-मोहल्ले में टहल-टहलकर पसीना बहा रहे थे।
अब अगर वोट चोरी हुए, तो ये तो हमारी ही सरकार की नाक के नीचे से चूहा भागने जैसा है।
हमारा ही फेलियर है, बाबा!"
बस, ये सुनते ही कांग्रेस का हाईकमान ऐसा तिलमिलाया, जैसे कोई मिर्ची का तड़का सीधे आँखों में लग गया हो।
अरे रमन्ना, ये क्या कर डाला?
तूने तो लॉजिक का परमाणु बम फोड़ दिया!
पार्टी का पहला नियम भूल गया?
"राहुल जी का हर वाक्य वेदों से भी पवित्र,
उसमें दिमाग लगाना महापाप!"
दूसरा नियम – "अगर दिमाग चलाना ही है, तो सिर्फ़ तारीफ़ के भजन गाने में, सवाल उठाने में नहीं!"
तो रमन्ना जी को तुरंत मंत्रिमंडल से "लात मारकर बाहर" का टिकट थमा दिया गया।
सुनते हैं, बर्खास्तगी का फरमान कुछ यूँ था,
"ऐ रमन्ना, कांग्रेस में टिकना है तो अपनी बुद्धि को गोदाम में बंद कर,
और राहुल बाबा की हर बात को 'वाह, गुरु!' कहकर माला जप।
तर्क-वर्क सब छोड़, बस बाबा की भक्ति में डूब जा!"
अब बेचारे रमन्ना जी की हालत उस स्कूल के बच्चे जैसी,
जो गणित में पूछ बैठे, "सर, 2+2 तो 4 होता है,"
और टीचर चिल्लाए, "चुप!
राहुल सर ने कहा 5 तो 5 ही सही!
" रमन्ना जी सोच में पड़ गए – एक तरफ़ बुद्धि चीख रही है, "सच बोल, सच बोल!"
दूसरी तरफ़ पार्टी का डंडा, "राहुल बाबा का नॉनसेंस ही तेरा नेशनल एंथम है!"
तो जनाब,
इस तमाशे का सबक ये है कि सियासत में बुद्धि का बल्ब जलाना वैसा ही है जैसे बिल्ली के गले में घंटी बाँधना – काम तो सही, पर जान का जोखिम!
अब रमन्ना जी क्या करेंगे?
अपनी बुद्धि को ताले में बंद करके चाबी फेंक देंगे, या फिर लॉजिक का नया धमाका करेंगे?
ये तो आने वाला वक्त बताएगा।
तब तक आप भी अगर कहीं दिमाग चलाने की सोच रहे हैं,
तो पहले पार्टी मैनुअल चेक कर लो – कहीं "लॉजिक प्रतिबंधित" तो नहीं लिखा?
साभार ——-
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