15/09/2026
सकण्ड गांव की जागरूक पहल निश्चित रूप से पूरे उत्तराखण्ड के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है। आज भी प्रदेश के कई गांव मूलभूत सुविधा सड़क से वंचित हैं। ऐसे सभी गांवों के ग्रामीणों से अपील है कि सकण्ड के ग्रामीणों से प्रेरणा लेकर अपने हक-हकूकों और अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें।
जनपद रुद्रप्रयाग में भी बांसी–सौंराखाल, खरगेड़–चौंडा पालीगाड़, धारकोट–निर्वाली देवनगर, छेनागाड़–भौंर, चिरबिटिया–लुठयाग, पाला–कुराली, चौंरिया–माथगांव सहित तमाम गांव आज भी राज्य गठन के 26 साल बाद सड़क सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उत्तराखण्ड क्रांति दल हर उस गांव और हर उस संघर्ष के साथ खड़ा है, जो अपने अधिकार और अपने विकास के लिए आवाज उठा रहा है।
आइए, अपने हक-हकूकों और अधिकारों के लिए एकजुट हों और अपनी आवाज को बुलंद करें।
सकण्ड की पहल बने,पूरे उत्तराखण्ड के गांवों की नई आवाज।
जय पहाड़, जय पहाड़ी।
जय उत्तराखण्ड।
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