27/05/2016
शाश्वत सत्य ।।
क्या सिंहस्थ मात्र उन लोगों की आस्था का केंद्र था जो BJP & RSS से जुडे़ हुए थे ?
👇 ऐसा महसुस होने के कुछ उदाहरण है 👇
(1)- ये BJP & RSS का जैसे अपना प्रोगाम हो एवं CPI ,CPM , Congress, AAP , JDU ,RJD , SP, TMC , DMK , AIDMK तथाकथित सेकुलरवादियों आदि का इससे कोई लेना देना नही था । इनके किसी नेता कार्यकर्ता या समर्थकों का स्वागत द्वार नही दिखा ।
(2)-किसी भी CPI ,CPM , Congress, AAP , JDU ,RJD , SP , TMC , DMK , AIDMK ,तथाकथित सेकुलरवादियों आदि ने कुम्भ मे आई आपदा मे किसी तरह का सहयोग नही किया । जबकि ये पर्व हिन्दुओ का सबसे बडा आयोजन होता है ।
(3)-यदि ये आयोजन किसी ओर धर्म का होता तो शायद CPI ,CPM , Congress, AAP , JDU ,RJD , SP , TMC , DMK , AIDMK , तथाकथित सेकुलरवादी आदि उसमे हिस्सा जरुर लेते ।
👆 देखें समझे ,सोचे और विचार जरुर करे 👉
(1)-क्या सेकुलरिज़्म यही है कि बहुसंख्यक समुदाय की आस्था , विश्वास को धर्म के आधार पर नजरअंदाज किया जाए ?
(2)-क्या सेकुलरिज़्म यही है कि बहुसंख्यक समुदाय सदैव इन लोगों से तिरस्कार सहता रहे?
(3)-क्या सेकुलरिज़्म यही है कि बहुसंख्यक समुदाय को अपने तीज त्यौहार पर पर्यावरण - जल की बरबादी , ध्वनि प्रदूषण जैसे तमाम तरह की सीख दी जाये ?
(4)- क्या CPI ,CPM , Congress, AAP , JDU ,RJD , SP , TMC , DMK , AIDMK , तथाकथित सेकुलरवादी आदि को संविधान के Article 51(A) का पालन करने को बाध्य नहीं ?
(5)-संविधान के Article 51(A)जिसमें प्रत्येक नागरिक के अधिकार का सम्मान प्रत्येक नागरिक को करना है क्या यही संविधान का पालन है ?
(6)- क्या ये तमाम जमात संविधान की दुहाई देकर देश का अनैतिक शोषण नहीं कर रहे हैं ?
👉 दुसरा पहलू भी देखें 👈
(1) किसी ने ध्यान दिया की नहीं लेकिन मैंने दिया है TMC ममता बेनर्जी के सेलिब्रेशन मे केवल हरे रंग का गुलाल था। वही केरल मे हरे रंग के झंडे से रैली निकालती हैं ।
(2) सिंहस्थ हिंदुओ का त्यौहार है,कोई भी नेता BJP & RSS के सिवा वहाँ नहीं गया।
(3) क्या राहुल,सोनिया, मुलायम, लालू,नितीश, मायावती,, ममता, जया, गोगोई, केजरीवाल आदि को हिंदू वोट नहीं देता ?
(4)क्या ये नेता हिंदू नहीं हैं ?
(5) क्या यह सही नहीं है की जो भी पार्टी सेकुलरिज़्म और मुस्लिम वोटों से जीतती हैं उनके नेता न तो मंदिर जाते है और न ही हिंदुओ के त्योहारों मे शामिल ही होते है ?
🙏 हमे किसी के मस्जिद में , दरगाह में जाने से ,इफ्तार पार्टी करने से आपत्ति नहीं हैं।🙏
लेकिन हमे शर्म आना चाहिए उनके हिन्दू होने पर और ऐसे हिंदुओं से जो इनका समर्थन कर इन्हें वोट देते हैं और अपने धर्म समाज का निरंतर धर्मनिरपेक्षता के नाम पर अपमान करने का इन्हें अधिकार देते है।
।।।वाकई गहराई से सोचने की बात है ।।।
👆 ये मेरे मौलिक विचार है यदि सहमत हो तो औरों को भी जाहिर करने मे सहयोग करे , सकारात्मक राष्ट्र निर्माण के लिए जरूरी हैं।