27/02/2026
शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय, रीवा में गुरु तेगबहादुर के बलिदान दिवस पर व्याख्यान आयोजित
रीवा। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय, रीवा में दिनांक 26 फरवरी 2026 को महान सिख गुरु, त्याग, तपस्या एवं धर्मरक्षा के अमर प्रतीक गुरु तेगबहादुर के बलिदान दिवस के अवसर पर इतिहास विभाग द्वारा एक गरिमामय व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिससे पूरे सभागार में श्रद्धा, भक्ति एवं प्रेरणा का वातावरण निर्मित हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो० अल्केश चतुर्वेदी, प्राचार्य प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस
शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, जबलपुर (म.प्र.) तथा अध्यक्ष, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम – पाठ्यपुस्तक स्थाई समिति, मध्यप्रदेश उपस्थित रहे, जिनका स्वागत महाविद्यालय परिवार की ओर से डॉ० विवेक द्वारा तुलसी वृक्ष भेंट कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० आर० एन० तिवारी ने की, जिनका स्वागत स्वाति शुक्ला द्वारा किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ० सुलभा सिंह सेंगर ने किया।
मुख्य अतिथि प्रो० अल्केश चतुर्वेदी ने अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में गुरु तेगबहादुर के महान व्यक्तित्व, उनके आध्यात्मिक चिंतन एवं अद्वितीय बलिदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे सिखों के नवें गुरु थे, जिन्होंने मुगल काल में धार्मिक स्वतंत्रता एवं मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि उस समय जब अन्याय एवं धार्मिक उत्पीड़न चरम पर था, तब गुरु तेगबहादुर ने निर्भीक होकर सत्य एवं धर्म की रक्षा का मार्ग चुना और अपने त्याग से मानवता के इतिहास में अमिट उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि समाज के मूल्यों, संघर्षों एवं आदर्शों का दर्पण है। विद्यार्थियों को इतिहास का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए, क्योंकि इतिहास हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है, सही-गलत का बोध कराता है तथा भविष्य के निर्माण के लिए दिशा प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने व्यक्तित्व का निर्माण करें तथा राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो० आर० एन० तिवारी ने कहा कि गुरु तेगबहादुर का बलिदान भारतीय इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय है, जो हमें धर्म, संस्कृति एवं मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिकता, चरित्र, अनुशासन एवं राष्ट्रीय चेतना का विकास करना भी है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने गौरवशाली इतिहास एवं महान महापुरुषों के आदर्शों से परिचित कराते हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास एवं राष्ट्रभक्ति की भावना सुदृढ़ होती है।
आईक्यूएसी प्रभारी डॉ० नीलम पाण्डेय सहित महाविद्यालय परिवार द्वारा मुख्य अतिथि का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। अंत में इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ० सुलभा सिंह सेंगर ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अतिथि विद्वान एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।