Sakhi One Stop Centre, Rewari

Sakhi One Stop Centre, Rewari महिला हेल्पलाइन – 181 एक 24x7 टोल-फ़्री सेवा है, जो संकट की स्थिति में महिलाओं को त्वरित मदद, पुलिस सहायता, क़ानूनी सलाह और काउंसलिंग उपलब्ध कराती है।

पीएमश्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिठवाना में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम तथा वन स्टॉप सैंटर  की ओर से जागरूकता कार्यक्...
02/03/2026

पीएमश्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिठवाना में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम तथा वन स्टॉप सैंटर की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों को चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर विस्तृत रूप से जानकारी दी। इस अवसर पर वन स्टॉप सैंटर संचालिका ललिता कालरा तथा अध्यापिकाएं उपस्थित रहे।
कुल लाभार्थी: 50

सैनी चौपाल भाड़ावास गेट आंगनवाड़ी सैंटर में वन स्टॉप सैंटर  की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थि...
19/12/2025

सैनी चौपाल भाड़ावास गेट आंगनवाड़ी सैंटर में वन स्टॉप सैंटर की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित महिलाओं को लैंगिक संवेदनशीलता, बाल विवाह और महिला हेल्प लाइन 181 पर विस्तृत रूप से जानकारी दी। इस अवसर पर वन स्टॉप सैंटर संचालिका ललिता कालरा, आंगनवाड़ी वर्कर सुषमा तथा अन्य महिलाएं उपस्थित रहे।
कुल लाभार्थी: 25

गौतम नगर आंगनवाड़ी सैंटर में वन स्टॉप सैंटर  की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित महिलाओं को लै...
19/12/2025

गौतम नगर आंगनवाड़ी सैंटर में वन स्टॉप सैंटर की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित महिलाओं को लैंगिक संवेदनशीलता, बाल विवाह और महिला हेल्प लाइन 181 पर विस्तृत रूप से जानकारी दी। इस अवसर पर वन स्टॉप सैंटर संचालिका ललिता कालरा, आंगनवाड़ी वर्कर रितु यादव तथा अन्य महिलाएं उपस्थित रहे।
कुल लाभार्थी: 25

मोहल्ला जोगिया आंगनवाड़ी सैंटर में वन स्टॉप सैंटर  की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित महिलाओं...
18/12/2025

मोहल्ला जोगिया आंगनवाड़ी सैंटर में वन स्टॉप सैंटर की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित महिलाओं को लैंगिक संवेदनशीलता, बाल विवाह, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और महिला हेल्प लाइन 181 पर विस्तृत रूप से जानकारी दी। इस अवसर पर वन स्टॉप सैंटर संचालिका ललिता कालरा, आंगनवाड़ी वर्कर्स सरोज और सामाजिक कार्यकर्ता प्रमिला भार्गव तथा अन्य महिलाएं उपस्थित रहे।
कुल लाभार्थी: 40

अपनों से बिछुड़ने का दर्द बयां करती बुजुर्ग महिला की आँखें अपनों से बिछड़ कर गुजरात के आनंद जिला के मेघवा  गांव से हरियाण...
25/11/2025

अपनों से बिछुड़ने का दर्द बयां करती बुजुर्ग महिला की आँखें
अपनों से बिछड़ कर गुजरात के आनंद जिला के मेघवा गांव से हरियाणा के रेवाड़ी जिला स्थित वन स्टॉप सैंटर पहुंची लगभग अस्सी वर्षीय बुजुर्गअपने परिजनों से मिल कर फूट फूट कर रोने लगी।
वन स्टॉप सैंटर संचालिका ने जानकारी देते हुए बताया कि
पिछले लगभग एक महीने पहले बेटी को गुजरात के उमरेठ गांव में मिलने के बाद अपने घर जाने की बजाय रास्ता भूल कर भटकते हुए किसी तरह ट्रक ड्राइवर द्वारा रेवाड़ी के कसौला चौक पहुंची बुजुर्ग को कसौला थाना द्वारा वन स्टॉप सैंटर छोड़ा गया। उस समय बूढ़ी मां अनजान शहर और अनजान लोगों को देख कर घबराई हुई थी। उनसे सौहार्द पूर्ण संबंध बनाते हुए बातचीत की तो उसने अपना नाम सूरज बेन व पति का नाम बाबर भाई बताया और गांव खंभोलज जिला खेड़ा गुजरात बताया। सूरजबेन द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर गुजरात में संपर्क करने पर पता चला कि जो जिला खेड़ा है वह अब आनंद जिला के नाम से जाना जाता है।
अतः खेड़ा जिला के वन स्टॉप सैंटर की संचालिका से संपर्क करके सारी जानकारी दी। उन्होंने संबंधित पुलिस थाना खंभोलज को दी । इन सब प्रक्रियाओं के बाद सूरजबेन के परिवार की जानकारी मिली। सूरजबेन के पोते से संपर्क किया वीडियो कॉल पर बात कराने पर उनके परिजन दादी को देख कर रोने लगे।
आज दिनांक 25.11.2025 को सूरजबेन के पोते शैलेश व भरत वन स्टॉप सैंटर आए। सूरजबेन अपने परिवार को पाकर बहुत खुश हुई ।उन्होंने सूरजबेन के सभी दस्तावेज कार्यालय को दिखाए। सूरजबेन खुशीपूर्वक अपने घर गई।

केंद्र संचालिका
वन स्टॉप सैंटर रेवाड़ी

मानव तस्करी की कहानी (18 वर्ष से कम आयु)रिया सिर्फ़ 15 साल की थी जब उसकी ज़िंदगी अचानक बदल गई। वह एक छोटे से गाँव में रह...
25/09/2025

मानव तस्करी की कहानी (18 वर्ष से कम आयु)

रिया सिर्फ़ 15 साल की थी जब उसकी ज़िंदगी अचानक बदल गई। वह एक छोटे से गाँव में रहती थी, जहाँ उसके माता-पिता दिन-रात मेहनत करके मुश्किल से घर चलाते थे।

एक दिन गाँव में एक अजनबी औरत आई। उसने रिया के माता-पिता को बहकाया –
“मैं आपकी बेटी को शहर ले जाऊँगी। वहाँ उसे पढ़ाई और काम दोनों मिलेगा, आपके घर की हालत सुधर जाएगी।”

गरीबी और उम्मीद के बीच फँसे माँ-बाप ने हामी भर दी। लेकिन शहर पहुँचते ही रिया को पता चला कि यह सब एक धोखा था। उसे एक अँधेरे कमरे में बंद कर दिया गया, जहाँ कई और नाबालिग लड़कियाँ पहले से कैद थीं। तस्कर उनसे जबरन काम करवाते, खाने-पानी की कमी रखते और डराते-धमकाते।

रिया हर रात घर की याद में रोती। पर डर ने उसे चुप रखा।

कई महीने बाद, एक अन्य पीड़ित लड़की ने किसी तरह मदद के लिए संदेश पहुँचाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और एनजीओ के सहयोग से छापा मारकर रिया सहित कई लड़कियों को छुड़ा लिया। तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया।

आज़ादी के बाद, रिया को न सिर्फ़ सुरक्षा मिली बल्कि उसे वन स्टॉप सेंटर (OSC) भेजा गया। वहाँ उसे परामर्श (काउंसलिंग), शिक्षा, कानूनी सहायता और अस्थायी आश्रय मिला। धीरे-धीरे उसने अपने जीवन को दोबारा सँभालना शुरू किया।

आज रिया खुद जागरूकता कार्यक्रमों में हिस्सा लेती है और बच्चों को सचेत करती है कि किसी भी अजनबी के झूठे वादों पर भरोसा न करें। उसका सपना है कि वह सोशल वर्कर बने और पुलिस व OSC की तरह दूसरों की मदद कर सके।

संदेश :

मानव तस्करी अक्सर झूठे वादों (नौकरी, पढ़ाई, शादी) से शुरू होती है।

18 साल से कम उम्र के बच्चे सबसे अधिक असुरक्षित होते हैं।

पुलिस की तत्परता और वन स्टॉप सेंटर का सहयोग पीड़ितों को सुरक्षा और नया जीवन देने में अहम है।

अगर कहीं भी तस्करी या शोषण का शक हो, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन (112 / 1098 चाइल्डलाइन) पर सूचना दें।

अगर आपके आस-पास किसी भी महिला एवं बालिकाओं पर अत्याचार हो रहा है ,तो हमे बताएं हम उसकी निशुल्क सहायता करेंगे आपके सहयोग से किसी पीड़ित/लाचार की सहायता हो सकती है।
हमें कॉल कीजिए इस नंबर पर -
Women helpline no-181
One Stop Centre (Sakhi),
Add. First Floor Janta Service Station opp- Trauma Center, Rewari
Ph-1274-255230

वित्तीय साइबर फ्रॉड की कहानीशीर्षक: एक क्लिक और एक कॉल की कीमतपरिचयरोहित गुरुग्राम का एक युवा प्रोफेशनल था। वह ऑनलाइन बै...
24/09/2025

वित्तीय साइबर फ्रॉड की कहानी

शीर्षक: एक क्लिक और एक कॉल की कीमत

परिचय

रोहित गुरुग्राम का एक युवा प्रोफेशनल था। वह ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई से सभी लेन-देन करता था। सब कुछ आसान लग रहा था, लेकिन उसे नहीं पता था कि एक क्लिक और एक कॉल उसकी ज़िंदगी बदल देंगे।

पहली घटना – फ़िशिंग लिंक

एक शाम रोहित को एक SMS मिला:
"प्रिय ग्राहक, आपका बैंक अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा। तुरंत KYC अपडेट करें।"

मैसेज असली लग रहा था। रोहित ने लिंक खोला और अपनी बैंक आईडी, पासवर्ड और OTP डाल दिया।
कुछ ही मिनटों में उसके अकाउंट से पैसे उड़ गए।

दूसरी घटना – Digital Arrest Fraud

कुछ दिन बाद, रोहित को एक अजनबी का कॉल आया। कॉल करने वाला खुद को "साइबर क्राइम ऑफिसर" बता रहा था।

उसने रोहित से कहा:
"आपका अकाउंट मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल हुआ है। आपके खिलाफ केस दर्ज है। अगर आप तुरंत हमारी बात नहीं मानेंगे, तो पुलिस आकर आपको गिरफ्तार कर लेगी।"

रोहित डर गया। कॉलर ने उसे वीडियो कॉल पर आने को कहा, और वहाँ नकली पुलिस की वर्दी पहने लोग दिखाए।

फिर उन्होंने कहा:
"अगर आप बेक़सूर हैं तो हमें अपनी बैंक डिटेल और पैसे सिक्योरिटी डिपॉज़िट के रूप में भेजिए। जाँच पूरी होने के बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा।"

डर और दबाव में रोहित ने कई लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उसने बैंक और असली पुलिस से संपर्क किया, तब समझ आया कि यह Digital Arrest Scam था।

धोखाधड़ी का तरीका

अपराधियों ने फिशिंग लिंक से रोहित का पहला नुकसान किया।

बाद में डर, धमकी और नकली पुलिस कॉल से "डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड" किया।

वीडियो कॉल पर नकली वर्दी और सरकारी माहौल दिखाकर भरोसा दिलाया।

पीड़ित को मानसिक दबाव देकर पैसे ट्रांसफर करवा लिए।

परिणाम

रोहित ने तुरंत 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज की। साइबर पुलिस ने केस लिया, लेकिन पैसे वापस मिलना मुश्किल था क्योंकि अपराधियों ने उन्हें जल्दी-जल्दी अलग-अलग खातों में भेज दिया था।

सीख

किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचें।

पुलिस या सरकारी एजेंसी कभी भी फोन/वीडियो कॉल पर पैसे नहीं मांगती।

अगर कोई कॉल पर आपको गिरफ्तारी की धमकी दे, तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें।

हमेशा शांत रहें, घबराहट में फैसला न लें।

हर फ्रॉड की सूचना साइबर पोर्टल या नज़दीकी पुलिस स्टेशन को दें।

यह रही “Digital Arrest और Cyber Fraud” से सम्बन्धित कुछ महत्वपूर्ण सकारात्मक हिदायतें (precautions / सलाह) जो आप खुद अपनाएँ और दूसरों को भी बताएँ:
________________________________________
🔒 सावधानी बरतें: Digital Arrest और Cyber Fraud से बचने के तरीके
1. शांत रहें, धैर्य रखें
डर या शिकायत वाले कॉल/मैसेज से तुरंत जवाब न दें। अपराधी अक्सर डर-भय व त्वरित कार्य करने की भावना पैदा करते हैं ताकि आप सोचने-समझने का वक्त न लें।
2. पहचान सुनिश्चित करें
जब कोई व्यक्ति कहे कि वह पुलिस, CBI, IT विभाग या किसी सरकारी एजेंसी है, तो खुद से जांच करें। उनके द्वारा दिए गए नंबर या ईमेल से संपर्क करें जो आधिकारिक वेबसाइटों पर दिए हों—वे आपके द्वारा भेजे गए नंबरों/नंबरों से अलग होंगे।
3. कभी भी कॉल या वीडियो कॉल पर पैसे न भेजें
सरकारी एजेंसियाँ किसी से भी वीडियो कॉल पर, फोन कॉल पर या मैसेज से “रिज़र्व सिक्योरिटी डिपॉज़िट”, “फाइन”, “पेनाल्टी” आदि के नाम पर पैसे नहीं माँगतीं।
4. व्यक्तिगत जानकारी साँझा न करें
OTP, बैंक पासवर्ड, क्रेडिट/डेबिट कार्ड नंबर, बैंक खाते की डिटेयर आदि घुले-मिले माध्यम से न बताएं। किसी अनजान व्यक्ति को ये जानकारी देने से पहले बहुत सोचें।
5. अज्ञात नंबरों (unknown numbers) से सतर्क रहें
यदि कोई फोन +91 से नहीं है, या कोई अंतर्राष्ट्रीय कोड है या कोई अजीब नंबर हो, तो संभल कर चर्चा करें। ज़्यादातर scams अज्ञात या मैसेंजर/व्हाट्सऐप/सोशल मीडिया कॉल द्वारा होते हैं।
6. दस्तावेज़ और प्रमाण सुरक्षित रखें
यदि कोई कॉल/वीडियो कॉल आए जिसमें आप से धन या जानकारी मांगी जाए, तो स्क्रीनशॉट लें, कॉल रिकॉर्ड करें (जहाँ कानूनी हो), मैसेज/पीडीएफ आदि सहेजें। ये बाद में रिपोर्ट करने में मदद करेंगे।
7. यकीन न हो तो आधिकारिक चैनलों से जांच करें
अगर कोई कहे कि आपके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई है, तो नज़दीकी पुलिस स्टेशन जाएँ, या उस विभाग की सत्यापित वेबसाइट/हेल्पलाइन नंबर से संपर्क करें।
8. पड़ोसी, परिवार और सोशल सर्कल को जागरूक करें
बुजुर्ग लोग या तकनीकी-ज्ञान कम रखने वाले व्यक्ति अक्सर ज्यादा प्रभावित होते हैं। उन्हें ये बातें बताएँ: “डिजिटल अरेस्ट” जैसा कोई अधिकारिक प्रावधान अगले कॉल में वीडियो वार्ता से गिरफ्तारी नहीं करता।
9. रिपोर्ट करें
अगर आपको लग रहा है कि आप धोखे का शिकार हो सकते हैं या हो चुके हैं, तो तुरंत:
o National Cyber Crime Helpline 1930 को कॉल करें ETGovernment.com+2The Tribune+2
o Cyber Crime Reporting Portal (cybercrime.gov.in) पर दर्ज करें The Tribune+1
o अपने बैंक को सूचित करें कि क्या खाता अभी सक्रिय है, रोक लगवाएँ या ट्रांज़ैक्शन को रोकने की कोशिश करें।

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Laxmi Singh
09/09/2025

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Laxmi Singh

कुतुब पुर रेवाड़ी आंगनवाड़ी सैंटर में उपस्थित महिलाओं को तथा  आंगनबाड़ी वर्कर्स को महिला हेल्पलाइन 181, वन स्टॉप सेंटर म...
09/09/2025

कुतुब पुर रेवाड़ी आंगनवाड़ी सैंटर में उपस्थित महिलाओं को तथा आंगनबाड़ी वर्कर्स को महिला हेल्पलाइन 181, वन स्टॉप सेंटर में हिंसा पीड़ित महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं तथा पॉक्सो एक्ट के बारे में विस्तार से बताया इस अवसर पर यशु यादव सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी वर्कर्स तथा वार्ड की महिलाएं उपस्थित रही
Total number of beneficiaries - 47

कभी-कभी पति-पत्नी का रिश्ता रेत के उस महल की तरह होता है जो बाहर से देखने में तो बहुत सुंदर लगता है, पर कमज़ोर नींव के च...
30/08/2025

कभी-कभी पति-पत्नी का रिश्ता रेत के उस महल की तरह होता है जो बाहर से देखने में तो बहुत सुंदर लगता है, पर कमज़ोर नींव के चलते किसी भी समय गिर सकता है, लेकिन यह भी सच है कि मजबूत इरादों और प्रयासों से इसे और भी सुंदर और मजबूत बनाया जा सकता है 💔😢🤕

📖 कहानी (Example Story):रीता (26 वर्ष) एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थी। उसके वरिष्ठ अधिकारी अक्सर उसे अनुचित मैसेज भेज...
26/08/2025

📖 कहानी (Example Story):

रीता (26 वर्ष) एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थी। उसके वरिष्ठ अधिकारी अक्सर उसे अनुचित मैसेज भेजते और निजी मीटिंग के बहाने बुलाते।
रीता ने पहले डर के कारण चुप्पी साधी, लेकिन मानसिक तनाव बढ़ने लगा।

👉 एक दिन उसने हिम्मत कर के महिला हेल्पलाइन 181 पर कॉल किया।
181 हेल्पलाइन ने तुरंत वन स्टॉप सेंटर (OSC) से संपर्क कराया। वन स्टॉप सेंटर ने उससे तुरंत सम्पर्क किया और उसे जिला स्तर पर स्थानीय शिकायत समिति (LCC) के बारे में जानकारी दी जिसमे वह अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है

OSC ने दी गई सुविधाएँ:

कानूनी सलाह और वकील की मदद

काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक समर्थन

शिकायत को जिला स्थानीय शिकायत समिति (LCC) तक पहुँचाया

कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013 (POSH Act) के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की

नतीजा: आरोपी पर कार्रवाई हुई और रीता सुरक्षित माहौल में नौकरी जारी रख पाई।

कहानी – "उसकी चुप्पी टूटी, अब उसकी ज़िंदगी बदली"मैं, वन स्टॉप सेंटर (OSC) की काउंसलर, रोज़ाना कई महिलाओं की कहानियाँ सुन...
20/08/2025

कहानी – "उसकी चुप्पी टूटी, अब उसकी ज़िंदगी बदली"

मैं, वन स्टॉप सेंटर (OSC) की काउंसलर, रोज़ाना कई महिलाओं की कहानियाँ सुनती हूँ। एक दिन हमारे सेंटर में सीमा (बदला हुआ नाम) आई। चेहरे पर चोट के निशान और आँखों में आँसू थे। कई सालों से वह घरेलू हिंसा सह रही थी। लेकिन समाज और परिवार के डर से कभी आवाज़ नहीं उठा सकी।

वह बोली –
"मैडम, क्या सच में मुझे मदद मिलेगी? क्या मैं अपनी ज़िंदगी फिर से शुरू कर सकती हूँ?"

मैंने उसका हाथ थामा और कहा –
"हाँ, आप अकेली नहीं हैं। यहाँ आपकी सुरक्षा, क़ानूनी मदद, चिकित्सा सुविधा और काउंसलिंग – सब कुछ एक ही जगह मिलेगा।"

कुछ ही दिनों में, उसे न सिर्फ़ सुरक्षित ठिकाना मिला बल्कि क़ानूनी सहायता से न्याय की राह भी खुली। काउंसलिंग से उसका आत्मविश्वास लौटा और आज वह अपने बच्चों के साथ सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन जी रही है।

संदेश

लैंगिक आधारित हिंसा कोई "निजी मामला" नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है।
One Stop Center और महिला हेल्पलाइन 181 हर उस महिला के साथ खड़े हैं जो हिंसा, उत्पीड़न या शोषण का सामना कर रही है।

👉 चुप्पी तोड़ना ही पहला कदम है।
👉 हिंसा सहना आपकी मजबूरी नहीं, मदद लेना आपका अधिकार है।
👉 OSC का दरवाज़ा हमेशा खुला है – सुरक्षा, क़ानूनी मदद, काउंसलिंग और न्याय के लिए।



























Address

First Floor Janta Service Station OPP-Trauma Centre
Rewari
123401

Telephone

+919729289504

Website

https://missionshakti.wcd.gov.in/appointmentList

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