Jai deepender jai haryana

Jai deepender jai haryana Sh. Deepender hooda m.p ROHTAK jindabad सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा

• BJP के पास प्रधानमंत्री हैं• BJP के 18 मुख्यमंत्री हैं• BJP के लोकसभा में 240 सांसद हैं• BJP के देशभर में 1800+ विधायक...
18/01/2026

• BJP के पास प्रधानमंत्री हैं
• BJP के 18 मुख्यमंत्री हैं
• BJP के लोकसभा में 240 सांसद हैं
• BJP के देशभर में 1800+ विधायक हैं
• BJP के पास सैकड़ों मेयर हैं
• BJP के पास #इंदौर में ट्रिपल इंजन भी है

• लेकिन, जन अधिकारों से जुड़ा स्पष्ट सवाल यह है कि जब इंदौर के 24+ परिवार जहरीले पानी से उजड़ रहे थे, तो Bharatiya Janata Party (BJP) के यह सभी इंजन कहां थे?

इंदौर, मप्र के साथ पूरा देश जानता है,
उस वक्त मदद लेकर कौन पहुंचा?

✓ जननायक श्री राहुल गांधी जी | ❤️

गंदे पानी से पीड़ित परिवारों को,
सच्चा सहारा किसने दिया?

✓ जननायक श्री राहुल गांधी जी | ❤️

मां अहिल्या का आंगन याद रखेगा,
अंतहीन पीड़ा के समय कौन साथ खड़ा था?

✓ जननायक श्री राहुल गांधी जी | ❤️

• मेरे नेता श्री राहुल गांधी जी ने पीड़ित परिवारों को ₹1 लाख का चेक देकर कहा, “राजनीति बाद में, पहले इंसानियत!”

• इंदौर के साथ पूरे मध्य प्रदेश की जनता ने भी बखूबी देख व समझ लिया, कि सत्ता किसके पास है और संवेदना किसके पास?

• श्री Rahul Gandhi जी ने फिर साफ कर दिया कि आंकड़ों वाली सरकारें बहुत हैं, लेकिन दुख बांटने वाला नेता सिर्फ एक!

• जब "सरकारी हत्याओं" के अक्षम्य अपराध की दोषी BJP Madhya Pradesh बात, बयान, बहानों में उलझी थी, राहुल जी ने संबल की राह बनाई!

• जब इंदौर को कलंकित करने वाले “पावर” और “पब्लिसिटी” का “घंटा” बजा रहे हैं, मेरे नेता पीड़ितों के घर जा रहे हैं!

• इसीलिए, देश का जन-मन फिर पूछ रहा है, इतनी भाजपा की सरकारें होने के बाद भी इंसानियत विपक्ष ही क्यों निभा रहा है?

18/01/2026
ये मज़ाक़ की बात नहीं है। बहुत ही चिंता की बात है। चुनाव आयोग बीजेपी पर किस तरह आश्रित हो गया है -लोकमत की रिपोर्ट यह दर...
17/01/2026

ये मज़ाक़ की बात नहीं है। बहुत ही चिंता की बात है। चुनाव आयोग बीजेपी पर किस तरह आश्रित हो गया है -लोकमत की रिपोर्ट यह दर्शाती है।

अखबारों की ये रिपोर्ट राहुल गांधी जी द्वारा लगाये गये 'वोट चोरी' के गंभीर आरोपों पर मुहर लगा रही हैं।मुख्यमंत्री नायब जी...
17/01/2026

अखबारों की ये रिपोर्ट राहुल गांधी जी द्वारा लगाये गये 'वोट चोरी' के गंभीर आरोपों पर मुहर लगा रही हैं।

मुख्यमंत्री नायब जी की 'व्यवस्था', 'इंतजाम' की पोल अब खुल रही है!

नरेंद्र मोदी ने एकबार फिर ट्रंप के आगे सरेंडर कर दिया है।ख़बरों के मुताबिक- ट्रंप के दबाव में नरेंद्र मोदी ने ईरान के चा...
17/01/2026

नरेंद्र मोदी ने एकबार फिर ट्रंप के आगे सरेंडर कर दिया है।

ख़बरों के मुताबिक- ट्रंप के दबाव में नरेंद्र मोदी ने ईरान के चाबहार पोर्ट से अपना कंट्रोल छोड़ दिया है, चुपके से वेबसाइट भी बंद करवा दी।

इस बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में मोदी सरकार ने देश की जनता के 120 मिलियन डॉलर लगाए थे और अब ये सब स्वाहा हैं।

जब चाबहार पोर्ट का एग्रीमेंट हुआ था तो नरेंद्र मोदी ने कहा था कि इकोनॉमी से जुड़ा बहुत बड़ा काम हुआ है। ये मेरी बहुत बड़ी सफलता है।

अब जब चाबहार पोर्ट का कंट्रोल छोड़ दिया है तो इसपर कुछ नहीं बोल रहे हैं।

चाबहार कोई आम बंदरगाह नहीं है। यह भारत को अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया से एक अहम और सीधा समुद्री रास्ता देता है, जिससे हम पाकिस्तान को बाईपास कर सकते हैं और चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का मुकाबला भी कर सकते हैं।

लेकिन अफ़सोस की बात है कि नरेंद्र मोदी ट्रंप के दबाव के आगे झुक गए और देश का नुकसान कर दिया।

सवाल है:

• भारत की विदेश नीति अमेरिका के व्हाइट हाउस से क्यों तय की जा रही है?

• नरेंद्र मोदी, अमेरिका को भारत पर दबाव बनाने की अनुमति क्यों दे रहे हैं?

05/01/2026

और वो ठग बांग्लादेश के नाम पर हिंदू को जगाने निकल पड़े हैं।

👉🏻तिरुपति में चर्बी वाले प्रसाद के लड्डू खिला दिए गए,हिंदू सोता रहा लेकिन कोई जगाने नहीं आया

👉🏻इंदौर में नाली गटर का पानी पिला दिए,हिंदू सोता रहा लेकिन कोई जगाने नहीं आया।

👉🏻जहरीली कफ सिरप पिला कर बच्चों को मरवा दिए,हिंदू सोता रहा लेकिन कोई जगाने नहीं आया

👉🏻ऑक्सीजन की कमी से बच्चों को मौत की नींद सुला दिए,हिंदू सोता रहा लेकिन कोई जगाने नहीं आया

👉🏻दिल्ली में ज़हरीली हवा सुँघा दिए,हिंदू सोता रहा लेकिन कोई जगाने नहीं आया

जागो हिंदू जागो ,जय जय श्रीराम

और जीतने वाला बीबी बत्रा हूडा के घर पैदा हो रह्या है 🤣 ?Get Well Soon Manish Grover 🌺
04/01/2026

और जीतने वाला बीबी बत्रा हूडा के घर पैदा हो रह्या है 🤣 ?
Get Well Soon Manish Grover 🌺

मानेसर का पूरा मामला क्या है...  चलिए आपको बताते हैं... दरअसल, जिस मानेसर की जमीन से जुड़ा यह केस है, उसका अधिग्रहण साल ...
03/01/2026

मानेसर का पूरा मामला क्या है...

चलिए आपको बताते हैं... दरअसल, जिस मानेसर की जमीन से जुड़ा यह केस है, उसका अधिग्रहण साल 1995 में भजनलाल सरकार के दौरान हुआ था। जमीन पर सेक्शन-4 लगा हुआ था लेकिन गांववालों के विरोध की वजह से इस जमीन को सेक्शन-6 में रिलीज करना पड़ा।

इसके बाद सरकार बदली और साल 2004 में इनेलो सरकार ने कुल 912 एकड़ जमीन को फिर से एक्वायर करने के लिए सेक्शन-4 लगा दिया। 912 एकड़ में 200 एकड़ जमीन आईटीसी कंपनी की थी, जिसमें गोल्फ कोर्स बना हुआ था, यानी इसका पहले से ही सीएलयू हो चुका था। इसलिए इस 200 एकड़ के जमीन अधिग्रहण को लेकर इनेलो सरकार व आईटीसी कंपनी के बीच भी अनबन थी। 912 एकड़ के बड़े हिस्से में स्थानीय लोगों के रिहायशी मकान भी बने हुए थे। इनेलो सरकार द्वारा अधिग्रहण का किसानों ने फिर विरोध किया और कुछ किसान कोर्ट में चले गए। लेकिन सरकार ने जमीन नहीं छोड़ी।

उसके बाद सरकार बदल गई और भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 2006 में इस जमीन पर सेक्शन-6 लगाकर स्थानीय लोगों से आपत्तियां मांगी। इसी दौरान किसानों और उस समय की केंद्र कांग्रेस सरकार के मंत्री व गुड़गांव से सांसद राव इंद्रजीत ने भी इस जमीन को रिलीज करने की मांग उठाई। उन्होंने प्रदेश सरकार को बाकायदा पत्र लिखकर कहा कि इस जमीन को रिलीज किया जाए।

इसके बाद खुद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा रिलीज की मांग कर रहे किसानों के धरने पर पहुंचे। किसानों से बातचीत के बाद हुड्डा ने मौके पर ही डीसी को कमेटी गठित करने का आदेश दिया। इस कमेटी में SDM और HSIIDC के GM को भी मेंबर बनाने और अधिग्रहण की दोबारा समीक्षा करने के आदेश दिए।

किसानों की आपत्ति, कमेटी की समीक्षा, राव इंद्रजीत की मांग को मानते हुए और कोर्ट केस को देखते हुए हुड्डा सरकार ने इस जमीन को 2007 में रिलीज कर दिया। यानी जमीन वापिस किसानों को लौटा दी।

कमेटी बनने और जमीन रिलीज होने के दौरान स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर्स और बिल्डर्स इस जमीन को खरीदने के लिए सक्रिय हो गए। क्योंकि सारा मामला सार्वजनिक था और हुड्डा सरकार किसानों के प्रति सकारात्मक नजर आ रही थी। इसलिए प्रॉपर्टी डीलर्स व बिल्डर्स ने अनुमान लगाया कि सरकार किसानों की मांग जरूर मानेगी। क्योंकि इससे पहले भी ऐसा हो चुका था।

इसलिए बिल्डर और डीलर्स ने सरकार द्वारा फैसला लिए जाने से पहले ही किसानों से संपर्क साधना शुरू कर दिया। उन्होंने जमीन के ऊंचे रेट लगाकर किसानों के साथ कॉन्ट्रेक्ट कर लिया। क्योंकि मालिकाना हक उस वक्त तक भी किसानों के पास ही था, इसलिए किसानों ने ऊंचे रेट लेने के लिए अपनी मर्जी से डीलर्स व बिल्डर्स को जमीन बेचने का कॉन्ट्रेक्ट कर लिया।

वहीं दूसरी तरफ सरकार ने किसानों की मांग, कोर्ट केस, डीसी की कमेटी, राव इंद्रजीत की मांग को देखते हुए पूरी जमीन वापिस किसानों को लौटा दी।

इसके बाद सरकार का जमीन से कोई वास्ता नहीं रहा। जमीन मालिकों ने अपनी मर्जी से प्रॉपर्टी डीलर व बिल्डरों को पहले से हुई डील के मुताबिक जमीन बेच दी। जैसा कि प्रत्येक व्यापारी करता है, लाभ कमाने के लिए उन्होंने जमीन का सीएलयू करवाया और इस जमीन से लाभ कमाया। सीएलयू पूर्ण रूप से एक वैधानिक व पारदर्शी प्रक्रिया है, इसके तहत खेती की जमीन पर अगर कोई कॉलोनी बनाना चाहता है तो उसे पहले सीएलयू करवाना पड़ेगा, अगर कोई वहां मार्किट बनाना चाहता है तो उसे सीएलयू करवाना पड़ेगा। पूरे देश में बनी मार्किट व रिहायशी कॉलोनी सीएलयू के बाद ही विकसित होती हैं।

भूपेंद्र हुड्डा ने मीडिया को बताते आये है कि उनकी सरकार द्वारा एक इंच भी जमीन किसी बिल्डर या डीलर को नहीं दी। क्योंकि सरकार ने तो किसानों की मांग मानते हुए पूरी जमीन वापिस कर दी थी।

खैर, 2014 में सरकार बदली और मामले के लगभग 12 साल बाद बीजेपी सरकार ने हुड्डा पर आरोप लगाया कि जमीन को रिलीज करने की वजह से बिल्डर व प्रॉपर्टी डीलर्स को लाभ हुआ। आपने सरकार द्वारा किसानों की जमीन अधिग्रहण करने के मामले में सरकारों पर आरोप लगते देखे होंगे... लेकिन यह शायद देश का पहला मामला है जिसमें किसी पूर्व मुख्यमंत्री को इसलिए आरोपी बनाया गया है, क्योंकि उनकी सरकार ने अधिग्रहण की गई जमीन किसानों को वापिस कर दी गयी।

12 साल से सत्ता में होने के बावजूद अबतक बीजेपी सरकार आरोपों को साबित क्यों नहीं कर पाई? और 17 नवंबर से इस केस पर सुप्रीम कोर्ट में स्टे है।

दर्जनों एजेंसियों के हजारों कर्मचारी होते हुए भी अबतक 4 फाइलों के चंद पन्ने तक एजेंसियां क्यों नहीं पढ़ पाईं? पहली नज़र में यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध ही लगता है ?

किसान की कमर तोड़ने का काम 😡😡ट्रैक्टर 🚜 का नवीनीकरण शुल्क(Registration Renewal) 10 गुणा बढ़कर 1080 रु से 10485 रु हुआ ।
23/11/2025

किसान की कमर तोड़ने का काम
😡😡
ट्रैक्टर 🚜 का नवीनीकरण शुल्क(Registration Renewal) 10 गुणा बढ़कर 1080 रु से 10485 रु हुआ ।

अब्राहम लिंकन इसलिए इतिहास बने क्योंकिउन्होंने हार को बदनसीबी नहीं, जिम्मेदारी माना।क्योंकि वे जानते थे कि सच्चाई और नैत...
15/11/2025

अब्राहम लिंकन इसलिए इतिहास बने क्योंकि
उन्होंने हार को बदनसीबी नहीं, जिम्मेदारी माना।
क्योंकि वे जानते थे कि सच्चाई और नैतिकता ताकत के हथियार नहीं—
राष्ट्र के भविष्य की नींव हैं।

और इसी कारण भारत की राजनीति में
राहुल गांधी आज अकेले खड़े हैं—
उस धारा में, जहां सत्ता नहीं, सत्य को प्राथमिकता दी जाती है।

लिंकन 28 साल तक हारते रहे,
लोग मज़ाक उड़ाते थे,
उन्हें “फेल नेता” कहा जाता था।

लेकिन इतिहास गवाह है—
तानाशाही चुनाव जीतती है,
लोकतंत्र धीरे-धीरे, पर स्थायी जीतता है।

राहुल गांधी आज भी उसी रास्ते पर हैं:
• मोहब्बत की राजनीति
• हाशिये पर खड़े नागरिकों का साथ
• संविधान के प्रति प्रतिबद्धता
• सत्ता से नहीं, लोगों से संवाद
• नफरत की राजनीति से इंकार

और जनता का जो विश्वास उनके प्रति है
वह चुनावी आंकड़ों से नहीं टूटता।
क्योंकि यह विश्वास नेता में नहीं,
एक विचार में है — भारत कैसा होना चाहिए।

लिंकन हारते-हारते राष्ट्रपति बने।
राहुल गांधी शायद हारते-हारते ही
इस देश को वह दिशा दे जाएंगे
जो जीतने वाले कभी नहीं दे सकते।

सत्ता जीतने वाले पलटते रहते हैं,
लेकिन जो मोहब्बत जीत ले —
वह राष्ट्र के दिल में हमेशा शासन करता है।

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Rohtak

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